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लाठीचार्ज पर शिक्षकों में गुस्सा
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:26 PM IST
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बस्ती। उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की बृहस्पतिवार को बैठक हुई। लखनऊ में शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे वित्तविहीन शिक्षकों पर लाठी चार्ज की निंदा की गई। अध्यक्षता प्रदेश मंत्री रमेश कर पाठक ने की। पाठक ने कहा कि 18 जुलाई को प्रदेश सरकार ने 100 दिनों के विशेष उपलब्धियों में वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय बंद कर, उनके ऊपर लाठीचार्ज करा दिया। प्रांतीय अध्यक्ष एवं शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी व कार्यकारी अध्यक्ष व विधायक संजय मिश्रा, अशोक राठौर, अजय सिंह सहित प्रदेश के 75 जिलों से आए हुए संगठन के जिला अध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों, शिक्षकों को थाने में रखकर प्रताड़ित किया गया। शिक्षकों के आंदोलन को अलोकतांत्रिक ढंग से दमनात्मक रवैया अपना कर अपमानित किया गया। शिक्षकों पर गिरी हुई हर लाठी प्रदेश सरकार के ताबूत की कील साबित होगी। प्रदेश संगठन मंत्री राकेश दुबे ने कहा कि हमें इससे जरा से भी विचलित नहीं होना है। संगठन मानदेय एवं समान कार्य के लिए समान वेतन लेकर दम लेगा। जिलाध्यक्ष हरिशंकर पांडेय ने महिला शिक्षकों के साथ पुलिस के नए लोगों ने अभद्र व्यवहार किया। शासन की बर्बरता पूर्ण कार्रवाई से शिक्षकों का अपमान हुआ है। जिला महासचिव आरडी निषाद ने कहा कि अपने हक के लिए गांधीवादी व अहिंसात्मक ढंग से शासन के संमुख अपना आक्रोश प्रकट करने वाले शिक्षकों को गिरफ्तार करना लोकतंत्र का गला घोटना है। कोषाध्यक्ष प्रकाश मोहन श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष प्रतिमा चौधरी, अनिल त्रिपाठी ने घटना की निंदा की। डॉ. अरविंद मिश्र, हरिशंकर मिश्र, कृपाशंकर त्रिपाठी, विजय यादव, प्रमोद चौधरी, प्रदीप पांडेय, विनोद चौधरी, दिनेश सिंह, राम सरन चौधरी, जगदीश यादव, विनोद सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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