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21 साल बाद पकड़ा ट्रेन के कोच में आग लगाने वाला युवक
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पकड़ा गया आरोपी धीरज।
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निसोई स्टेशन को हाल्ट बनाने के विरोध में की गई थी आगजनी, दोषी साबित होने के बाद लापता हो गए थे आरोपी
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बरेली। निसाई स्टेशन को हाल्ट का दर्जा देने के विरोध में 26 साल पहले प्रदर्शन के दौरान कोच में आग लगाने वाले तीन युवकों में से एक धीरज सिंह को जीआरपी ने बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। निसोई स्टेशन पर कई बार विवाद हो चुका है।
निसोई स्टेशन को 1995 में हाल्ट बनाकर ट्रेनों का स्टॉपेज सिर्फ एक मिनट कर दिया गया था। टिकट विंडो भी प्राइवेट कर्मचारी को ठेके पर दे दी गई। ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान बिशारतगंज के अतरछेड़ी गांव के धीरज और उसके साथियों ने बरेली-चंदौसी पैसेंजर के एक कोच में आग लगा दी थी। कोच में लगी आग फायर बिग्रेड ने बुझाई। तीन साल तक मुकदमा चला, लेकिन 1998 में धीरज सिंह और उसके साथी अंडरग्राउंड हो गए। मंगलवार रात 21 साल बाद जीआरपी की टीम ने उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। जीआरपी इंस्पेक्टर अमीराम ने बताया कि उसके बाकी दोनों साथियों की तलाश टीमें कर रही हैं।
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निसोई स्टेशन को 1995 में हाल्ट बनाकर ट्रेनों का स्टॉपेज सिर्फ एक मिनट कर दिया गया था। टिकट विंडो भी प्राइवेट कर्मचारी को ठेके पर दे दी गई। ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान बिशारतगंज के अतरछेड़ी गांव के धीरज और उसके साथियों ने बरेली-चंदौसी पैसेंजर के एक कोच में आग लगा दी थी। कोच में लगी आग फायर बिग्रेड ने बुझाई। तीन साल तक मुकदमा चला, लेकिन 1998 में धीरज सिंह और उसके साथी अंडरग्राउंड हो गए। मंगलवार रात 21 साल बाद जीआरपी की टीम ने उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। जीआरपी इंस्पेक्टर अमीराम ने बताया कि उसके बाकी दोनों साथियों की तलाश टीमें कर रही हैं।
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तीन साल बाद कर दी गई केबिन मैन और टोकन पोर्टर की हत्या
निसोई में ग्रामीणों की दबंगई की वजह से साधारण टिकटों की बिक्री न के बराबर थी। स्टेशन मास्टर, केबिन मैन और प्वाइंट मैन की तैनाती होने से रेलवे को घाटा हो रहा था। 1995 में हाल्ट बनाने के फैसले के बाद आगजनी और विरोध प्रदर्शन हुआ तो मुरादाबाद रेल मंडल ने निसोई स्टेशन को हालट बनाने का फैसला टाल दिया। इसके बाद ग्रामीणों की दबंगई और बढ़ गई। ट्रेन रोकने के विवाद में 1998 में केबिन मैन नौबत राम और टोकन पोर्टर रामभरोसे की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई।
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