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Bareilly News: विश्व रीढ़ दिवसः खराब जीवनशैली और खानपान से बढ़ रही परेशानी
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अलीगंज। कूबड़ निकालकर या बहुत ज्यादा झुककर बैठना आपकी रीढ़ की हड्डी के प्राकृतिक संरेखण को प्रभावित करता है। इससे पीठ के निचले हिस्से पर अधिक दबाव पड़ता है और स्पाइन में दर्द शुरू हो सकता है। ये पूरे शरीर की सेहत को प्रभावित करता है। इसलिए रीढ़ को सीधा रखना बहुत जरूरी है। रीढ़ की हड्डी से संबंधित परेशानी को लेकर हर माह क्यारा ब्लॉक के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग 70-80 मरीज आ रहे हैं। इसके लिए लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 16 अक्तूबर को विश्व रीढ़ दिवस मनाया जाता है। यह बात क्यारा ब्लॉक के सीएचसी के एमओआईसी डॉ. सौरभ सिंह ने कही।
उन्होंने बताया कि रीढ़ की हड्डी शरीर का सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम होता है। इसका स्वस्थ और मजबूत रहना हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है, मगर दिनों-दिन खराब होती जा रही जीवनशैली और खानपान ने इससे जुड़ी समस्याओं को बढ़ा दिया है। ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा शहरी क्षेत्र में रीढ़ से संबंधित बीमारी लोगों में ज्यादा देखने को मिल रही है। शहर में घरों में लगी एसी से भी लोगों को प्रभावित कर रही है।
इस दिवस का उद्देश्य यह भी है कि शरीर की सेहत के लिए शारीरिक श्रम, बैठने की सही स्थिति, अच्छी जीवनशैली जैसी बातों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। ऐसे में अपने शरीर को लगातार सक्रिय बनाए रखकर, अच्छे खानपान से और सही जीवनशैली से हम इन समस्याओं से बच सकते हैं।
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ऐसे रखें रीढ़ की हड्डी को मजबूत
डॉक्टर के अनुसार बैठते वक्त हमेशा पोस्चर सही रखें। सोते वक्त हमेशा एक ही स्थिति में न सोएं। अपनी पोजीशन बदलते रहें। पीठ के बल जरूर लेटें, क्योंकि इससे कमर की मांसपेशियों को आराम मिलता है। अगर आप अपना वजन काबू में नहीं रख पाते हैं तो इससे भी रीढ़ की हड्डी कमजोर होती है। पेट का फैट शरीर के भाग को आगे की तरफ शिफ्ट करता है। जिससे कमर और पीठ का प्रेशर बढ़ जाता है। अपनी डाइट में प्रोटीन और कैल्शियम की भरपूर मात्रा शामिल करें। इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। हड्डियों की अच्छी सेहत के लिए विटामिन डी की प्रचुर मात्रा भी जरूरी है। संवाद
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उन्होंने बताया कि रीढ़ की हड्डी शरीर का सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम होता है। इसका स्वस्थ और मजबूत रहना हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है, मगर दिनों-दिन खराब होती जा रही जीवनशैली और खानपान ने इससे जुड़ी समस्याओं को बढ़ा दिया है। ग्रामीण क्षेत्र की अपेक्षा शहरी क्षेत्र में रीढ़ से संबंधित बीमारी लोगों में ज्यादा देखने को मिल रही है। शहर में घरों में लगी एसी से भी लोगों को प्रभावित कर रही है।
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इस दिवस का उद्देश्य यह भी है कि शरीर की सेहत के लिए शारीरिक श्रम, बैठने की सही स्थिति, अच्छी जीवनशैली जैसी बातों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। ऐसे में अपने शरीर को लगातार सक्रिय बनाए रखकर, अच्छे खानपान से और सही जीवनशैली से हम इन समस्याओं से बच सकते हैं।
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ऐसे रखें रीढ़ की हड्डी को मजबूत
डॉक्टर के अनुसार बैठते वक्त हमेशा पोस्चर सही रखें। सोते वक्त हमेशा एक ही स्थिति में न सोएं। अपनी पोजीशन बदलते रहें। पीठ के बल जरूर लेटें, क्योंकि इससे कमर की मांसपेशियों को आराम मिलता है। अगर आप अपना वजन काबू में नहीं रख पाते हैं तो इससे भी रीढ़ की हड्डी कमजोर होती है। पेट का फैट शरीर के भाग को आगे की तरफ शिफ्ट करता है। जिससे कमर और पीठ का प्रेशर बढ़ जाता है। अपनी डाइट में प्रोटीन और कैल्शियम की भरपूर मात्रा शामिल करें। इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। हड्डियों की अच्छी सेहत के लिए विटामिन डी की प्रचुर मात्रा भी जरूरी है। संवाद