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स्वाइन फ्लू ने लील ली एक और जिंदगी
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:48 PM IST
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स्वाइन फ्लू से एक और मौत
महराजगंज।
संक्रामक रोगों के लिए अति संवेदनशील मौसम में जहां जेई-एईएस और डेंगू को लेकर स्वास्थ्य महकमा कमर कसे हुए है वहीं, इस बार स्वाइन फ्लू ने भी जिले में दस्तक दे दी है। अब तक स्वाइन फ्लू से तीन मौतें हो चुकी हैं। शुक्रवार को स्वाइन फ्लू ने एक महिला की भी जिंदगी छीन ली। हालांकि, स्वास्थ्य महकमा निरोधात्मक कार्रवाई का दावा कर रहा है, मगर एक के बाद एक स्वाइन फ्लू से हो रही मौतों से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिले में तीसरी मौत कप्तानगंज ब्लॉक के पगार गांव में हुई। यहां स्वाइन फ्लू से पीड़ित महिला की गोरखपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। पगार गांव की 25 वर्षीय सुमन पत्नी रवींद्र कुमार को 24 अगस्त को अचानक सर्दी के साथ तेज बुखार हो गया। परिवार के लोग उसे इलाज के लिये कप्तानगंज सीएचसी पर ले गये। हालत बिगड़ती देखकर परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल ले गये, मगर सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिवार के लोग उसे गोरखपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए जहां उसकी मौत हो गई है। पति रवींद्र कुमार ने बताया की वहां पर डॉक्टरों ने जांच के दौरान स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की थी। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने बताया कि रोग से बचाव के लिये वहां टीम को मौके पर भेजा गया है। घर के सभी सदस्यों को टीम स्वाइन फ्लू की दवा खिलाएगी। ताकि अन्य कोई प्रभावित न हो।
बता दें कि स्वाइन फ्लू से पहली मौत अगस्त माह के दूसरे सप्ताह में शहर के पिकौरा बक्श निवासी बुजुर्ग परमात्मा प्रसाद श्रीवास्तव की हुई। इन्हें पहले सर्दी जुकाम हुआ। इसके बाद जब इनकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग निजी अस्पताल में इलाज कराए, मगर कोई लाभ नहीं हुआ और डॉक्टर ने इन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। जहां केजीएमयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। दूसरी मौत दुबौलिया ब्लॉक के फेरसहन गांव के 27 वर्षीय युवक दुर्गेश की 14 अगस्त को हुई। दुर्गेश को भी तेज बुखार के बाद सर्दी जुकाम हुआ और उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग लखनऊ केजीएमयू में दाखिल कराए जहां उसकी मौत हो गई। इन दोनों घरों में टीम पहुंची और परिवार के अन्य सदस्यों को बुखार आदि की दवा देकर स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति जागरूक किया।
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महराजगंज।
संक्रामक रोगों के लिए अति संवेदनशील मौसम में जहां जेई-एईएस और डेंगू को लेकर स्वास्थ्य महकमा कमर कसे हुए है वहीं, इस बार स्वाइन फ्लू ने भी जिले में दस्तक दे दी है। अब तक स्वाइन फ्लू से तीन मौतें हो चुकी हैं। शुक्रवार को स्वाइन फ्लू ने एक महिला की भी जिंदगी छीन ली। हालांकि, स्वास्थ्य महकमा निरोधात्मक कार्रवाई का दावा कर रहा है, मगर एक के बाद एक स्वाइन फ्लू से हो रही मौतों से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिले में तीसरी मौत कप्तानगंज ब्लॉक के पगार गांव में हुई। यहां स्वाइन फ्लू से पीड़ित महिला की गोरखपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। पगार गांव की 25 वर्षीय सुमन पत्नी रवींद्र कुमार को 24 अगस्त को अचानक सर्दी के साथ तेज बुखार हो गया। परिवार के लोग उसे इलाज के लिये कप्तानगंज सीएचसी पर ले गये। हालत बिगड़ती देखकर परिवार के लोग उन्हें जिला अस्पताल ले गये, मगर सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिवार के लोग उसे गोरखपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए जहां उसकी मौत हो गई है। पति रवींद्र कुमार ने बताया की वहां पर डॉक्टरों ने जांच के दौरान स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि की थी। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने बताया कि रोग से बचाव के लिये वहां टीम को मौके पर भेजा गया है। घर के सभी सदस्यों को टीम स्वाइन फ्लू की दवा खिलाएगी। ताकि अन्य कोई प्रभावित न हो।
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बता दें कि स्वाइन फ्लू से पहली मौत अगस्त माह के दूसरे सप्ताह में शहर के पिकौरा बक्श निवासी बुजुर्ग परमात्मा प्रसाद श्रीवास्तव की हुई। इन्हें पहले सर्दी जुकाम हुआ। इसके बाद जब इनकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग निजी अस्पताल में इलाज कराए, मगर कोई लाभ नहीं हुआ और डॉक्टर ने इन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। जहां केजीएमयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। दूसरी मौत दुबौलिया ब्लॉक के फेरसहन गांव के 27 वर्षीय युवक दुर्गेश की 14 अगस्त को हुई। दुर्गेश को भी तेज बुखार के बाद सर्दी जुकाम हुआ और उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिवार के लोग लखनऊ केजीएमयू में दाखिल कराए जहां उसकी मौत हो गई। इन दोनों घरों में टीम पहुंची और परिवार के अन्य सदस्यों को बुखार आदि की दवा देकर स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति जागरूक किया।
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