फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   बदला मौसम, ओपीडी में बढ़े बीमार

बदला मौसम, ओपीडी में बढ़े बीमार

Wed, 13 Mar 2019 12:07 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2019 12:07 AM IST
विज्ञापन
बदला मौसम, ओपीडी में बढ़े बीमार
बदला मौसम, ओपीडी में बढ़े बीमार
विज्ञापन

ओपीडी में उल्टी-दस्त व वायरल फीवर के मरीजों की भरमार
अस्पताल की ओपीडी में बना 1400 मरीजों का पर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मौसम में अचानक आया परिवर्तन बीमारी के संकेत देने लगा है। तभी तो मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में उल्टी-दस्त, वायरल फीवर के मरीजों की भीड़ लगी रही। डॉक्टरों के मुताबिक इस मौसम का सर्वाधिक असर बच्चों पर होता है। क्योंकि तापमान परिवर्तन से वायरस पनपते हैं और इससे बच्चे प्रभावित होते हैं।

मंगलवार को अमर उजाला टीम ने अस्पताल की ओपीडी को कैमरे की नजर से देखा। यहां नाक-कान गला विशेषज्ञ के कक्ष पर लंबी लाइन थी। अधिकांश लोगों ने कान में दर्द व कम सुनाई पड़ने की बात कही। डॉ. एसएस कन्नौजिया ने बताया कि इस मौसम में अचानक आर्द्रता कम हो जाती है, जिससे कान में लिक्विड कम हो जाता है। इसके चलते कम सुनाई पड़ने लगता है। इसके बाद टीम पहुंची फिजीशियन डॉ. रामजी के कक्ष के निकट। यहां भी भारी भीड़ थी। यहां अधिकांश मरीज वायरल फीवर व दस्त से पीड़ित थे। डॉ. रामजी सोनी ने कहा कि इस मौसम में वायरस तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। क्योंकि इस समय ठंड और गरमी के बीच मौसम रहता है, जिससे वायरस तेजी से पनपने लगते हैं। इस समय लोगों को बच कर रहना चाहिए। रात में पंखा आदि चलाकर सोने पर सर्दी जुकाम भी होता है। ऐसे में प्रयास करें कि इस मौसम में रात को खुले में कतई न सोएं। कमरे के अंदर भी पंखा न चलाएं। इसके बाद टीम ने एंटी रैबीज कक्ष को रुख किया। यहां भी भारी भीड़ थी। लोगों ने बताया कि वे ग्रामीण क्षेत्र से आए हैं। वहां के अस्पतालों में एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं है जिसके कारण जिला मुख्यालय आना पड़ा। यही हाल त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राम प्रकाश के कक्ष की थी। कक्ष में भीड़ थी। डॉ. राम प्रकाश ने बताया कि इस मौसम में त्वचा पर चकत्ते पड़ जाते हैं, जिसमें खुजली होती है। चूंकि इस समय पुरानी दवाएं फंगस पर बेअसर हो चुकी हैं। ऐसे में तमाम दवा प्रयोग करने के बाद खुजली ठीक नहीं होती है। ओपीडी में पर्चा काउंटर पर पता चला कि मंगलवार को दोपहर तक 1400 पर्चे काटे जा चुके हैं। प्रभारी एसआईसी डॉ. राम प्रकाश ने कहा कि मौसम का प्रभाव लोगों को बीमार कर रहा है। मरीजों के लिए मौसम की तमाम दवाएं मौजूद हैं। मरीजों को इसका लाभ दिया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed