{"_id":"598ca39f4f1c1b34228b45f1","slug":"111502389151-basti-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ने डीआईओएस कार्यालय में मारा छापा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम ने डीआईओएस कार्यालय में मारा छापा
Updated Thu, 10 Aug 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को डीआईओएस कार्यालय पर छापा मारा। मौके पर डीआईओएस नहीं मिले। डीएम सीधे वित्तलेखाधिकारी के पास गए और उनसे भुगतान के लंबित पत्रावलियों के बारे में पूछताछ किया। मौके पर कई पत्रावली जानबूझकर लंबित करना मिला। इस पर उन्होंने डीआईओएस विजय मौर्य और वितलेखाधिकारी विनोद कुमार से स्पष्टीकरण मांगा और वित्तलेखाधिकारी के यहां संबद्ध वरिष्ठ सहायक जयप्रकाश सिंह को निलंबित करने का आदेश दिया। डीएम के अचानक पहुंचने से कार्यालय में हड़कंप मच गया। लोग आनन-फानन अपने पटल पर बैठने का प्रयास किया। डीएम ने बताया कि महाजन उच्चतर स्कूल के प्रधानाचार्य ने 25 अप्रैल 2017 को शिक्षक चौवा रजा के अवशेष देय भुगतान के लिए आवेदन किया था, मगर उसका निस्तारण जानबूझकर नहीं किया जा रहा था। पत्रावली पर वित्तलेखाधिकारी का मोहर लगा था, मगर हस्ताक्षर नहीं था। किसान सर्वोदय इंटरकालेज रायठ के प्रधानाचार्य ने भुगतान संबंधी आवेदन किया था। इसी तरह नेखनल इंटर कॉलेज हर्रैया के प्रधानाचार्य ने हिंदी के प्रवक्ता नागेंद्र और इतिहास के प्रवक्ता मनोज कुमार पांडेय के वेतन निर्धारण सेवा पुस्तिका के साथ आवेदन 25 अप्रैल 2017 को किया था, इसका भी निस्तारण नहीं किया गया। बताया की इस तरह के 22 ऐसे मामले पाए गए जिनका निस्तारण जानबूझकर नहीं किया जा रहा था। जिसके लिए डीआईओएस और वित्तलेखाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया और वरिष्ठ सहायक को निलंबित करने का आदेश दिया गया।
विज्ञापन