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आदर्श रेलवे स्टेशन की चलताऊं सुविधाएं
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:45 PM IST
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आदर्श रेलवे स्टेशन बदहाल
बस्ती रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का हा
यहां स्वचालित सीढ़ी भी चलती है मनमानी
प्लेटफॉर्म एक पर चमक दमक, दूसरा बदहाल
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। केंद्र सरकार भले ही रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराए जाने का दावा करती हो। लेकिन इन दावों की सच्चाई बस्ती के आदर्श रेलवे स्टेशन पर औंधेमुंह गिरी है। पेयजल की व्यवस्था है लेकिन साफ-सुथरा माहौल नहीं। प्लेटफॉर्म एक पर चमक दमक है तो अन्य प्लेटफॉर्म उपेक्षित हैं।
14 मई 18 को जब रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बस्ती रेलवे स्टेशन पर 189.5 लाख की उन्नत यात्री सुविधाओं का लोकार्पण किया तो लोगों की खुशी का ठिकाना न रहा। इसी के तहत 367 लाख लागत की स्वचालित सीढ़ी और कंक्रीट रोड का शिलान्यास भी किया गया। इतना सब करने के बाद भी बस्ती रेलवे स्टेशन की सूरत जस की तस नजर आती है। स्टेशन परिसर में लगभग 20 लाख की लागत से बना डीलक्स शौचालय बदहाल हो रहा है। मानकविहीन निर्माण के चलते न तो यहां से गंदेपानी की निकासी हो पा रही है न ही ठीक से साफ-सफाई। शौचालय का गंदा पानी नालियों में चोक हो जाने से कॉलोनी की ओर चला जाता है। डीलक्स शौचालय की स्थिति को लेकर जब ठेकेदार विकास से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस शौचालय का निर्माण पूरी तरह से मानकविहीन हुआ है, बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री सुविधाओं के मद्देनजर 367 लाख खर्च कर स्थापित स्वचालित सीढ़ी भी मनमाफिक चलती है। यहां के कर्मचारी ने बताया कि दलित बस्ती व झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के बच्चे दिन भी यहां उत्पात मचाते थे, इस वजह से ट्रेन आने पर ही चालू किया जाता है। इतना ही नहीं यहां पेयजल की व्यवस्था के लिए कई टोटियां लगाई गई हैं लेकिन दो से तीन में ही पानी आता है। कई तो खराब हो गई हैं। ट्रेन से उतरकर कोई यात्री पानी भरना चाहे तो संभव नहीं क्योंकि सभी टोटियों से पानी नहीं चल रहा है।
बंदरों के आतंक से हैं यात्री परेशान
रेलवे स्टेशन परिसर व प्लेटफॉर्म पर बंदरों के आतंक से लोग सहमे रहते हैं। झुंड के झुंड बंदर प्लेटफॉर्म पर मनमानी करते हैं। कई बार तो ये यात्रियों के थैले आदि लेकर चंपत भी हो जाते हैं। बंदरों ने यात्रियों को घायल भी किया है।
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खामियों को दूर किया जाएगा : स्टेशन अधीक्षक
बस्ती रेलवे स्टेशन के अधीक्षक विश्वंभर चौधरी का कहना है कि जहां तक प्लेटफॉर्म व परिसर के साफ-सफाई की बात है तो अपने स्तर से कोई कमी नहीं छोड़ी जाती। शुद्ध पेयजल के लिए व्यापक इंतजाम हैं। यदि कहीं कोई कमी है तो उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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आदर्श रेलवे स्टेशन बदहाल
बस्ती रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का हा
यहां स्वचालित सीढ़ी भी चलती है मनमानी
प्लेटफॉर्म एक पर चमक दमक, दूसरा बदहाल
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। केंद्र सरकार भले ही रेल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराए जाने का दावा करती हो। लेकिन इन दावों की सच्चाई बस्ती के आदर्श रेलवे स्टेशन पर औंधेमुंह गिरी है। पेयजल की व्यवस्था है लेकिन साफ-सुथरा माहौल नहीं। प्लेटफॉर्म एक पर चमक दमक है तो अन्य प्लेटफॉर्म उपेक्षित हैं।
14 मई 18 को जब रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने बस्ती रेलवे स्टेशन पर 189.5 लाख की उन्नत यात्री सुविधाओं का लोकार्पण किया तो लोगों की खुशी का ठिकाना न रहा। इसी के तहत 367 लाख लागत की स्वचालित सीढ़ी और कंक्रीट रोड का शिलान्यास भी किया गया। इतना सब करने के बाद भी बस्ती रेलवे स्टेशन की सूरत जस की तस नजर आती है। स्टेशन परिसर में लगभग 20 लाख की लागत से बना डीलक्स शौचालय बदहाल हो रहा है। मानकविहीन निर्माण के चलते न तो यहां से गंदेपानी की निकासी हो पा रही है न ही ठीक से साफ-सफाई। शौचालय का गंदा पानी नालियों में चोक हो जाने से कॉलोनी की ओर चला जाता है। डीलक्स शौचालय की स्थिति को लेकर जब ठेकेदार विकास से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस शौचालय का निर्माण पूरी तरह से मानकविहीन हुआ है, बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री सुविधाओं के मद्देनजर 367 लाख खर्च कर स्थापित स्वचालित सीढ़ी भी मनमाफिक चलती है। यहां के कर्मचारी ने बताया कि दलित बस्ती व झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के बच्चे दिन भी यहां उत्पात मचाते थे, इस वजह से ट्रेन आने पर ही चालू किया जाता है। इतना ही नहीं यहां पेयजल की व्यवस्था के लिए कई टोटियां लगाई गई हैं लेकिन दो से तीन में ही पानी आता है। कई तो खराब हो गई हैं। ट्रेन से उतरकर कोई यात्री पानी भरना चाहे तो संभव नहीं क्योंकि सभी टोटियों से पानी नहीं चल रहा है।
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बंदरों के आतंक से हैं यात्री परेशान
रेलवे स्टेशन परिसर व प्लेटफॉर्म पर बंदरों के आतंक से लोग सहमे रहते हैं। झुंड के झुंड बंदर प्लेटफॉर्म पर मनमानी करते हैं। कई बार तो ये यात्रियों के थैले आदि लेकर चंपत भी हो जाते हैं। बंदरों ने यात्रियों को घायल भी किया है।
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खामियों को दूर किया जाएगा : स्टेशन अधीक्षक
बस्ती रेलवे स्टेशन के अधीक्षक विश्वंभर चौधरी का कहना है कि जहां तक प्लेटफॉर्म व परिसर के साफ-सफाई की बात है तो अपने स्तर से कोई कमी नहीं छोड़ी जाती। शुद्ध पेयजल के लिए व्यापक इंतजाम हैं। यदि कहीं कोई कमी है तो उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।