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डीएम ने लिया शहर में जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा
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डीएम ने लिया जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर में निर्बाध पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का जिलाधिकारी डॉ राजशेखर ने शुक्रवार को जायजा लिया। इस दौरान कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नाराजगी भी जताई। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका और जलकल के अभियंता को गर्मी का मौसम समाप्त होने तक समय पर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, सभी पंप दुरुस्त रखने और 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की हिदायत दी। जिलाधिकारी ने एसडीएम और अधिशासी अधिकारी के साथ अग्निशमन केंद्र का भी लिया।
कुछ आठ ओवरहेड टैंक व 22 नलकूपों के माध्यम से शहर में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इनमें एकमात्र ओवरहेड टैंक खराब था, जिसकी मरम्मत का काम चल रहा है। औसतन एक ओवरहेड टैंक भरने में छह से आठ घंटे लगते हैं। इस समय सुबह 6 से 11 बजे और शाम को 4 से 10 बजे तक पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। बीच के अंतराल में टंकियां भरी जाती हैं। उधर, निरीक्षण के दौरान आठ पंपिंग स्टेशनों में से केवल पर तीन जेनरेटर पाए गए। बाकी जगह जरूरत होने पर जनरेटर किराए पर लिए जाने की जिलाधिकारी को जानकारी दी गई। अधिकारियों ने डीएम को यह भी बताया कि शहर में कुल 21 हजार के आसपास भवन हैं जबकि पेयजल आपूर्ति का कनेक्शन लगभग 11 हजार घरों में ही है। बाकी 10 हजार घरों में दिसंबर 2019 तक अमृत योजना के तहत कनेक्शन दिए जाने की जानकारी भी दी गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर में निर्बाध पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का जिलाधिकारी डॉ राजशेखर ने शुक्रवार को जायजा लिया। इस दौरान कमियां मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नाराजगी भी जताई। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका और जलकल के अभियंता को गर्मी का मौसम समाप्त होने तक समय पर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, सभी पंप दुरुस्त रखने और 24 घंटे कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की हिदायत दी। जिलाधिकारी ने एसडीएम और अधिशासी अधिकारी के साथ अग्निशमन केंद्र का भी लिया।
कुछ आठ ओवरहेड टैंक व 22 नलकूपों के माध्यम से शहर में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इनमें एकमात्र ओवरहेड टैंक खराब था, जिसकी मरम्मत का काम चल रहा है। औसतन एक ओवरहेड टैंक भरने में छह से आठ घंटे लगते हैं। इस समय सुबह 6 से 11 बजे और शाम को 4 से 10 बजे तक पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। बीच के अंतराल में टंकियां भरी जाती हैं। उधर, निरीक्षण के दौरान आठ पंपिंग स्टेशनों में से केवल पर तीन जेनरेटर पाए गए। बाकी जगह जरूरत होने पर जनरेटर किराए पर लिए जाने की जिलाधिकारी को जानकारी दी गई। अधिकारियों ने डीएम को यह भी बताया कि शहर में कुल 21 हजार के आसपास भवन हैं जबकि पेयजल आपूर्ति का कनेक्शन लगभग 11 हजार घरों में ही है। बाकी 10 हजार घरों में दिसंबर 2019 तक अमृत योजना के तहत कनेक्शन दिए जाने की जानकारी भी दी गई।
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