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29 राजस्व निरीक्षक और पूर्ति निरीक्षक सहित 33 का वेतन रोका
Updated Fri, 11 Aug 2017 10:40 PM IST
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लापरवाही में 33 का वेतन रोका
बस्ती।
एसडीएम सदर कीर्ति प्रकाश भारती ने शुक्रवार को तहसील के 29 राजस्व निरीक्षकों, दो न्याय लिपिकों, एक नायब नाजिर और एक पूर्ति निरीक्षक का वेतन रोकने का आदेश दिया है। इनमें किसी पर भू माफिया की सूची न देने, किसी पर जन सुनवाई के मामले का निस्तारण न करने और किसी पर जीपीएफ एवं अमलदरामद का निस्तारण समय से न करने का आरोप है। सभी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका गया। औचक निरीक्षण के दौरान यह कार्रवाई की गई।
महराजगंज में सीएम योगी की कार्रवाई की तर्ज पर शुक्रवार को एसडीएम सदर कीर्ति प्रकाश भारती ने भी कार्रवाई की। कहा जा रहा है यह कार्रवाई खुद के बचाव में की गई। ईओ नगरपालिका को भी तहसील परिसर और उसके आसपास एवं बिजली के पोल पर लाइट की समुचित व्यवस्था न करने के कारण कार्रवाई की चपेट में लिया गया है।
इन राजस्व निरीक्षकों का वेतन रोका
एंटी भू माफिया के अवैध कब्जेदारों को चिह्नित न करके के आरोप में जिन राजस्व निरीक्षकों का वेतन रोका गया। इनमें श्रीपालपुर, साऊंघाट, गनेशपुर, कटरा, कैली, बायपोखर, परसाजाफर, मुंडेरवा, हल्लौर नगरा, देईसांड, बनकटी, महादेवा, पाकरडाड़, चंगेरवा, सोनूपार, मरवटिया, नगर, बहादुरपुर, कुसौरा, कलवारी, पियारेपुर, गायघाट, पिपराखास, तिघरा, जगरनाथपुर, बानपुर व कुदरहा के राजस्व निरीक्षक के नाम शामिल हैं। एक अन्य कटरा क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक उमापति मिश्र का वेतन जन सुनवाई का निस्तारण समय से न करने के कारण रोका गया। इसी आरोप में न्याय लिपिक द्वितीय गिरजेश कुमार पाल एवं न्याय लिपिक का भी वेतन रोका गया। पूर्ति निरीक्षक उमेश सिंह का भी वेतन उक्त आरोप में रोका गया। नायब नाजिर राजकुमार श्रीवास्तव का वेतन तहसील परिसर में साफ-सफाई न कराने के कारण रोका गया।
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हेड मास्टर समेत चार का वेतन रोका
बस्ती। बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता का सच जानने के लिए निकले बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह को कड़वे सच का सामना करना पड़ा। इसका पता बीएसए को सदर ब्लॉक के दो प्राथमिक विद्यालयों के निरीक्षण में चला। दोनों स्कूलों में शिक्षामित्र नदारद रहे। बच्चे न तो पहाड़ा सुना सके न ही सवाल हल कर सके। इस दौरान एक हेड मास्टर और तीन शिक्षकों का वेतन रोका गया और चार से स्पष्टीकरण मांगा गया।
बीएसए ने सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय जामडीह द्वितीय का निरीक्षण किया। यहां पर नामांकन कम होने पर हेड मास्टर गीता रानी, सहायक अध्यापक पूर्ति त्रिपाठी और वेद प्रकाश पांडेय को नामांकन बढ़ाने की हिदायत दी। यहां पर एक हेड मास्टर और दो अध्यापकों और एक प्रेरक के बीच मात्र 34 बच्चों के ही नामांकन मिले। प्रेरक अखिलेश कुमार चौधरी दो नवंबर 2016 से ही गैरहाजिर चल रहे हैं। उन्होंने इनकी संविदा को समाप्त करने की बात कही। उसके बाद बीएसए प्राथमिक विद्यालय डारीडीहा पहुंचे। यहां पर हेड मास्टर नूरीन फातिमा, शिक्षक स्वर्णिमा चौधरी, वंदना शुक्ला, रोमी सिंह, शिवांगी सिंह, शिल्पी पांडेय मौजूद मिलीं। मगर शबाना खातून अंसारी, गरिमा मिश्रा और शिक्षा मित्र रामचंद्र गैरहाजिर मिले। यहां पर बीएसए को शिक्षा की गुणवत्ता के सच का सामना तब करना पड़ा, जब उन्होंने कक्षा पांच की छात्रा शिवानी और छात्र शमसेद से आसान गणित के प्रश्न को हल करने को कहा। दोनों सवाल हल नहीं कर सके। नाराज बीएसए ने गणित पढ़ाने वाली हेड मास्टर गरिमा सिंह का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया। स्कूल की साफ-सफाई भी दयनीय मिली।
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बस्ती।
एसडीएम सदर कीर्ति प्रकाश भारती ने शुक्रवार को तहसील के 29 राजस्व निरीक्षकों, दो न्याय लिपिकों, एक नायब नाजिर और एक पूर्ति निरीक्षक का वेतन रोकने का आदेश दिया है। इनमें किसी पर भू माफिया की सूची न देने, किसी पर जन सुनवाई के मामले का निस्तारण न करने और किसी पर जीपीएफ एवं अमलदरामद का निस्तारण समय से न करने का आरोप है। सभी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोका गया। औचक निरीक्षण के दौरान यह कार्रवाई की गई।
महराजगंज में सीएम योगी की कार्रवाई की तर्ज पर शुक्रवार को एसडीएम सदर कीर्ति प्रकाश भारती ने भी कार्रवाई की। कहा जा रहा है यह कार्रवाई खुद के बचाव में की गई। ईओ नगरपालिका को भी तहसील परिसर और उसके आसपास एवं बिजली के पोल पर लाइट की समुचित व्यवस्था न करने के कारण कार्रवाई की चपेट में लिया गया है।
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इन राजस्व निरीक्षकों का वेतन रोका
एंटी भू माफिया के अवैध कब्जेदारों को चिह्नित न करके के आरोप में जिन राजस्व निरीक्षकों का वेतन रोका गया। इनमें श्रीपालपुर, साऊंघाट, गनेशपुर, कटरा, कैली, बायपोखर, परसाजाफर, मुंडेरवा, हल्लौर नगरा, देईसांड, बनकटी, महादेवा, पाकरडाड़, चंगेरवा, सोनूपार, मरवटिया, नगर, बहादुरपुर, कुसौरा, कलवारी, पियारेपुर, गायघाट, पिपराखास, तिघरा, जगरनाथपुर, बानपुर व कुदरहा के राजस्व निरीक्षक के नाम शामिल हैं। एक अन्य कटरा क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक उमापति मिश्र का वेतन जन सुनवाई का निस्तारण समय से न करने के कारण रोका गया। इसी आरोप में न्याय लिपिक द्वितीय गिरजेश कुमार पाल एवं न्याय लिपिक का भी वेतन रोका गया। पूर्ति निरीक्षक उमेश सिंह का भी वेतन उक्त आरोप में रोका गया। नायब नाजिर राजकुमार श्रीवास्तव का वेतन तहसील परिसर में साफ-सफाई न कराने के कारण रोका गया।
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हेड मास्टर समेत चार का वेतन रोका
बस्ती। बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता का सच जानने के लिए निकले बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह को कड़वे सच का सामना करना पड़ा। इसका पता बीएसए को सदर ब्लॉक के दो प्राथमिक विद्यालयों के निरीक्षण में चला। दोनों स्कूलों में शिक्षामित्र नदारद रहे। बच्चे न तो पहाड़ा सुना सके न ही सवाल हल कर सके। इस दौरान एक हेड मास्टर और तीन शिक्षकों का वेतन रोका गया और चार से स्पष्टीकरण मांगा गया।
बीएसए ने सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय जामडीह द्वितीय का निरीक्षण किया। यहां पर नामांकन कम होने पर हेड मास्टर गीता रानी, सहायक अध्यापक पूर्ति त्रिपाठी और वेद प्रकाश पांडेय को नामांकन बढ़ाने की हिदायत दी। यहां पर एक हेड मास्टर और दो अध्यापकों और एक प्रेरक के बीच मात्र 34 बच्चों के ही नामांकन मिले। प्रेरक अखिलेश कुमार चौधरी दो नवंबर 2016 से ही गैरहाजिर चल रहे हैं। उन्होंने इनकी संविदा को समाप्त करने की बात कही। उसके बाद बीएसए प्राथमिक विद्यालय डारीडीहा पहुंचे। यहां पर हेड मास्टर नूरीन फातिमा, शिक्षक स्वर्णिमा चौधरी, वंदना शुक्ला, रोमी सिंह, शिवांगी सिंह, शिल्पी पांडेय मौजूद मिलीं। मगर शबाना खातून अंसारी, गरिमा मिश्रा और शिक्षा मित्र रामचंद्र गैरहाजिर मिले। यहां पर बीएसए को शिक्षा की गुणवत्ता के सच का सामना तब करना पड़ा, जब उन्होंने कक्षा पांच की छात्रा शिवानी और छात्र शमसेद से आसान गणित के प्रश्न को हल करने को कहा। दोनों सवाल हल नहीं कर सके। नाराज बीएसए ने गणित पढ़ाने वाली हेड मास्टर गरिमा सिंह का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया। स्कूल की साफ-सफाई भी दयनीय मिली।