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Bareilly News: डिप्लोमा करके भी विधि सलाहकार बन सकते हैं युवा
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विधि विभाग की ओर से लॉ में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कराया जाता है। इसके माध्यम से विद्यार्थी विधि सलाहकार (विशेषज्ञ) के रूप में कार्य कर सकते हैं। इसमें प्रवेश के लिए जुलाई माह में पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
विश्वविद्यालय परिसर के विधि विभाग की ओर से साइबर लॉ व फॉरेंसिक, मानवाधिकार और कर्तव्य, मीडिया कानून, लीगल व पैरालीगल एडवोकेसी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कराया जाता है। एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए अभ्यर्थी को स्नातक उत्तीर्ण होना जरूरी है। प्रवेश मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। प्रत्येक कोर्स के लिए 20 सीटें निर्धारित की गई हैैं और एक वर्ष को दो सेमेस्टर में विभाजित किया गया है।
विभागाध्यक्ष डॉ. अमित सिंह ने बताया कि यह डिप्लोमा कोर्स नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत संचालित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करना है। विद्यार्थियों को इसमें लघु शोध भी कराया जाता है। विभाग नए सत्र से पेटेंट लॉ में स्नातक डिप्लोमा शुरू करेगा। इसमें इंटरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। स्नातक का परिणाम जारी होने के बाद ही परास्नातक डिप्लोमा की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डिप्लोमा करने के बाद विद्यार्थी सलाहकार के रूप में सरकारी विभाग, एनजीओ, निजी संस्थान में सेवाएं दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त मीडिया, साइबर, लीगल विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर सकते हैं। संवाद
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विश्वविद्यालय परिसर के विधि विभाग की ओर से साइबर लॉ व फॉरेंसिक, मानवाधिकार और कर्तव्य, मीडिया कानून, लीगल व पैरालीगल एडवोकेसी में स्नातकोत्तर डिप्लोमा कराया जाता है। एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के लिए अभ्यर्थी को स्नातक उत्तीर्ण होना जरूरी है। प्रवेश मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। प्रत्येक कोर्स के लिए 20 सीटें निर्धारित की गई हैैं और एक वर्ष को दो सेमेस्टर में विभाजित किया गया है।
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विभागाध्यक्ष डॉ. अमित सिंह ने बताया कि यह डिप्लोमा कोर्स नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत संचालित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करना है। विद्यार्थियों को इसमें लघु शोध भी कराया जाता है। विभाग नए सत्र से पेटेंट लॉ में स्नातक डिप्लोमा शुरू करेगा। इसमें इंटरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। स्नातक का परिणाम जारी होने के बाद ही परास्नातक डिप्लोमा की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डिप्लोमा करने के बाद विद्यार्थी सलाहकार के रूप में सरकारी विभाग, एनजीओ, निजी संस्थान में सेवाएं दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त मीडिया, साइबर, लीगल विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर सकते हैं। संवाद
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