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नगर पालिका: कागजों में बढ़ रही रैंकिंग, धरातल पर बिखरे कूड़े
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फोटो
कागज में बढ़ रही रैंकिंग, धरातल पर बिखरे कूड़े
400 सफाई कर्मियों के जिम्मे हैं शहर की सफाई
कूड़ा उठाने के लिए लगे हैं 26 टेंपो, हालत बदतर
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर में सफाई व्यवस्था की पोल खोलने के लिए प्रमुख चौराहों से लेकर वार्ड की गलियां ही काफी हैं। कारण कि यहां समय से कूड़ा ही नहीं उठता। इसके चलते लोगों को दुर्गंधयुक्त माहौल से होकर गुजरना पड़ता है। जानकर हैरानी होगी कि सफाई के मामले में लगातार पालिका की रैंकिंग भी कागज में बढ़ रही है, लेकिन धरातल पर बिखरे कूड़े कुछ अलग ही गवाही दे रहे हैं।
सवा लाख की आबादी वाले शहर में 25 वार्ड हैं। इन वार्डों सहित सैकड़ों लोगों की सफाई की जिम्मेदारी में चार सौ सफाई कर्मी व दो सफाई निरीक्षक लगे हुए हैं। यही नहीं कूड़ा ले जाने के लिए 26 टेंपो, तीन ट्रक और छह ट्रैक्टर ट्रॉलियां भी हैं। जिनपर हर माह लाखों रुपये खर्च भी हो रहे हैं। लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था है कि बेहतर होने का नाम तक नहीं ले रही है।
यहां पड़ा रहता है कूड़ा
सफाई कर्मियों की लंबी फौज के बाद भी शास्त्री चौक, गांधीनगर, बाटागली, टाउंन क्लब, पक्के बाजार पुलिस बूथ के बगल, रोडवेज तिराहा, दक्षिण दरवाजा सहित अन्य स्थानों पर कूड़े का ढेर लगा रहता है, यही स्थित आपको वार्ड की गलियों में भी कूड़े दिख जाएंगे, लेकिन जिम्मेदारों की नजर इसपर नहीं पड़ रही है।
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जनता के सहयोग की जरूरत: अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रूपम मिश्र कहती हैं कि शहर की सफाई में सभी के सहयोग की आवश्यकता है। बताती हैं कि कूड़ा उठाने के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। कुछ लोग कूड़ों को नियत स्थान पर न रख कर इधर-उधर फेंक देते हैं। इससे गंदगी बिखर जाती है। अपील करती हैं कि सभी एक स्थान पर कूड़ा रखें। ताकि आसानी से कर्मचारी उठा सकें।
रात में ही कूड़ा उठाने की व्यवस्था बनी है: ईओ
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ मणिभूषण त्रिपाठी कहते हैं कि शहर की सड़कों से रात्रि में कूड़ा उठाने की व्यवस्था बनाई गई है। क्योंकि दिन में भीड़ के चलते ठीक से सफाई नहीं हो पाती थी। वहीं, वार्डों में पांच से लेकर नौ सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। कहते हैं कि सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वह स्वयं ही निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लेते रहते हैं।
नगर पालिका को मिली जमीन
बस्ती। लंबे समय से कूड़ा निस्तारण केंद्र के लिए भूमि तलाश रही नगर पालिका को आखिरकार जमीन मिल ही गई और अब शहर के कूड़ों को नियत स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। गोटवा के पास कोइलपुरा में नगर पालिका को 2.74 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर दी गई है। अब पालिका को कूड़ा निस्तारण में कोई समस्या नहीं आएगी। पहले शहर के कूड़े को कुआनों नदी के समीप गिराया जाता था। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ मणिभूषण त्रिपाठी कहते हैं कि भूमि मिल गई है और शहर के कूड़ों का निस्तारण किया जा रहा है।
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कागज में बढ़ रही रैंकिंग, धरातल पर बिखरे कूड़े
400 सफाई कर्मियों के जिम्मे हैं शहर की सफाई
कूड़ा उठाने के लिए लगे हैं 26 टेंपो, हालत बदतर
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर में सफाई व्यवस्था की पोल खोलने के लिए प्रमुख चौराहों से लेकर वार्ड की गलियां ही काफी हैं। कारण कि यहां समय से कूड़ा ही नहीं उठता। इसके चलते लोगों को दुर्गंधयुक्त माहौल से होकर गुजरना पड़ता है। जानकर हैरानी होगी कि सफाई के मामले में लगातार पालिका की रैंकिंग भी कागज में बढ़ रही है, लेकिन धरातल पर बिखरे कूड़े कुछ अलग ही गवाही दे रहे हैं।
सवा लाख की आबादी वाले शहर में 25 वार्ड हैं। इन वार्डों सहित सैकड़ों लोगों की सफाई की जिम्मेदारी में चार सौ सफाई कर्मी व दो सफाई निरीक्षक लगे हुए हैं। यही नहीं कूड़ा ले जाने के लिए 26 टेंपो, तीन ट्रक और छह ट्रैक्टर ट्रॉलियां भी हैं। जिनपर हर माह लाखों रुपये खर्च भी हो रहे हैं। लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था है कि बेहतर होने का नाम तक नहीं ले रही है।
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यहां पड़ा रहता है कूड़ा
सफाई कर्मियों की लंबी फौज के बाद भी शास्त्री चौक, गांधीनगर, बाटागली, टाउंन क्लब, पक्के बाजार पुलिस बूथ के बगल, रोडवेज तिराहा, दक्षिण दरवाजा सहित अन्य स्थानों पर कूड़े का ढेर लगा रहता है, यही स्थित आपको वार्ड की गलियों में भी कूड़े दिख जाएंगे, लेकिन जिम्मेदारों की नजर इसपर नहीं पड़ रही है।
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जनता के सहयोग की जरूरत: अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष रूपम मिश्र कहती हैं कि शहर की सफाई में सभी के सहयोग की आवश्यकता है। बताती हैं कि कूड़ा उठाने के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। कुछ लोग कूड़ों को नियत स्थान पर न रख कर इधर-उधर फेंक देते हैं। इससे गंदगी बिखर जाती है। अपील करती हैं कि सभी एक स्थान पर कूड़ा रखें। ताकि आसानी से कर्मचारी उठा सकें।
रात में ही कूड़ा उठाने की व्यवस्था बनी है: ईओ
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ मणिभूषण त्रिपाठी कहते हैं कि शहर की सड़कों से रात्रि में कूड़ा उठाने की व्यवस्था बनाई गई है। क्योंकि दिन में भीड़ के चलते ठीक से सफाई नहीं हो पाती थी। वहीं, वार्डों में पांच से लेकर नौ सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। कहते हैं कि सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वह स्वयं ही निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लेते रहते हैं।
नगर पालिका को मिली जमीन
बस्ती। लंबे समय से कूड़ा निस्तारण केंद्र के लिए भूमि तलाश रही नगर पालिका को आखिरकार जमीन मिल ही गई और अब शहर के कूड़ों को नियत स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। गोटवा के पास कोइलपुरा में नगर पालिका को 2.74 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर दी गई है। अब पालिका को कूड़ा निस्तारण में कोई समस्या नहीं आएगी। पहले शहर के कूड़े को कुआनों नदी के समीप गिराया जाता था। इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ मणिभूषण त्रिपाठी कहते हैं कि भूमि मिल गई है और शहर के कूड़ों का निस्तारण किया जा रहा है।