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महिला अस्पताल के चिकित्सकों और सीएमएस
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:59 PM IST
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डीएम ने की डॉक्टरों पर कार्रवाई
बस्ती।
डीएम अरविंद कुमार सिंह ने सोमवार को महिला अस्पताल के सीएमएस सहित दो डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें वहां से तत्काल हटा दिया। साऊंघाट और रुधौली सीएचसी पर तैनात दो महिला डॉक्टरों को महिला अस्पताल में तैनात कर दिया। यह कार्रवाई एडीएम भगवान शरण की रात में महिला अस्पताल के निरीक्षण के बाद मिली रिपोर्ट पर हुई। डीएम और एडीएम ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई नियमित होती रहेगी।
एडीएम की रिपोर्ट पर दोपहर दो बजे डीएम ने आवास पर सीएमओ, सीएमएस, महिला एवं जिला अस्पताल और कैली अस्पताल के निदेशक को तलब किया। बैठक में एडीएम भी मौजूद रहे। एडीएम की रिपोर्ट में महिला अस्पताल की दुर्व्यवस्था को उजागर करते हुए कहा गया कि इस अस्पताल में प्रशासन की सारी मेहनत फेल हो रही है। न तो डॉक्टर सुधर रहे हैं और न ही व्यवस्था में कोई सुधार हो रहा है। अस्पताल को अराजक तत्वों को जमावड़ा बताया गया। सूत्र बताते हैं कि बैठक में डीएम महिला अस्पताल की व्यवस्था को लेकर इतने नाराज थे कि उन्होंने मौके पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से वार्ता की और कार्रवाई करने के लिए कहा। वार्ता के बाद महिला सीएमएस गणेश यादव को तत्काल संतकबीरनगर के लिए रिलीव कर दिया और यहां का प्रभार जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राम प्रकाश को दिया। महिला अस्पताल में तबादला होकर आने वाले डॉ. सीताराम कन्नौजिया को महिला अस्पताल बस्ती के लिए तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया। इतना ही नहीं साऊंघाट सीएचसी की डॉक्टर अनिता वर्मा एवं रुधौली सीएचसी की शीबा अशरफ खान को महिला अस्पताल में तैनात करने कर दिया। कार्रवाई की गाज महिला अस्पताल के डॉक्टर पीके श्रीवास्तव और दीपक शुक्ल पर गिरी। इन दोनों को वापस जिला अस्पताल भेज दिया गया। बैठक में मौजूद एक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आपस में ही उलझ गए थे। एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। यहां पर भी डीएम ने मोर्चा संभाला। वरना बात बिगड़ने तक की नौबत आ गई थी।
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बस्ती।
डीएम अरविंद कुमार सिंह ने सोमवार को महिला अस्पताल के सीएमएस सहित दो डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें वहां से तत्काल हटा दिया। साऊंघाट और रुधौली सीएचसी पर तैनात दो महिला डॉक्टरों को महिला अस्पताल में तैनात कर दिया। यह कार्रवाई एडीएम भगवान शरण की रात में महिला अस्पताल के निरीक्षण के बाद मिली रिपोर्ट पर हुई। डीएम और एडीएम ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई नियमित होती रहेगी।
एडीएम की रिपोर्ट पर दोपहर दो बजे डीएम ने आवास पर सीएमओ, सीएमएस, महिला एवं जिला अस्पताल और कैली अस्पताल के निदेशक को तलब किया। बैठक में एडीएम भी मौजूद रहे। एडीएम की रिपोर्ट में महिला अस्पताल की दुर्व्यवस्था को उजागर करते हुए कहा गया कि इस अस्पताल में प्रशासन की सारी मेहनत फेल हो रही है। न तो डॉक्टर सुधर रहे हैं और न ही व्यवस्था में कोई सुधार हो रहा है। अस्पताल को अराजक तत्वों को जमावड़ा बताया गया। सूत्र बताते हैं कि बैठक में डीएम महिला अस्पताल की व्यवस्था को लेकर इतने नाराज थे कि उन्होंने मौके पर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से वार्ता की और कार्रवाई करने के लिए कहा। वार्ता के बाद महिला सीएमएस गणेश यादव को तत्काल संतकबीरनगर के लिए रिलीव कर दिया और यहां का प्रभार जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राम प्रकाश को दिया। महिला अस्पताल में तबादला होकर आने वाले डॉ. सीताराम कन्नौजिया को महिला अस्पताल बस्ती के लिए तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया। इतना ही नहीं साऊंघाट सीएचसी की डॉक्टर अनिता वर्मा एवं रुधौली सीएचसी की शीबा अशरफ खान को महिला अस्पताल में तैनात करने कर दिया। कार्रवाई की गाज महिला अस्पताल के डॉक्टर पीके श्रीवास्तव और दीपक शुक्ल पर गिरी। इन दोनों को वापस जिला अस्पताल भेज दिया गया। बैठक में मौजूद एक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आपस में ही उलझ गए थे। एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। यहां पर भी डीएम ने मोर्चा संभाला। वरना बात बिगड़ने तक की नौबत आ गई थी।
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