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Bareilly News: पोटाश और गंधक को सिलबट्टे पर पीस रहा था युवक, धमाके से झुलसा चेहरा
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बरेली। दिवाली पर आतिशबाजी से पहले ही जिला अस्पताल में झुलसने के मामले पहुंचने लगे हैं। शनिवार दोपहर स्वालेनगर के एक युवक को गंभीर हालत में लेकर परिजन पहुंचे। उसका चेहरा झुलसा हुआ था। आंखों की पलकें भी जल गई थीं। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अदनान के मुताबिक, परिजन ने पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाले पोटाश और गंधक को पीसते समय अचानक विस्फोट से चेहरा झुलसने की बात बताई है। बर्न वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा है।
ईएमओ के मुताबिक, युवक के इलाज के लिए फिजिशियन, स्किन और नेत्र सर्जन को रेफर किया है। इमरजेंसी में शनिवार को दुर्घटना में घायल आठ मरीज आए। सभी इलाज कराकर लौट गए।
रसायनिक प्रतिक्रिया से होता है धमाका, आंखों को खतरा
बरेली कॉलेज के रसायन विज्ञान के सहायक प्रोफेसर नीरज सक्सेना ने बताया कि पटाखों में सल्फर, पोटेशियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट व अन्य विस्फोटक रसायनों का मिश्रण होता है। इससे सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। मिलाने के दौरान जरा सा भी घर्षण होने पर धमाका हो जाता है। इस प्रक्रिया से ऐसी गैसें निकलती हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह हैं। इन पटाखों का धुआं सांस लेने में गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। यदि यह धुआं तेजी से आंखों में भर जाए तो स्थायी रूप से रोशनी जाने का खतरा रहता है।
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अवकाश में भी सरकारी अस्पतालों में मिलेगा इलाज, ऑन कॉल रहेंगे डॉक्टर
बरेली। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम अवकाश पर भी मुस्तैद रहेगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) तक इमरजेंसी व्यवस्था के निर्देश हैं। जिला अस्पताल में 10 बेड का बर्न वार्ड बनाया है। पुरुष और महिला वार्ड में चार-चार अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को तत्काल इलाज मिल सके, इसके लिए टीम गठित कर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी का रोस्टर बनाया है।
एडी एसआईसी डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि दिवाली पर आग और पटाखों से झुलसने सहित हादसों में घायल होने वाले मरीज भी अस्पताल पहुंचेंगे। इसलिए जिला अस्पताल के बर्न वार्ड और मेल-फीमेल वार्ड में बेड आरक्षित किए हैं। इमरजेंसी में जरूरी दवाओं और सर्जिकल सामानों की पर्याप्त उपलब्धता के अलावा प्राथमिक उपचार और तत्काल चिकित्सा के लिए सामग्री रखी गई है। डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम की ड्यूटी रोटेशन पर लगाई है। रोस्टर के मुताबिक चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात रहेगा।
बिना अनुमति अवकाश लेने पर होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि सभी यूपीएचसी, सीएचसी के चिकित्साधिकारियों को दिवाली पर बिना अनुमति अवकाश नहीं लेने के निर्देश दिए हैं। अगर दिशा-निर्देश का उल्लंघन मिला तो कार्रवाई की जाएगी। सभी चिकित्सा इकाइयों को आवश्यक दवाओं और उपचार संबंधी संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। गंभीर स्थिति होने पर लोग 102, 108 एंबुलेंस सेवा का लाभ ले सकते हैं।
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ईएमओ के मुताबिक, युवक के इलाज के लिए फिजिशियन, स्किन और नेत्र सर्जन को रेफर किया है। इमरजेंसी में शनिवार को दुर्घटना में घायल आठ मरीज आए। सभी इलाज कराकर लौट गए।
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रसायनिक प्रतिक्रिया से होता है धमाका, आंखों को खतरा
बरेली कॉलेज के रसायन विज्ञान के सहायक प्रोफेसर नीरज सक्सेना ने बताया कि पटाखों में सल्फर, पोटेशियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट व अन्य विस्फोटक रसायनों का मिश्रण होता है। इससे सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। मिलाने के दौरान जरा सा भी घर्षण होने पर धमाका हो जाता है। इस प्रक्रिया से ऐसी गैसें निकलती हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह हैं। इन पटाखों का धुआं सांस लेने में गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। यदि यह धुआं तेजी से आंखों में भर जाए तो स्थायी रूप से रोशनी जाने का खतरा रहता है।
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अवकाश में भी सरकारी अस्पतालों में मिलेगा इलाज, ऑन कॉल रहेंगे डॉक्टर
बरेली। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की टीम अवकाश पर भी मुस्तैद रहेगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) तक इमरजेंसी व्यवस्था के निर्देश हैं। जिला अस्पताल में 10 बेड का बर्न वार्ड बनाया है। पुरुष और महिला वार्ड में चार-चार अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को तत्काल इलाज मिल सके, इसके लिए टीम गठित कर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी का रोस्टर बनाया है।
एडी एसआईसी डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि दिवाली पर आग और पटाखों से झुलसने सहित हादसों में घायल होने वाले मरीज भी अस्पताल पहुंचेंगे। इसलिए जिला अस्पताल के बर्न वार्ड और मेल-फीमेल वार्ड में बेड आरक्षित किए हैं। इमरजेंसी में जरूरी दवाओं और सर्जिकल सामानों की पर्याप्त उपलब्धता के अलावा प्राथमिक उपचार और तत्काल चिकित्सा के लिए सामग्री रखी गई है। डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम की ड्यूटी रोटेशन पर लगाई है। रोस्टर के मुताबिक चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात रहेगा।
बिना अनुमति अवकाश लेने पर होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि सभी यूपीएचसी, सीएचसी के चिकित्साधिकारियों को दिवाली पर बिना अनुमति अवकाश नहीं लेने के निर्देश दिए हैं। अगर दिशा-निर्देश का उल्लंघन मिला तो कार्रवाई की जाएगी। सभी चिकित्सा इकाइयों को आवश्यक दवाओं और उपचार संबंधी संसाधनों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। गंभीर स्थिति होने पर लोग 102, 108 एंबुलेंस सेवा का लाभ ले सकते हैं।