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36 घंटे की बारिश में मोहल्लों में किचकिच
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:56 PM IST
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36 घंटे की बारिश में मोहल्लों में किचकिच
नालियां चोक होने से नहीं पानी निकासी बाधित
गलियों में लगे गंदे पानी से गुजरना बनी मजबूरी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मानसून की सक्रियता से शहर से गांव तक लोगों को फायदे ही फायदे हुए। उमस भरी गर्मी से निजात मिली तो सूख रही फसलों को पानी लेकिन कागजी सफाई होने से शहर में बारिश का पानी बाहर के बजाय गलियों में ही भर गया है।
मालवीय रोड हो या कटरा अथवा आवास विकास कॉलोनी बारिश के पानी के साथ गंदगी यहां गलियों में पसर गई है। सबसे आश्चर्य जनक नजारा एसपी कार्यालय और डीएम कार्यालय के परिसर और सड़कों का है जहां लबालब पानी भरा है। प्रदेश में सरकार बदलीं, जिला प्रशासन व और पालिका निजाम भी बदला लेकिन एसपी कार्यालय के सामने की तस्वीर आज तक नहीं बदल सकी है। करीब 36 घंटे से रुक-रुक हो रही बरसात से गर्मी तो छू-मंतर हो गई लेकिन नगर पालिका परिषद की लापरवाही से शहर में आवाजाही में दिक्कतें बढ़ गई हैं। शहरी जल निकासी को लेकर प्रशासनिक तंत्र तमाम कवायद में जुटा है, फिलहाल हालात अच्छे नहीं हैं। लोग मजबूरन पैंट ऊपर कर उक्त मोहल्लों की सड़कों यहां से आ जा रहे हैं। यहां गंदगी से पटी नालियों का पानी सड़कों पर फैला है।
बढ़ा बीमारियों का खतरा
बारिश में बीमारियों को खतरा सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में नाले और नालियों की सफाई के लिए पालिका परिषद की ओर से सफाई अभियान का रोस्टर जारी किया गया। लेकिन यह सफाई किस स्तर तक हुई इसका पता बरसात से चल रहा है। गंदे पानी के बीच गुजरने और कूड़ा सड़ने से संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिलवानीय में सोमवार को 15 मरीज ऐसे आए जो उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संक्रमणकाल में बीमारियां बढ़ती हैं। मरीजों को हिदायत दी जा रही है कि बहार का कोई भी सामन न खाएं। पानी उबाल कर पीयें। नंगे पांव न चलें।
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टपकने लगी अस्पताल की छतें, भीगे बिस्तर
तीन दिनों से हो रही बारिश से अस्पताल व्यवस्था की पोल खुली
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। तीन दिनों से हो रही बरसात से सरकारी कार्यालयों के चाक-चौबंद व्यवस्था की कलई भी खुलने लगी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के वार्डों और कार्यालयों में पानी भर गया। छतों के टपकने से वार्डों में बिस्तर भीग गए। मरीजों के लिए परेशानी बढ़ गई है।
अस्पताल के वार्ड से लेकर वेटिंग हाल तक में पानी ही पानी सोमवार को दिखा। मरम्मत नहीं होने से दीवारों में सुराख और खिड़कियों के टूटे शीशों से पानी वार्डों में पहुंच गया। महिला वार्ड में छत टपकने से बिस्तर खराब होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। पंखों तक में पानी घुस गया है। छत टपकने से कंप्यूटर और अन्य उपकरणों को भी बचाना मुश्किल हो रहा है। सोमवार को अस्पताल आए राधेश्याम, सोमई, जगराम, सुमेरे, शिव प्रसाद, आदित्य कुमार व मनीष कुमार ने कहा कि अस्पताल की ऐसी दशा व्यवस्था पर ही प्रश्न चिह्न है।
जांच कराई जा रही है: अधीक्षक
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विवेक विस्वास ने कहा कि लगातार हुई बारिश से कुछ जगहों पर पानी का रिसाव हुआ है। जहां से वार्डों में भी पानी आया है। इसकी जांच कराई गई है। बारिश समाप्त होते ही इसकी मरम्मत का काम शुरू करा दिया जाएगा। मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
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बारिश से राहगीरों की मुश्किलें बढ़ीं
बस्ती-डुमरियागंज मार्ग की हालत खराब
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। जर्जर सड़क पर भारी वाहनों के आवागमन से कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश में पानी भर जाने से वाहन चालकों और राहगीरों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क के गड्ढों में जमा पानी अचानक वाहनों के गुजरने से छींटे के रूप में दूसरे राहगीरों पर पड़ रहे हैं। इससे कपड़े भी खराब हो जा रहे हैं। बस्ती-डुमरियागंज मार्ग पर नरखोरिया से भानपुर के बीच सैकड़ों गड्ढे बन गए हैं। पिछले साल ही इस सड़क पर पैच वर्क कराया गया था। जहां सड़क बनी वहां तो ठीक है लेकिन उसके आगे की सड़क टूट चुकी है। राजेश कुमार, फूलचन्द्र, सुमिरन प्रसाद, लाल प्रताप, मुन्ना लाल, रमेश गुप्ता, राज प्रसाद का कहना था कि इस सड़क पर तो बाइक लेकर चलना मुश्किल है।
गांवों में भी नाली सफाई की पोल खुली
सल्टौआ। रुक-रुक कर हो रही बरसात होने से किसानों के चेहरे पर मुस्कराहट है तो गलियों में पानी लगने से परेशान भी। सफाई नहीं होने से गांवों में नालियों का पानी सड़क पर है। ब्लॉक रोड पर सड़क किनारे बनाई गई नाली से घरों का गंदा पानी रोड पर आ गया है। सहायक विकास अधिकारी के कार्यालय की छत भी टपक रही है। जिससे अभिलेख व कम्प्यूटर भीग रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय खरारहरा जप्ती व जसोवर के परिसर में जलभराव हो बच्चों व अध्यापकों को आने जाने में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। पीएचसी अमरौली शुमाली में मुख्य गेट पर ही पानी भर जाने से मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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सड़क धंसने से दर्जनों गांव प्रभावित
शिव चौराहे से सोनिहाघाट को जाती है सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
कलवारी। बरसात ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी वहीं राहगीरों की दिक्कतें बढ़ा दी है। लुम्बनी-दुद्धी मार्ग के शिव तिराहे से सोनिहा घाट जाने वाली सड़क मोहम्मद पुर गांव के पास धंस गई।
इस सड़क के धंस जाने से दर्जनों गांवों के लोगों को लंबी दूरी तय कर आना-जाना पड़ रहा है। मोहम्मदपुर गांव से पानी निकलने के लिए जो पुलिया बनी थी लोगों ने अवरुद्ध कर दिया। इसके कारण गांव के पानी का पूरा दबाव सड़क पर पड़ा। नीचे से धीरे-धीरे पानी का रिसाव शुरू हुआ लोग जब तक कुछ समझ पाते सड़क धंस गई। सड़क के धंसने से सेमरा चीगन, उमरिया, नौली, जगदीशपुर, भौवापार, रजपुरवा, एलिया, सोनिहा, भेड़वा सहित अन्य गांव के लोगों को दूसरे मार्ग से जाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान फरीद अहमद ने बताया कि सड़क धंसने की सूचना लेखपाल व अन्य लोगों को दी गई है। देरशाम तक कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। क्षेत्र पंचायत सदस्य निसार अहमद ने कहा कि इस मार्ग से प्रति दिन हजारों लोगों का आवागमन रहता है। प्रशासन को शीघ्र बनवाना चाहिए।
कच्चा मकान गिरा, सभी सुरक्षित
बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के महसों धोबी टोला निवासी राम चंदर धोबी का जर्जर कच्चा मकान का एक हिस्सा सोमवार को गिर गया। दोपहर में अचानक गिरी दीवार की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे। घर का एक किनारा होने से सभी लोग सुरक्षित थे। मकान में राम चंदर धोबी के परिवार के मेवालाल, अम्बिका, उत्कर्ष, अभिनव मौजूद थे। सूचना हलका लेखपाल को दी गई है। राम चंदर ने बताया कि उत्कर्ष और अभिनव को मलबे से हल्की चोट लगी है।
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36 घंटे की बारिश में मोहल्लों में किचकिच
नालियां चोक होने से नहीं पानी निकासी बाधित
गलियों में लगे गंदे पानी से गुजरना बनी मजबूरी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मानसून की सक्रियता से शहर से गांव तक लोगों को फायदे ही फायदे हुए। उमस भरी गर्मी से निजात मिली तो सूख रही फसलों को पानी लेकिन कागजी सफाई होने से शहर में बारिश का पानी बाहर के बजाय गलियों में ही भर गया है।
मालवीय रोड हो या कटरा अथवा आवास विकास कॉलोनी बारिश के पानी के साथ गंदगी यहां गलियों में पसर गई है। सबसे आश्चर्य जनक नजारा एसपी कार्यालय और डीएम कार्यालय के परिसर और सड़कों का है जहां लबालब पानी भरा है। प्रदेश में सरकार बदलीं, जिला प्रशासन व और पालिका निजाम भी बदला लेकिन एसपी कार्यालय के सामने की तस्वीर आज तक नहीं बदल सकी है। करीब 36 घंटे से रुक-रुक हो रही बरसात से गर्मी तो छू-मंतर हो गई लेकिन नगर पालिका परिषद की लापरवाही से शहर में आवाजाही में दिक्कतें बढ़ गई हैं। शहरी जल निकासी को लेकर प्रशासनिक तंत्र तमाम कवायद में जुटा है, फिलहाल हालात अच्छे नहीं हैं। लोग मजबूरन पैंट ऊपर कर उक्त मोहल्लों की सड़कों यहां से आ जा रहे हैं। यहां गंदगी से पटी नालियों का पानी सड़कों पर फैला है।
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बढ़ा बीमारियों का खतरा
बारिश में बीमारियों को खतरा सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में नाले और नालियों की सफाई के लिए पालिका परिषद की ओर से सफाई अभियान का रोस्टर जारी किया गया। लेकिन यह सफाई किस स्तर तक हुई इसका पता बरसात से चल रहा है। गंदे पानी के बीच गुजरने और कूड़ा सड़ने से संक्रमण का खतरा पैदा हो गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिलवानीय में सोमवार को 15 मरीज ऐसे आए जो उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संक्रमणकाल में बीमारियां बढ़ती हैं। मरीजों को हिदायत दी जा रही है कि बहार का कोई भी सामन न खाएं। पानी उबाल कर पीयें। नंगे पांव न चलें।
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टपकने लगी अस्पताल की छतें, भीगे बिस्तर
तीन दिनों से हो रही बारिश से अस्पताल व्यवस्था की पोल खुली
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। तीन दिनों से हो रही बरसात से सरकारी कार्यालयों के चाक-चौबंद व्यवस्था की कलई भी खुलने लगी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के वार्डों और कार्यालयों में पानी भर गया। छतों के टपकने से वार्डों में बिस्तर भीग गए। मरीजों के लिए परेशानी बढ़ गई है।
अस्पताल के वार्ड से लेकर वेटिंग हाल तक में पानी ही पानी सोमवार को दिखा। मरम्मत नहीं होने से दीवारों में सुराख और खिड़कियों के टूटे शीशों से पानी वार्डों में पहुंच गया। महिला वार्ड में छत टपकने से बिस्तर खराब होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। पंखों तक में पानी घुस गया है। छत टपकने से कंप्यूटर और अन्य उपकरणों को भी बचाना मुश्किल हो रहा है। सोमवार को अस्पताल आए राधेश्याम, सोमई, जगराम, सुमेरे, शिव प्रसाद, आदित्य कुमार व मनीष कुमार ने कहा कि अस्पताल की ऐसी दशा व्यवस्था पर ही प्रश्न चिह्न है।
जांच कराई जा रही है: अधीक्षक
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विवेक विस्वास ने कहा कि लगातार हुई बारिश से कुछ जगहों पर पानी का रिसाव हुआ है। जहां से वार्डों में भी पानी आया है। इसकी जांच कराई गई है। बारिश समाप्त होते ही इसकी मरम्मत का काम शुरू करा दिया जाएगा। मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
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बारिश से राहगीरों की मुश्किलें बढ़ीं
बस्ती-डुमरियागंज मार्ग की हालत खराब
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। जर्जर सड़क पर भारी वाहनों के आवागमन से कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश में पानी भर जाने से वाहन चालकों और राहगीरों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क के गड्ढों में जमा पानी अचानक वाहनों के गुजरने से छींटे के रूप में दूसरे राहगीरों पर पड़ रहे हैं। इससे कपड़े भी खराब हो जा रहे हैं। बस्ती-डुमरियागंज मार्ग पर नरखोरिया से भानपुर के बीच सैकड़ों गड्ढे बन गए हैं। पिछले साल ही इस सड़क पर पैच वर्क कराया गया था। जहां सड़क बनी वहां तो ठीक है लेकिन उसके आगे की सड़क टूट चुकी है। राजेश कुमार, फूलचन्द्र, सुमिरन प्रसाद, लाल प्रताप, मुन्ना लाल, रमेश गुप्ता, राज प्रसाद का कहना था कि इस सड़क पर तो बाइक लेकर चलना मुश्किल है।
गांवों में भी नाली सफाई की पोल खुली
सल्टौआ। रुक-रुक कर हो रही बरसात होने से किसानों के चेहरे पर मुस्कराहट है तो गलियों में पानी लगने से परेशान भी। सफाई नहीं होने से गांवों में नालियों का पानी सड़क पर है। ब्लॉक रोड पर सड़क किनारे बनाई गई नाली से घरों का गंदा पानी रोड पर आ गया है। सहायक विकास अधिकारी के कार्यालय की छत भी टपक रही है। जिससे अभिलेख व कम्प्यूटर भीग रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय खरारहरा जप्ती व जसोवर के परिसर में जलभराव हो बच्चों व अध्यापकों को आने जाने में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। पीएचसी अमरौली शुमाली में मुख्य गेट पर ही पानी भर जाने से मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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सड़क धंसने से दर्जनों गांव प्रभावित
शिव चौराहे से सोनिहाघाट को जाती है सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
कलवारी। बरसात ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी वहीं राहगीरों की दिक्कतें बढ़ा दी है। लुम्बनी-दुद्धी मार्ग के शिव तिराहे से सोनिहा घाट जाने वाली सड़क मोहम्मद पुर गांव के पास धंस गई।
इस सड़क के धंस जाने से दर्जनों गांवों के लोगों को लंबी दूरी तय कर आना-जाना पड़ रहा है। मोहम्मदपुर गांव से पानी निकलने के लिए जो पुलिया बनी थी लोगों ने अवरुद्ध कर दिया। इसके कारण गांव के पानी का पूरा दबाव सड़क पर पड़ा। नीचे से धीरे-धीरे पानी का रिसाव शुरू हुआ लोग जब तक कुछ समझ पाते सड़क धंस गई। सड़क के धंसने से सेमरा चीगन, उमरिया, नौली, जगदीशपुर, भौवापार, रजपुरवा, एलिया, सोनिहा, भेड़वा सहित अन्य गांव के लोगों को दूसरे मार्ग से जाना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान फरीद अहमद ने बताया कि सड़क धंसने की सूचना लेखपाल व अन्य लोगों को दी गई है। देरशाम तक कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा। क्षेत्र पंचायत सदस्य निसार अहमद ने कहा कि इस मार्ग से प्रति दिन हजारों लोगों का आवागमन रहता है। प्रशासन को शीघ्र बनवाना चाहिए।
कच्चा मकान गिरा, सभी सुरक्षित
बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के महसों धोबी टोला निवासी राम चंदर धोबी का जर्जर कच्चा मकान का एक हिस्सा सोमवार को गिर गया। दोपहर में अचानक गिरी दीवार की आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे। घर का एक किनारा होने से सभी लोग सुरक्षित थे। मकान में राम चंदर धोबी के परिवार के मेवालाल, अम्बिका, उत्कर्ष, अभिनव मौजूद थे। सूचना हलका लेखपाल को दी गई है। राम चंदर ने बताया कि उत्कर्ष और अभिनव को मलबे से हल्की चोट लगी है।