फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   निष्प्रयोज्य की कगार पर पहुंचे खुले में रखे उपकरण

खुले में रखे लाखों के बिजली उपकरण हो रहे कबाड़

Mon, 27 May 2019 11:57 PM IST
Basti Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Mon, 27 May 2019 11:57 PM IST
विज्ञापन
निष्प्रयोज्य की कगार पर पहुंचे खुले में रखे उपकरण
विद्युत निगम में लाखों के उपकरण भगवान भरोसे छोड़े गए - फोटो : अमर उजाला
राज प्रकाश
विज्ञापन

बस्ती। बिजली विभाग में सुधार के लिए सरकार ने भले ही करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। बावजूद इसके व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट रही है। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक संसाधनों के अभाव का रोना रोते हैं, तो वहीं लाखों रुपये के उपकरण इस्तेमाल नहीं होने के कारण कबाड़ हो रहे हैं।
शहर के गिदही के निकट विद्युत निगम के स्टोर में आलम यह है कि यहां लाखों रुपयों के तार, ट्रांसफार्मर सहित अन्य महत्वपूर्ण बिजली उपकरण खुले में छोड़ दिए गए हैं। यहां शेड में मीटर सहित अन्य उपकरण भरे पड़े हैं। शेड लगभग 42 वर्ष पुराना है। बारिश के दिनों में इन शेडों के भीतर पानी भी भर जाता है। परिसर में ईटें तक नहीं बिछाई गई हैं। यहां रखे बिजली उपकरण कबाड़ हो रहे हैं। जबकि स्टोर से महज कुछ ही दूरी पर मुख्य अभियंता सहित अन्य अधिकारियों का आवास भी है।
विज्ञापन

स्टॉक बोर्ड पर सामानों की इंट्री तक नहीं
- स्टोर परिसर में विभाग की ओर से स्टॉक बोर्ड लगवाया गया है। जिसका उद्देश्य है कि विभाग के पास कौन सा उपकरण कितनी संख्या में है उसका विवरण दर्ज हो। लेकिन इस बोर्ड को देखकर ऐसा लगा रहा है मानों वर्षों से इसपर को इंट्री नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिकारी की सुनिए
- स्टोर की अव्यवस्था को लेकर एसडीओ लक्ष्मण मिश्रा कहते हैं कि स्थित से उच्चाधिकारियों को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया है। उपकरणों को सुरक्षित रखने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed