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Basti News: पोर्टल पर ऑनबोर्ड हुए 1120 स्कूली वाहन, 1036 वाहनों की हुई चेकिंग
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स्कूल वाहन की जांच करती एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई। संवाद
बस्ती। शासन के निर्देश पर परिवहन विभाग ने एक से 15 अप्रैल तक स्कूल वाहन निगरानी पोर्टल पर सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय और स्कूल वाहनों को ऑनलाइन पंजीकृत (ऑनबोर्ड) किए जाने के लिए अभियान चलाया गया है। स्कूल वाहनों को ऑनबोर्ड किए जाने के मामले में विभाग को काफी हद तक सफलता भी मिल चुकी है।
बता दें कि 1251 स्कूल वाहनों में से अभी तक 1120 वाहन ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। 50 स्कूल वाहन जांच के दौरान अनुपयोगी पाए गए हैं। सड़क पर दौड़ रहे 80 वाहनों के ऑनबोर्ड की प्रक्रिया अभी शेष रह गई है। एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई ने दावा किया हैं कि अभियान के आखिरी दिन 15 अप्रैल तक संचालित समस्त स्कूल वाहनों का विवरण ऑनबोर्ड हो जाएगा। इसके अलावा 1036 वाहनों की चेकिंग भी की गई हैं।
इस दौरान वाहनों के फिटनेस एवं अन्य प्रपत्र सही भी कराए गए हैं। वहीं स्कूलों को ऑनबोर्ड किए जाने की प्रक्रिया अभी अधूरी रह गई है। जिले में सरकारी और गैर सरकारी मिलाकर कुल 3754 स्कूल हैं। अभी तक केवल 2664 स्कूलों को ही ऑनबोर्ड किया गया है। हालांकि ज्यादातर सरकारी स्कूलों के पास वाहन नहीं है लेकिन, शासन ने सभी स्कूलों को ऑनबोर्ड किए जाने का निर्देश दिया है।
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इसमें परिवहन विभाग के अलावा बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग की भी भूमिका सुनिश्चित की गई है। मगर इन विभागों ने अभियान में रूचि नहीं दिखाई है। सबसे ज्यादा स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग के पास 2071 स्कूल हैं। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 22 राजकीय और 70 सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। पचास प्रतिशत से अधिक सरकारी विद्यालयों की ऑनबोर्ड प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई हैं।
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बिना हाई सिक्योरिटी नंबर के नहीं मिलेगा प्रदूषण प्रमाण पत्र
चार पहिया वाहन स्वामियों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर लेना अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर के माध्यम से पीयूसीसी पोर्टल में नई तकनीक विकसित किया है। 15 अप्रैल से बिना हाई सिक्योरिटी नंबर वाले वाहनों का प्रदूषण अवमुक्त प्रमाण-पत्र निर्गत नहीं किया जाएगा। आरटीओ प्रशासन फरीदुद्दीन ने बताया कि यह आदेश ऐसे वाहन निर्माता/मॉडल पर लागू नहीं होगा, जिनके पास हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट पहले से उपलब्ध है।
कोट
अभियान के आखिरी दिन बुधवार तक संचालित समस्त स्कूल वाहनों का विवरण ऑनबोर्ड कर दिया जाएगा। इसके लिए जिले भर में 10 टीमें उतारी गई हैं। कुछ स्कूल बस अनुपयोगी हो गए हैं। इससे विभागीय सूची से खारिज कराने की भी प्रक्रिया शुरू हैं। सरकारी स्कूलों को ऑनबोर्ड कराने के लिए डीआईओएस और बीएसए को पत्राचार किया जा चुका हैं।
-माला बाजपेई, एआरटीओ, प्रशासन।
कोट
परिषदीय स्कूलों को ऑनबोर्ड कराने के लिए सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया जा चुका है। यदि इस कार्य में रूचि नहीं दिखाई जा रही हैं तो बीईओ से ब्लॉकवार समीक्षा कराने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-अनूप कुमार तिवारी, बीएसए।
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बता दें कि 1251 स्कूल वाहनों में से अभी तक 1120 वाहन ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। 50 स्कूल वाहन जांच के दौरान अनुपयोगी पाए गए हैं। सड़क पर दौड़ रहे 80 वाहनों के ऑनबोर्ड की प्रक्रिया अभी शेष रह गई है। एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई ने दावा किया हैं कि अभियान के आखिरी दिन 15 अप्रैल तक संचालित समस्त स्कूल वाहनों का विवरण ऑनबोर्ड हो जाएगा। इसके अलावा 1036 वाहनों की चेकिंग भी की गई हैं।
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इस दौरान वाहनों के फिटनेस एवं अन्य प्रपत्र सही भी कराए गए हैं। वहीं स्कूलों को ऑनबोर्ड किए जाने की प्रक्रिया अभी अधूरी रह गई है। जिले में सरकारी और गैर सरकारी मिलाकर कुल 3754 स्कूल हैं। अभी तक केवल 2664 स्कूलों को ही ऑनबोर्ड किया गया है। हालांकि ज्यादातर सरकारी स्कूलों के पास वाहन नहीं है लेकिन, शासन ने सभी स्कूलों को ऑनबोर्ड किए जाने का निर्देश दिया है।
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इसमें परिवहन विभाग के अलावा बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग की भी भूमिका सुनिश्चित की गई है। मगर इन विभागों ने अभियान में रूचि नहीं दिखाई है। सबसे ज्यादा स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग के पास 2071 स्कूल हैं। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 22 राजकीय और 70 सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। पचास प्रतिशत से अधिक सरकारी विद्यालयों की ऑनबोर्ड प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई हैं।
बिना हाई सिक्योरिटी नंबर के नहीं मिलेगा प्रदूषण प्रमाण पत्र
चार पहिया वाहन स्वामियों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर लेना अनिवार्य कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर के माध्यम से पीयूसीसी पोर्टल में नई तकनीक विकसित किया है। 15 अप्रैल से बिना हाई सिक्योरिटी नंबर वाले वाहनों का प्रदूषण अवमुक्त प्रमाण-पत्र निर्गत नहीं किया जाएगा। आरटीओ प्रशासन फरीदुद्दीन ने बताया कि यह आदेश ऐसे वाहन निर्माता/मॉडल पर लागू नहीं होगा, जिनके पास हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट पहले से उपलब्ध है।
कोट
अभियान के आखिरी दिन बुधवार तक संचालित समस्त स्कूल वाहनों का विवरण ऑनबोर्ड कर दिया जाएगा। इसके लिए जिले भर में 10 टीमें उतारी गई हैं। कुछ स्कूल बस अनुपयोगी हो गए हैं। इससे विभागीय सूची से खारिज कराने की भी प्रक्रिया शुरू हैं। सरकारी स्कूलों को ऑनबोर्ड कराने के लिए डीआईओएस और बीएसए को पत्राचार किया जा चुका हैं।
-माला बाजपेई, एआरटीओ, प्रशासन।
कोट
परिषदीय स्कूलों को ऑनबोर्ड कराने के लिए सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया जा चुका है। यदि इस कार्य में रूचि नहीं दिखाई जा रही हैं तो बीईओ से ब्लॉकवार समीक्षा कराने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी।
-अनूप कुमार तिवारी, बीएसए।