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घाघरा के जल स्तर में नहीं हो रहा सुधार
Updated Wed, 09 Aug 2017 11:28 PM IST
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घाघरा के जल स्तर में हो रहा सुधार
विक्रमजोत।
घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से तीसरे दिन भी ऊपर बह रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के अनुसार जलस्तर 93.060 रहा जो खतरे से 36 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को पांच सेंटीमीटर जल स्तर कम हुआ। अनुमान है कि दो दिन के बाद जलस्तर पुन: बढे़गा।
विक्रमजोत लोलपुर बांध के दोनों छोरों से पानी धीरे-धीरे हाईवे और आबादी की ओर लगातार बढ़ रहा है। केशवपुर भदोई रानीपुर सहित कल्याणपुर सहजौरापठक भरथापुर के फसल लगी खेतों में पानी भर गया है। किसानों को पशुओं के चारे की किल्लत खड़ी हो गई है। कुछ स्थानों पर तो नाव लगाकर चारा का इंतजाम करते देखे गए, जबकि बाढ़ के पानी से जानवरों में संक्रमण रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है लेकिन पशु चिकित्सा विभाग का कोई डॉक्टर अभी तक इन गांवों मेें टीकाकरण के लिए नहीं पहुंचा जबकि प्रशासन की तरफ से एसडीएम दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मैरुंड गांव सहजौरापठक में नाव लगाने और पशुओं के टीकाकरण के निर्देश जारी किए हैं। बांध पर सहायक अभियंता फूलचंद्र सिंह जेबीएल श्रीवास्तव लगातार कैंप कर रहे हैं पर बांध पर बचाव और राहत कार्यों के नाम पर कोई मजदूर काम नहीं कर रहा है। इससे बांध के क्षतिग्रस्त स्पर और कटर की मरम्मत का कार्य ठप पड़ा है।
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विक्रमजोत।
घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से तीसरे दिन भी ऊपर बह रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के अनुसार जलस्तर 93.060 रहा जो खतरे से 36 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को पांच सेंटीमीटर जल स्तर कम हुआ। अनुमान है कि दो दिन के बाद जलस्तर पुन: बढे़गा।
विक्रमजोत लोलपुर बांध के दोनों छोरों से पानी धीरे-धीरे हाईवे और आबादी की ओर लगातार बढ़ रहा है। केशवपुर भदोई रानीपुर सहित कल्याणपुर सहजौरापठक भरथापुर के फसल लगी खेतों में पानी भर गया है। किसानों को पशुओं के चारे की किल्लत खड़ी हो गई है। कुछ स्थानों पर तो नाव लगाकर चारा का इंतजाम करते देखे गए, जबकि बाढ़ के पानी से जानवरों में संक्रमण रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है लेकिन पशु चिकित्सा विभाग का कोई डॉक्टर अभी तक इन गांवों मेें टीकाकरण के लिए नहीं पहुंचा जबकि प्रशासन की तरफ से एसडीएम दिनेश कुमार त्रिपाठी ने मैरुंड गांव सहजौरापठक में नाव लगाने और पशुओं के टीकाकरण के निर्देश जारी किए हैं। बांध पर सहायक अभियंता फूलचंद्र सिंह जेबीएल श्रीवास्तव लगातार कैंप कर रहे हैं पर बांध पर बचाव और राहत कार्यों के नाम पर कोई मजदूर काम नहीं कर रहा है। इससे बांध के क्षतिग्रस्त स्पर और कटर की मरम्मत का कार्य ठप पड़ा है।
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