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मतदान के लिए दूसरे बूथों का लेना पड़ेगा सहारा
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मतदान के लिए दूसरे बूथों का लेना पड़ेगा सहारा
गौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बभनगांवा खुर्द कटास का मामला
भवन नहीं होने से जूनियर हाई स्कूल कवलसिया पर मतदान
अमर उजाला ब्यूरो
गौर। लोकसभा चुनाव को लेकर मतदान प्रतिशत बढ़ाने एवं बूथों पर मतदाताओं को हर सुविधा मुहैया कराने को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। ग्राम पंचायत बभनगांव खुर्द कटास में आज तक कोई सरकारी भवन नहीं होने से मतदाताओं को दूसरे गांव के बूथों का सहारा लेना पड़ रहा है।
गौर विकासखंड की ग्राम पंचायत बभनगांव खुर्द कटास की जनसंख्या लगभग तीन हजार के आसपास है। जबकि 1500 मतदाता हैं। लेकिन सरकारी भवन न होने से लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं को मतदान के लिए दूसरे गांव के स्कूल में बने बूथों का सहारा लेना पड़ता है। जबकि पंचायत चुनाव में टेंट लगाकर मतदान कराया जाता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए मतदाता हर चुनाव में प्रत्याशियों से दुहाई लगाते हैं। नेता भी चुनाव के समय खूब वादा करते हैं लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कोई गांव में दोबारा झांकने तक नहीं आता। ऐसे में मजबूर होकर ग्रामीण मतदान के दिन मतदान करके वापस चले आते हैं। गांव के रामजीत चौधरी ने बताया कि इतनी आबादी होने के बाद भी आज तक गांव में कोई सरकारी भवन का निर्माण नहीं कराया गया। इससे गांव के छोटे बच्चे भी प्राथमिक शिक्षा से वंचित हो रहे हैं तो वहीं लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं को मतदान के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सरकार से मांग की है कि गांव में ही बूथ बना दिया जाए तो मतदान प्रतिशत में वृद्धि निश्चित होगी। कटास गांव के सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत में मतदान बूथ न होने से तमाम घरों की महिलाएं व बहुएं दूर के मतदान केंद्र पर जाना पसंद नहीं करतीं। कहा कि चुनाव के समय सभी पार्टी के नेता गांव में वोट मांगने आते हैं तो वादा करते हैं कि आने वाले चुनाव में सरकारी भवन का निर्माण कराकर बूथ बनवा दिया जाएगा लेकिन सारा वादा चुनाव तक ही सिमटकर रहा जाता है।
ग्राम प्रधान की सुनिए
प्रधान डॉ रणधीर सिंह ने बताया कि गांव का नेतृत्व करने का पहली बार मौका मिला है। जनता के अनुरूप गांव में विकास कराना मेरी पहली प्राथमिकता है। गांव में प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, एएनएम सेंटर सहित कई सरकारी भवनों के लिए कई बार प्रस्ताव बनाकर ब्लॉक बीडीओ के माध्यम से शासन को भेजा गया। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे गांव में आजादी के बाद से अभी तक कोई सरकारी भवन नसीब नहीं हुआ। बताया कि पंचायत चुनाव के समय गांव के काली माता मंदिर के पास बाग में टेंट लगाकर मतदान कराया जाता है।
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मतदान के लिए दूसरे बूथों का लेना पड़ेगा सहारा
गौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बभनगांवा खुर्द कटास का मामला
भवन नहीं होने से जूनियर हाई स्कूल कवलसिया पर मतदान
अमर उजाला ब्यूरो
गौर। लोकसभा चुनाव को लेकर मतदान प्रतिशत बढ़ाने एवं बूथों पर मतदाताओं को हर सुविधा मुहैया कराने को लेकर शासन-प्रशासन की ओर से तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। ग्राम पंचायत बभनगांव खुर्द कटास में आज तक कोई सरकारी भवन नहीं होने से मतदाताओं को दूसरे गांव के बूथों का सहारा लेना पड़ रहा है।
गौर विकासखंड की ग्राम पंचायत बभनगांव खुर्द कटास की जनसंख्या लगभग तीन हजार के आसपास है। जबकि 1500 मतदाता हैं। लेकिन सरकारी भवन न होने से लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं को मतदान के लिए दूसरे गांव के स्कूल में बने बूथों का सहारा लेना पड़ता है। जबकि पंचायत चुनाव में टेंट लगाकर मतदान कराया जाता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए मतदाता हर चुनाव में प्रत्याशियों से दुहाई लगाते हैं। नेता भी चुनाव के समय खूब वादा करते हैं लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कोई गांव में दोबारा झांकने तक नहीं आता। ऐसे में मजबूर होकर ग्रामीण मतदान के दिन मतदान करके वापस चले आते हैं। गांव के रामजीत चौधरी ने बताया कि इतनी आबादी होने के बाद भी आज तक गांव में कोई सरकारी भवन का निर्माण नहीं कराया गया। इससे गांव के छोटे बच्चे भी प्राथमिक शिक्षा से वंचित हो रहे हैं तो वहीं लोकतंत्र के महापर्व में मतदाताओं को मतदान के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सरकार से मांग की है कि गांव में ही बूथ बना दिया जाए तो मतदान प्रतिशत में वृद्धि निश्चित होगी। कटास गांव के सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत में मतदान बूथ न होने से तमाम घरों की महिलाएं व बहुएं दूर के मतदान केंद्र पर जाना पसंद नहीं करतीं। कहा कि चुनाव के समय सभी पार्टी के नेता गांव में वोट मांगने आते हैं तो वादा करते हैं कि आने वाले चुनाव में सरकारी भवन का निर्माण कराकर बूथ बनवा दिया जाएगा लेकिन सारा वादा चुनाव तक ही सिमटकर रहा जाता है।
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ग्राम प्रधान की सुनिए
प्रधान डॉ रणधीर सिंह ने बताया कि गांव का नेतृत्व करने का पहली बार मौका मिला है। जनता के अनुरूप गांव में विकास कराना मेरी पहली प्राथमिकता है। गांव में प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, एएनएम सेंटर सहित कई सरकारी भवनों के लिए कई बार प्रस्ताव बनाकर ब्लॉक बीडीओ के माध्यम से शासन को भेजा गया। लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे गांव में आजादी के बाद से अभी तक कोई सरकारी भवन नसीब नहीं हुआ। बताया कि पंचायत चुनाव के समय गांव के काली माता मंदिर के पास बाग में टेंट लगाकर मतदान कराया जाता है।
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