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दो लाख बच्चे करेंगे ई-पाठशाला से पढ़ाई
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दो लाख बच्चे करेंगे ई-पाठशाला से पढ़ाई
जिन बच्चों के पास नहीं हैं स्मार्ट फोन, उन्हें प्रेरणा सारथी करेंगे मदद
व्हाट्सएप ग्रुपों से जोड़कर बच्चों तक पहुंचाई जाएगी है पठन सामग्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परिषदीय स्कूलों के ताले बृहस्पतिवार से खुल गए। जिले के 2074 परिषदीय स्कूलों के करीब दो लाख बच्चों की ई-पाठशाला से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। इस अभियान के तहत जिन बच्चों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं, उन तक पठन सामग्री पहुंचाने के लिए प्रेरणा सारथी की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुपों से जोड़कर उन तक शैक्षणिक सामग्री आडियो-वीडियो के रूप में भेजी जाएगी।
ई-पाठशाला के चतुर्थ चरण में सौ फीसदी विद्यार्थियों तक पहुंचने और लर्निंग आउटकम आधारित आधारित शिक्षण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत शिक्षक, अभिभावकों और विद्यार्थियों को स्मार्टफोन में दीक्षा एप के साथ प्रेरणा लक्ष्य एप और रीड अलांग एप इंस्टाल कर उसके माध्यम से सिखाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके तहत हर रोज कम से कम 20 मिनट बुनियादी शिक्षा व गणितीय कौशल पर आधारित अभ्यास कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। समृद्ध माड्यूल आधारित शैक्षणिक सामग्री व्हाट्सएप व दूरदर्शन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। सप्ताह में प्रत्येक शनिवार को बच्चों को व्हाट्सएप समूहों में टेस्ट के लिए प्रश्नोत्तरी भी भेजी जाएगी। इसमें प्रतिभाग करने पर बच्चों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। इसके लिए जिले में तीन एसआरजी, 75 एआरपी व 15 डायट मेंटरों की तैनाती की गई है। इसके अलावा अभिभावकों को एसएससी मॉड्यूल से जोड़कर ऑनलाइन मीटिंग से जोड़कर बच्चों की पढ़ाई के माहौल बनाने व ऑनलाइन सहयोग का कार्य किया जाएगा। शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने के साथ प्रत्येक दिन पांच विद्यालयों के साथ ई-पाठशाला के संबंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की जाएगी। राष्ट्रपति पदक प्राप्त व मॉडल प्राथमिक विद्यालय मूड़घाट के प्रधानाध्यापक डॉ. सर्वेष्ट मिश्र ने कहा कि इससे बच्चों को घर बैठे पढ़ाई करने में मदद मिलेगी। धमौरा के गुरदीन ने कहा कि अब इस बात की चिंता खत्म हो गई है कि स्कूल न खुलने पर बच्चा पढ़ाई कैसे करेगा। मूड़घाट प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच की छात्रा कशिश यादव ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई से कोर्स पूरा करने में काफी मदद मिल रही है। वहीं, कक्षा पांच के सुधांशु ने कहा कि अब स्कूल गए बिना ही अच्छी तरह से पढ़ाई हो रही है।
प्रेरणा सारथी के रूप में समाज के लोग कर रहे सहयोग
ऑनलाइन शिक्षण में संसाधन अड़चन न बनें, इसके लिए प्रेरणा साथी के रूप में निस्वार्थ सहायता देने के लिए तत्पर निकट के रिश्तेदार, पड़ोसी, स्कूल व समुदाय के ऐसे शुभचिंतकों को जिनके पास स्मार्टफोन व इंटरनेट हैं। उन्हें प्रेरणा सारथी के रूप में चयनित किया गया है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर उन्हें अपने स्मार्ट फोन पर उनके आसपास के कुछ बच्चों को जोड़कर शिक्षण सामग्री उन तक भेजने व प्रेरणा लक्ष्य एप पर अभ्यास का कार्य कराया जा रहा है।
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कोट
शैक्षणिक सत्र 2021-22 में बेसिक शिक्षा परिषद के 2074 स्कूलों के दो लाख से अधिक बच्चे ई-पाठशाला फेज-फोर के जरिए पढ़ाई कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान मिशन प्रेरणा के तहत ई-पाठशाला 4 की शुरुआत की गई है। इसमें अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच समन्वय स्थापित कर विभाग की ओर से सभी विद्यार्थियों तक पहुंचकर उन्हें ई-पाठशाला की गतिविधियों के साथ ऑनलाइन पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
-जगदीश शुक्ल, बीएसए
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जिन बच्चों के पास नहीं हैं स्मार्ट फोन, उन्हें प्रेरणा सारथी करेंगे मदद
व्हाट्सएप ग्रुपों से जोड़कर बच्चों तक पहुंचाई जाएगी है पठन सामग्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परिषदीय स्कूलों के ताले बृहस्पतिवार से खुल गए। जिले के 2074 परिषदीय स्कूलों के करीब दो लाख बच्चों की ई-पाठशाला से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। इस अभियान के तहत जिन बच्चों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं, उन तक पठन सामग्री पहुंचाने के लिए प्रेरणा सारथी की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुपों से जोड़कर उन तक शैक्षणिक सामग्री आडियो-वीडियो के रूप में भेजी जाएगी।
ई-पाठशाला के चतुर्थ चरण में सौ फीसदी विद्यार्थियों तक पहुंचने और लर्निंग आउटकम आधारित आधारित शिक्षण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत शिक्षक, अभिभावकों और विद्यार्थियों को स्मार्टफोन में दीक्षा एप के साथ प्रेरणा लक्ष्य एप और रीड अलांग एप इंस्टाल कर उसके माध्यम से सिखाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके तहत हर रोज कम से कम 20 मिनट बुनियादी शिक्षा व गणितीय कौशल पर आधारित अभ्यास कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। समृद्ध माड्यूल आधारित शैक्षणिक सामग्री व्हाट्सएप व दूरदर्शन के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। सप्ताह में प्रत्येक शनिवार को बच्चों को व्हाट्सएप समूहों में टेस्ट के लिए प्रश्नोत्तरी भी भेजी जाएगी। इसमें प्रतिभाग करने पर बच्चों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। इसके लिए जिले में तीन एसआरजी, 75 एआरपी व 15 डायट मेंटरों की तैनाती की गई है। इसके अलावा अभिभावकों को एसएससी मॉड्यूल से जोड़कर ऑनलाइन मीटिंग से जोड़कर बच्चों की पढ़ाई के माहौल बनाने व ऑनलाइन सहयोग का कार्य किया जाएगा। शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने के साथ प्रत्येक दिन पांच विद्यालयों के साथ ई-पाठशाला के संबंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग भी की जाएगी। राष्ट्रपति पदक प्राप्त व मॉडल प्राथमिक विद्यालय मूड़घाट के प्रधानाध्यापक डॉ. सर्वेष्ट मिश्र ने कहा कि इससे बच्चों को घर बैठे पढ़ाई करने में मदद मिलेगी। धमौरा के गुरदीन ने कहा कि अब इस बात की चिंता खत्म हो गई है कि स्कूल न खुलने पर बच्चा पढ़ाई कैसे करेगा। मूड़घाट प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच की छात्रा कशिश यादव ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई से कोर्स पूरा करने में काफी मदद मिल रही है। वहीं, कक्षा पांच के सुधांशु ने कहा कि अब स्कूल गए बिना ही अच्छी तरह से पढ़ाई हो रही है।
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प्रेरणा सारथी के रूप में समाज के लोग कर रहे सहयोग
ऑनलाइन शिक्षण में संसाधन अड़चन न बनें, इसके लिए प्रेरणा साथी के रूप में निस्वार्थ सहायता देने के लिए तत्पर निकट के रिश्तेदार, पड़ोसी, स्कूल व समुदाय के ऐसे शुभचिंतकों को जिनके पास स्मार्टफोन व इंटरनेट हैं। उन्हें प्रेरणा सारथी के रूप में चयनित किया गया है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर उन्हें अपने स्मार्ट फोन पर उनके आसपास के कुछ बच्चों को जोड़कर शिक्षण सामग्री उन तक भेजने व प्रेरणा लक्ष्य एप पर अभ्यास का कार्य कराया जा रहा है।
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शैक्षणिक सत्र 2021-22 में बेसिक शिक्षा परिषद के 2074 स्कूलों के दो लाख से अधिक बच्चे ई-पाठशाला फेज-फोर के जरिए पढ़ाई कर रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान मिशन प्रेरणा के तहत ई-पाठशाला 4 की शुरुआत की गई है। इसमें अभिभावकों, विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच समन्वय स्थापित कर विभाग की ओर से सभी विद्यार्थियों तक पहुंचकर उन्हें ई-पाठशाला की गतिविधियों के साथ ऑनलाइन पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
-जगदीश शुक्ल, बीएसए