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पूर्वांचल की धरती से बिहार को भी साधे नितिन गडकरी
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:29 AM IST
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पूर्वांचल की धरती से बिहार को भी साधे गडकरी
मंच से सूबे के अलावा बिहार के विकास को गडकरी ने जोड़ा
जल व थल मार्ग को विकास का बताया रास्ता
अरुण पाठक
बस्ती। यूं तो मंच से केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने चुनाव की कहीं कोई चर्चा नहीं की। न ही पार्टी के लिए वोट मांगा, मगर पूर्वांचल की धरती से बिहार और नेपाल तक के विकास को जरूर बताया। कहा कि जल व सड़क मार्ग उत्तर प्रदेश के साथ बिहार की भी आर्थिक संपन्नता की राह आसान करेगा।
पूर्वांचल में किसान पीजी कॉलेज के परिसर में गडकरी एक के बाद एक केंद्रीय योजना की फेहरिस्त रखी। कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में एक साल में महज सात हजार किलोमीटर हाईवे बनता था लेकिन अब 14 हजार 800 किलोमीटर का निर्माण प्रतिवर्ष होता है। अयोध्या-बिहार से होकर निकलने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 227 ए रामजानकी मार्ग साधारण सड़क नहीं बल्कि आस्था का मार्ग है। कहा कि 51 हाईवे जो 356 किलोमीटर का है उसे स्वीकृति दी गई है। केंद्र की योजना के तहत दो लाख से ज्यादा उप्र में मार्ग बने हैं, जिससे उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल रही है। मेरठ-सहारनपुर-दिल्ली और कानपुर-लखनऊ हाईवे का भी जिक्र किया। कहा कि विकास का पैमाना बिजली, सड़क पानी है ही जलमार्ग भी बनेगा। उन्होंने मोदी सरकार की भविष्य की योजनाओं को भी साझा किया। कहा कि महंगे होते पेट्रो उत्पादों की जरूरत समाप्त होगी। बस इसके लिए उत्तर प्रदेश व बिहार के गन्ना किसानों को जागना होगा। वे खुद ईंधन के मालिक होंगे। ऐसा केंद्र सरकार का प्रस्ताव है, मगर इसके लिए अभी पांच वर्ष का समय लगेगा। इसका निहितार्थ राजनीतिक विश्लेषक लोकसभा चुनाव से लगा रहे हैं। नदियों को जल मार्ग के रूप में विकसित करने में भी बिहार की भूमिका को गडकरी ने रेखांकित किया। हालांकि, अपने उद्बोधन में उन्होंने केवल एक बार ही बिहार का नाम लिया, मगर उनका अंदाज इस बात की ओर संकेत कर था कि विकास की कड़ी में उत्तर प्रदेश के साथ बिहार को भी तरजीह है। राजनीतिक दृष्टि से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की यहां मौजूूदगी और भविष्य में केंद्र सरकार की योजनाओं के खुलासे से यह बात तय हो गई कि उन्होंने बिना कहे पार्टी के लिए वोट मांगा। भाजपा को उन्होंने राष्ट्रवादी करार दिया। कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार को जल व थल मार्ग से जोड़कर विकास के रास्ते में ले जाया जाएगा।
सांसद हरीश का कद बढ़ा गए गड़करी
बस्ती। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राम जानकी मार्ग व जल मार्ग के विकास को लेकर सांसद हरीश द्विवेदी के तारीफ के पुल बांधे। कहा कि सांसद द्विवेदी जब भी दिल्ली में मिलते हैं तो वे अपने क्षेत्र के विकास की बात करते हैं। रामजानकी मार्ग, जल मार्ग के विकास और रिंग रोड निर्माण को लेकर वह कई बार मिल चुके हैं। हालांकि, आश्वासन देने के बाद लगातार इस पर काम किया गया है, मगर सबसे ज्यादा प्रयास सांसद ने किया, जो बार-बार मिलकर टोकते रहे। केंद्रीय मंत्री के इस बयान ने पार्टी में ही नहीं बल्कि उनका जिले में भी कद बढ़ा दिया। सांसद के प्रयासों को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने भी सराहा।
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मंच से सूबे के अलावा बिहार के विकास को गडकरी ने जोड़ा
जल व थल मार्ग को विकास का बताया रास्ता
अरुण पाठक
बस्ती। यूं तो मंच से केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने चुनाव की कहीं कोई चर्चा नहीं की। न ही पार्टी के लिए वोट मांगा, मगर पूर्वांचल की धरती से बिहार और नेपाल तक के विकास को जरूर बताया। कहा कि जल व सड़क मार्ग उत्तर प्रदेश के साथ बिहार की भी आर्थिक संपन्नता की राह आसान करेगा।
पूर्वांचल में किसान पीजी कॉलेज के परिसर में गडकरी एक के बाद एक केंद्रीय योजना की फेहरिस्त रखी। कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में एक साल में महज सात हजार किलोमीटर हाईवे बनता था लेकिन अब 14 हजार 800 किलोमीटर का निर्माण प्रतिवर्ष होता है। अयोध्या-बिहार से होकर निकलने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 227 ए रामजानकी मार्ग साधारण सड़क नहीं बल्कि आस्था का मार्ग है। कहा कि 51 हाईवे जो 356 किलोमीटर का है उसे स्वीकृति दी गई है। केंद्र की योजना के तहत दो लाख से ज्यादा उप्र में मार्ग बने हैं, जिससे उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल रही है। मेरठ-सहारनपुर-दिल्ली और कानपुर-लखनऊ हाईवे का भी जिक्र किया। कहा कि विकास का पैमाना बिजली, सड़क पानी है ही जलमार्ग भी बनेगा। उन्होंने मोदी सरकार की भविष्य की योजनाओं को भी साझा किया। कहा कि महंगे होते पेट्रो उत्पादों की जरूरत समाप्त होगी। बस इसके लिए उत्तर प्रदेश व बिहार के गन्ना किसानों को जागना होगा। वे खुद ईंधन के मालिक होंगे। ऐसा केंद्र सरकार का प्रस्ताव है, मगर इसके लिए अभी पांच वर्ष का समय लगेगा। इसका निहितार्थ राजनीतिक विश्लेषक लोकसभा चुनाव से लगा रहे हैं। नदियों को जल मार्ग के रूप में विकसित करने में भी बिहार की भूमिका को गडकरी ने रेखांकित किया। हालांकि, अपने उद्बोधन में उन्होंने केवल एक बार ही बिहार का नाम लिया, मगर उनका अंदाज इस बात की ओर संकेत कर था कि विकास की कड़ी में उत्तर प्रदेश के साथ बिहार को भी तरजीह है। राजनीतिक दृष्टि से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की यहां मौजूूदगी और भविष्य में केंद्र सरकार की योजनाओं के खुलासे से यह बात तय हो गई कि उन्होंने बिना कहे पार्टी के लिए वोट मांगा। भाजपा को उन्होंने राष्ट्रवादी करार दिया। कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार को जल व थल मार्ग से जोड़कर विकास के रास्ते में ले जाया जाएगा।
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सांसद हरीश का कद बढ़ा गए गड़करी
बस्ती। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राम जानकी मार्ग व जल मार्ग के विकास को लेकर सांसद हरीश द्विवेदी के तारीफ के पुल बांधे। कहा कि सांसद द्विवेदी जब भी दिल्ली में मिलते हैं तो वे अपने क्षेत्र के विकास की बात करते हैं। रामजानकी मार्ग, जल मार्ग के विकास और रिंग रोड निर्माण को लेकर वह कई बार मिल चुके हैं। हालांकि, आश्वासन देने के बाद लगातार इस पर काम किया गया है, मगर सबसे ज्यादा प्रयास सांसद ने किया, जो बार-बार मिलकर टोकते रहे। केंद्रीय मंत्री के इस बयान ने पार्टी में ही नहीं बल्कि उनका जिले में भी कद बढ़ा दिया। सांसद के प्रयासों को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने भी सराहा।
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