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दशहरा आज,मरेगा बुराइयों का रावण

Fri, 29 Sep 2017 11:03 PM IST
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:03 PM IST
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दशहरा आज,मरेगा बुराइयों का रावण
दशहरा आज, मरेगा बुराइयों का रावण
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बस्ती।
बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा का त्योहार पूरे हर्षोल्लास और पारंपरिक माहौल में मनाया जा रहा है। शारदीय नवरात्रि की दशमी तिथि पर एक ओर जहां व्रती श्रद्धालु पारायण करेंगे। वहीं, माता भगवती की प्रतिमाओं का विसर्जन भी किया जाएगा। हालांकि, यहां देहात और शहर की प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्णिमा तक होता है। मुहूर्त आदि के मद्देनजर सुविधा को देखते हुए अलग-अलग तिथियों में विसर्जन किया जाता है। जगह-जगह मेले लगेंगे, जहां भक्तों का भारी रेला उमड़ेगा।
जिले में स्थापित 1178 दुर्गा प्रतिमाओं में विभिन्न क्षेत्र की 250 प्रतिमाओं का शनिवार को विसर्जन हो जाएगा। ज्यादातर जिले के ही निकट के घाटों पर विसर्जन होगा। मगर कुछ प्रतिमाएं फैजाबाद और गोंडा जिले की सीमा क्षेत्र में विसर्जित की जाती रही हैं। इस बार भी वही व्यवस्था की गई है।
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एसपी संकल्प शर्मा की अगुवाई में शुक्रवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रोड मार्च किया गया। एंटी सबोटॉस टीमें पंडालों की चेकिंग करती रहीं। एसपी ने बताया कि यातायात व्यवस्था का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
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आपात के लिए में क्यूआरटी रिजर्व
पुलिस प्रशासन की तरफ से विसर्जन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने के दावे किए गए हैं। किसी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व पुलिस बल और क्यूआरटी टीम लाइन व सभी थानों पर अलर्ट स्थिति में मौजूद रहेगी। विसर्जन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे और वीडियो रिकार्डिंग होगी। प्रतिमा के चारों तरफ सादे कपड़े में पुरुष और महिला पुलिस कर्मी नजर रखेंगे। इसमें आयोजन समिति के लोग भी सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे।
कंट्रोल रूम भी अलर्ट
एसपी ने दुर्गा पूजा मेले और विसर्जन को देखते हुए कंट्रोल रूम को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्दश दिए हैं। कंट्रोल रूम तक आने वाली हर छोटी-बड़ी को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। रिजर्व पुलिस बल में तीन इंस्पेक्टर, दो उप निरीक्षक, 70 सिपाही और 40 होमगार्ड सुरक्षित रखे गए हैं।

कंपनीबाग के विहंगम पंडाल में बिराजीं माता रानी

बस्ती।
1968 से लगातार स्थापित की जा रही दुर्गापूजा का पंडाल इस बार दक्षिण भारत के भव्यतम मंदिरों को देखकर सजाया गया है। महंगे सजावटी झालरों और इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों का इस्तेमाल करके बेहद खूबसूरत लुक दिया जा रहा है। पंडाल में आस्था के जरिए पर्यावरण और स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है।
भव्यता को लेकर न केवल जनपद, बल्कि पूरे पूर्वांचल में चर्चित शहर के पंडालों में दशहरा को देहात में प्रतिमा विसर्जन के बाद इस पंडाल की ऐसी आभा उभरती रही है कि देखने वाला देखता रह जाए। टेंट कारोबारी और आयोजन समिति के संयोजक कमल सेन बताते हैं कि माता रानी का पंडाल सजाना कोई एक दिन का काम नहीं है, अपितु इसकी तैयारी पूरे वर्ष चलती रहती है। तन-मन-धन से आयोजन को दिव्य बनाने में जुटे आयोजन कमेटी के वरिष्ठ सुरेश खत्री, पवन मल्होत्रा, मुकेश मल्होत्रा, ओम प्रकाश अरोरा बताते हैं कि पूरे वर्ष का यह एक ऐसा आयोजन है, जिसको और बेहतर बनाने के लिए सभी तरकीब सोचते रहते हैं।
नसीरुद्दीन पर पंडाल का जिम्मा
वर्षों से कंपनीबाग का भव्य पंडाल बनाते आ रहे झारखंड के भंडरकुंडा निवासी नसरुद्दीन बताते हैं कि उनके दो दर्जन से ज्यादा कारीगर-सहयोगी आदि दिनरात पंडाल बनाने में जुटे हैं। मगर वे पहले से डिजाइन के बारे में ज्यादा जिक्र करने से बचते रहे।
ज्योतिषीय पद्धति का प्रयोग
कंपनीबाग के दुर्गापूजा की एक बड़ी खासियत यह भी है कि वहां प्रतिमा उसी स्थल पर बनाई जाती है। इसके लिए बिना किसी बाहरी मूर्तिकार कलाकार की मदद लिए कमेटी के प्रमुख सदस्य राजू खत्री खुद तैयार करते हैं। ज्योतिषीय अंक-गणित और रासायनिक अवयवों आदि की अच्छी परख रखने वाले खत्री बताते हैं कि यह काम उनके लिए साधना से बढ़कर है।

आज निकलेगी ज्योति यात्रा, तैयारियां पूरी

बस्ती। आस्था का केंद्र बन चुकी ज्योति यात्रा 30 को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शनिवार को कंपनीबाग से यह यात्रा निकलेगी। बृहस्पतिवार को भव्य बनाने को अंतिम रूप दिया गया। आयोजक कमल सेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुरक्षा की दृष्टि से पूरे यात्रा की निगरानी ड्रोन कैमरों से करने का निर्णय लिया गया। दायित्वों का निर्धारण किया गया।
विजय दशमी 30 सितंबर को ज्योति यात्रा 17वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। आयोजक कमल सेन से बताया कि यह कार्यक्रम पूरी तरह जन सहयोग से आयोजित की जा रही है। इस बार भी गंगा आरती का आयोजन होगा। कंपनीबाग से गांधीनगर होते हुए पुलिस चौकी तक निकलने वाली यात्रा को रास्ते भर फूलों की वर्षा क्रेन से कराने की व्यवस्था बनाई गई है। लाल झंडाधारी घुड़सवार ज्योति यात्रा के मार्ग का पथ प्रदर्शन करेंगे। लखनऊ के संजय साहू ग्रुप द्वारा यात्रा में ध्वनि दी जाएगी जबकि इलाहाबाद की दुधिया रोशनी से यात्रा नहाई रहेगी। इस ज्योति यात्रा को यादगार बनाने के लिए अन्य आकर्षक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। बैठक में बलवंत सिंह, बाबूराम दुबे, दिनेशपाल, जगदीश शुक्ल, भूपेंद्र चौधरी, अज्जू हिंदुस्थानी, विवेक गिरोत्रा, राजन गुप्त, अंकुर वर्मा, पवन कुमार और विनय गौड़ सहित अन्य मौजूद रहे।


धवाय में खाली कराया गया मेला स्थल

भानपुर।
सोनहा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत धवाय में दुर्गा पूजा स्थल को खाली करा दिया गया है। शुक्रवार को राजस्व और पुलिस टीम ने पैमाइश कराकर मेलास्थल से अलग पट़टेदारों को पट्टा दिया गया। इसके बाद मामले का पटाक्षेप हो गया।
धवाय में दुर्गापूजा स्थल पर पट्टा कर दिए जाने और पट्टेदारों की ओर से उस पर बुआई कर देने से गांव वालों में विवाद की स्थिति बन गई थी। बृहस्पतिवार को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने एसडीएम हरिश्चन्द्र सिंह से मिल कर मेला स्थल को फौरी तौर पर खाली कराने की गुहार लगाई थी। सांसद हरीश द्विवेदी से भी मामले का हल निकलवाने की अपील की थी। एसडीएम के निर्देश पर शुक्रवार सुबह धवाय पहुुंची राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पैमाइश की। कई बार ग्रामीण आक्रोशित हुए लेकिन पुलिस कर्मियों ने उन्हेें समझाकर शान्त कराया। अंत में मेला स्थल पर पट्टा पाने वाले तीन किसानों शिवपूजन, सीतापति और भूईधर से जमीन खाली कराकर उन्हें दूसरी जमीन दे दी गई। जिस पर सभी पट्टेदारों ने स्वीकृति भी दी है कि मेला स्थल के लिए खाली कराई गई जमीन पर किसी प्रकार का कब्जा आगे नही करेंगे। फसल की क्षतिपूर्ति भी दी गई है। राजस्व निरीक्षक हरिशंकर पाठक, वरिष्ठ लेखपाल कृष्ण चन्द्र चौधरी और हलका लेखपाल रविचंद्र श्रीवास्तव के साथ सोनहा पुलिस मुस्तैद रही।

पर्व के लिए अफसरों को दी जिम्मेदारी

भानपुर।
तहसील क्षेत्र में दुर्गापूजा और पूर्णिमा के मौके पर शांति व्यवस्था और प्रतिमा विसर्जन कराने के लिए एसडीएम हरिश्चन्द्र सिंह ने तहसीलदार से लेकर क्षेत्रीय लेखपाल तक की ड्यूटी निर्धारित कर दी है।
तहसील कार्यालय के मुताबिक तहसीलदार जसीम अहमद को शिवाघाट पुल पर प्रतिमा विसर्जन की जिम्मेदारी तो राजस्व निरीक्षक हरिशंकर पाठक को बैड़ापुल समय स्थान पर लगाया गया है। वहीं, रामअचल शर्मा को बालेडीहा एवं चौराघाट, रामकमल को बैडवानाला किसान इंटर कॉलेज भानपुर के पीछे, बहरैची शर्मा को बराह क्षेत्र घाट, भैरवनाथ को नरखोरिया, लक्षिमनपुर तथा सभी लेखपालों को उनके हलके के विसर्जन स्थल पर शांति व्यवस्था एवं प्रतिमा विसर्जन की जिम्मेदारी दी गई है। एसडीएम ने सभी को निर्देशित किया है कि किसी भी अप्रिय घटना अथवा प्रतिमा विसर्जन संपन्न होने की सूचना उनके सीयूजी नंबर9454415905 पर दी जाए।

प्रतिमा विसर्जन और मुहर्रम में कड़ी निगहबानी

विक्रमजोत। इस वर्ष दशहरा और मोहरर्म पर्व एक साथ है। इन त्योहरों में खलल न पड़े। इसके मद्देनजर पुलिस ने व्यवस्था को चाक चौबंद रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर रखे हैं।
जहां सभी दुर्गापूजा व्यवस्थापकों के नाम मोबाइल नंबर और कार्यक्रमों का विवरण पहले से मांग लिया गया है तो विसर्जन स्थलों पर जाने का समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। तेज आवाज वाले साउंड डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर प्रतिबंध है, तो दुर्गापूजा पंडालों में अग्निशमन यंत्रों के रखने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, दुर्गापूजा आयोजकों में जबरदस्त उत्साह है। विक्रमजोत, छावनी, मलौली में दुर्गा पूजा मेला में भारी भीड़ और वृहद आयोजन को देखते हुए यहां अलग से पुलिस बल तैनात करने का फैसला किया है।
थाना छावनी क्षेत्र में कुल 52 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हुई हैं तो थाना कि एक मात्र विक्रमजोत चौकी क्षेत्र में 24 प्रतिमाएं स्थापित हैं। इनमें नौ दिनों तक पूजा अर्चना के बाद 30 सितंबर को दशहरा के दिन भर 10 चिह्नित स्थलों पर परंपरा के अनुसार विसर्जन किया जायेगा। इसमें रामरेखा, दस नम्बर ठोकर कल्याणपुर, अयोध्या, केशवपुर, वीरपुर खरहरा, अमारी, कासीपुर, कोटिया जंगल, विक्रमजोत, रमवापुर तिवारी, अर्जुनपुर नहर पम्प कैनाल, सिटकहा बंधा पर देवी प्रतिमाओं का विसर्जन होगा।

मुस्लिम समुदाय के मुहर्रम में 150 ताजियादारों को चिह्नित किया गया है। 15 कर्बला स्थल चिह्नित हैं। इसमें खतमसराय, नाल्हीपुर, मलौली गोसाई, धुसैनिया, सेवरालाला, रामगढ़, लखनीपुर, पूरे हेमराज, बुझौकापुर, तूर्सी, दिवान पुरवा, अमोढा, पडरी मिश्र, मलौली दूवे प्रमुख है। जहां ताजिया दफन करेंगे। पूरे थाना क्षेत्र में एक मात्र मलौली गोसाई गांव में शिया समुदाय रहता है। यहां दस दिनों तक मातमी जुलूस निकाला जाता है फिर ताजिया को कर्बला में दफन करते हैं।
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