फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   302 students skipped Munshi-Maulavi and Alim exams

Basti News: सब्जियों के भाव में गिरावट... किसान हुए मायूस

Wed, 19 Feb 2025 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 19 Feb 2025 11:22 PM IST
विज्ञापन
302 students skipped Munshi-Maulavi and Alim exams
बाजार में सस्ते दाम पर बिक रही स​ब्जियां
सब्जियों के गिरते भाव ने बढ़ाया थाली का जायका
विज्ञापन




संवाद न्यूज एजेंसी

बस्ती। सब्जियों की उपज अच्छी होने से मंडियों में आवक बढ़ गई है। इस कारण भाव में गिरावट आ गई है। सब्जियों का मूल्य घटने से एक तरफ थाली का जायका बढ़ गया है। वहीं किसान मायूस हो रहे हैं। उन्हें फसल की अच्छी कीमत नहीं मिल रही है।
सहालग के सीजन के बावजूद इस साल सब्जियां सस्ती हैं। उम्मीद की जा रही थी सहालग का सीजन शुरू होने के बाद बाजार में सब्जियों के भाव में तेजी आएगी, मगर आवक तेज होने से सब्जियों के भाव बढ़ने की जगह 15 दिनों में 20 फीसदी और घट गई है। भाव में नरमी से शादी-विवाह के कार्यक्रमों और घरों में सब्जियां पर्याप्त मात्रा में मंगाई जा रही है।
विज्ञापन

थाली में सब्जियोंं की मात्रा बढ़ गई है। इससे ज्यादा आम जनता को फायदा पहुंचा है। जबकि भाव गिरने से किसानों को नुकसान उठाकर अपनी फसल बेचना पड़ रहा है। इससे वह चिंतित हैं। कंपनी बाग में सब्जी खरीदने पहुंची अनीता देवी का कहना है कि भाव काबू में होने के कारण आधा किलो की जगह एक किलो सब्जी खरीदने में अब दिक्कत नहीं हो रही है। नहीं तो थोड़ी सब्जियों से ही काम चलाना पड़ता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

..

सब्जियों का दाम थोक भाव फुटकर भाव

टमाटर 20- 25

गोभी 10- 15

बंद गोभी 10

मटर 20- 30

पालक 13- 25

मिर्चा 40-50

आलू 20- 25

प्याज 35 45

बैगन 20- 25

लहसुन 100- 120

( सब्जियों के भाव प्रति किलो रुपये में है )

..

लोकल और बाहर की सब्जियों के आवक तेज है। पैदावार भी इस साल अच्छी रही। इसके कारण मंडी में खूब सब्जियां आ रही हैं। भाव में भी तेजी नहीं है। सब्जी की पैदावार कर घाटे का सौंदा करना पड़ रहा है।


घनश्याम निषाद, किसान, फुलवरिया
..

इस साल सब्जियों की पैदावार अच्छी होने के कारण आवक तेज है। इसके कारण सब्जियोें के भाव नहीं बढ़े। हम जैसे किसानों की मूल पूंजी जा रही है। घाटे का सौदा करना पड़ रहा है। औने-पौने भाव में बेचना पड़ रहा है।

- तुलसीराम, किसान, पोखरनी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed