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त्योहार में सूखे एटीएम
Updated Mon, 16 Oct 2017 11:03 PM IST
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त्योहार में सूखे रहे एटीएम
रकम के लिए बैंकों में धक्का खा रहे खाताधारक
बस्ती/हर्रैया।
धनतेरस के पहले ही एटीएम जवाब दे गए हैं। सोमवार को बैंक खुलने में खाताधारकों की भारी भीड़ जमा हो गई। कस्बों में बैंकों में धक्का-मुक्की के बीच लेन-देन के लिए टोकन सिस्टम अपनाया गया, तब जाकर व्यवस्था संभल सकी।
जिले में 27 बैंकों की 178 शाखाएं हैं। पूरे जिले में इन बैंकों के 110 एटीएम लगे हैं। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक, सेंट्रल, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस, आईडीबीआई, पूर्वांचल बैंक आदि के एटीएम शहर से लेकर कस्बों तक में हैं लेकिन इनसे निकासी ज्यादा नहीं हो पा रही है। कैश नहीं होने के कारण अधिकतर के शटर गिरे रहते हैं। बैंकों में अवकाश पड़ जाने से अधिकतर एटीएम सूख जाते हैं। सोमवार को कोर्ट एरिया, गांधीनगर, पक्के, कंपनी बाग, मालवीय रोड, कटरा आदि क्षेत्रों में लगे एटीएम कैशलेस रहे। त्योहारी सीजन में एटीएम खाली रहने से जरूरतमंदों को अपनी रकम पाने के लिए धक्के खाने की मजबूरी बन जाती है। सोमवार को तकरीबन सभी बैंकों में खाता धारकों की खासी भीड़ रही।
हर्रैया प्रतिनिधि के मुताबिक प्रमुख बैंकों के एटीएम सोमवार को भी बंद रहे। जबकि उपभोक्ताओं की भीड़ लेन-देन के लिए सुबह से बैंक के बाहर और अंदर जमा रही। दोपहर 12:30 बजे तक केवल 17 उपभोक्ता ही रकम निकाल सके जबकि करीब डेढ़ सौ टोकन बंटे थे। दो दिन बाद बैंक खुलने पर हर्रैया के एक बैंक में ने तो शाखा प्रबंधक थे न ही कैशियर। इसका कामकाज के साथ ही उपभोक्ताओं पर असर पड़ा। बैंक में सुरक्षा कर्मी बैंकिंग कार्य निपटाते दिखे। मुख्य लेखाकार सतीश चंद्र शुक्ला ने बताया कि एटीएम सुबह तक खुला था। नेटवर्क समस्या के चलते बंद किया गया है। सच्चाई यह है कि उसी नेटवर्क से बैंक के अंदर लगे कंप्यूटर पर कार्य आसानी से चलता रहा है। बैडोलिया गांव के खाताधारक राजा राम ने बताया कि सुबह 10 बजे आया तब 63 नंबर का कूपन मिला। दोपहर एक बजने तक 20 लोगों को ही रकम दी गई। इसी तरह मुरादीपुर के अमरदेव सिंह भी रुपये निकालने पहुंचे उन्हें 114 नम्बर का टोकन मिला। कुछ ऐसे ही हालात भानपुर और रुधौली तहसील क्षेत्रों में भी रही।
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विक्रमजोत की एसबीआई चपिलाव शाखा का एटीएम एक सप्ताह से बंद है। प्रबंधक योगेश कुमार का कहना है कि तकनीकी खराबी के चलते बंद है। दीपावली में भुगतान के लिए शाखा में एक अतिरिक्त काउंटर खोला गया है। मगर जब बैंक कई दिनों के लिए बंद होते हैं तो खाताधारकों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
रुपये की कमी नहीं: मिश्र
लीड बैंक के प्रबंधक वीपी मिश्र का कहना है कि रुपयेे की कमी नहीं है। त्योहार के चलते हो सकता है, कुछ देर के लिए एटीएम ड्राई हुए हैं। जहां तक शटर डाउन का सवाल है तो नेटवर्क या अन्य तकनीकी कारणों से भी ऐसा हुआ होगा। फिलहाल, इसकी जानकारी कर रहे हैं। क्योंकि दो दिन बाद फिर चार दिन बैंक बंद रहेंगे।
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रकम के लिए बैंकों में धक्का खा रहे खाताधारक
बस्ती/हर्रैया।
धनतेरस के पहले ही एटीएम जवाब दे गए हैं। सोमवार को बैंक खुलने में खाताधारकों की भारी भीड़ जमा हो गई। कस्बों में बैंकों में धक्का-मुक्की के बीच लेन-देन के लिए टोकन सिस्टम अपनाया गया, तब जाकर व्यवस्था संभल सकी।
जिले में 27 बैंकों की 178 शाखाएं हैं। पूरे जिले में इन बैंकों के 110 एटीएम लगे हैं। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई, यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक, सेंट्रल, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस, आईडीबीआई, पूर्वांचल बैंक आदि के एटीएम शहर से लेकर कस्बों तक में हैं लेकिन इनसे निकासी ज्यादा नहीं हो पा रही है। कैश नहीं होने के कारण अधिकतर के शटर गिरे रहते हैं। बैंकों में अवकाश पड़ जाने से अधिकतर एटीएम सूख जाते हैं। सोमवार को कोर्ट एरिया, गांधीनगर, पक्के, कंपनी बाग, मालवीय रोड, कटरा आदि क्षेत्रों में लगे एटीएम कैशलेस रहे। त्योहारी सीजन में एटीएम खाली रहने से जरूरतमंदों को अपनी रकम पाने के लिए धक्के खाने की मजबूरी बन जाती है। सोमवार को तकरीबन सभी बैंकों में खाता धारकों की खासी भीड़ रही।
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हर्रैया प्रतिनिधि के मुताबिक प्रमुख बैंकों के एटीएम सोमवार को भी बंद रहे। जबकि उपभोक्ताओं की भीड़ लेन-देन के लिए सुबह से बैंक के बाहर और अंदर जमा रही। दोपहर 12:30 बजे तक केवल 17 उपभोक्ता ही रकम निकाल सके जबकि करीब डेढ़ सौ टोकन बंटे थे। दो दिन बाद बैंक खुलने पर हर्रैया के एक बैंक में ने तो शाखा प्रबंधक थे न ही कैशियर। इसका कामकाज के साथ ही उपभोक्ताओं पर असर पड़ा। बैंक में सुरक्षा कर्मी बैंकिंग कार्य निपटाते दिखे। मुख्य लेखाकार सतीश चंद्र शुक्ला ने बताया कि एटीएम सुबह तक खुला था। नेटवर्क समस्या के चलते बंद किया गया है। सच्चाई यह है कि उसी नेटवर्क से बैंक के अंदर लगे कंप्यूटर पर कार्य आसानी से चलता रहा है। बैडोलिया गांव के खाताधारक राजा राम ने बताया कि सुबह 10 बजे आया तब 63 नंबर का कूपन मिला। दोपहर एक बजने तक 20 लोगों को ही रकम दी गई। इसी तरह मुरादीपुर के अमरदेव सिंह भी रुपये निकालने पहुंचे उन्हें 114 नम्बर का टोकन मिला। कुछ ऐसे ही हालात भानपुर और रुधौली तहसील क्षेत्रों में भी रही।
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विक्रमजोत की एसबीआई चपिलाव शाखा का एटीएम एक सप्ताह से बंद है। प्रबंधक योगेश कुमार का कहना है कि तकनीकी खराबी के चलते बंद है। दीपावली में भुगतान के लिए शाखा में एक अतिरिक्त काउंटर खोला गया है। मगर जब बैंक कई दिनों के लिए बंद होते हैं तो खाताधारकों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
रुपये की कमी नहीं: मिश्र
लीड बैंक के प्रबंधक वीपी मिश्र का कहना है कि रुपयेे की कमी नहीं है। त्योहार के चलते हो सकता है, कुछ देर के लिए एटीएम ड्राई हुए हैं। जहां तक शटर डाउन का सवाल है तो नेटवर्क या अन्य तकनीकी कारणों से भी ऐसा हुआ होगा। फिलहाल, इसकी जानकारी कर रहे हैं। क्योंकि दो दिन बाद फिर चार दिन बैंक बंद रहेंगे।