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Bareilly News: नौ साल की उम्र में जीता राष्ट्रीय पदक, अब अंतरराष्ट्रीय फलक पर छाने की ललक
Sun, 07 Jul 2024 05:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 07 Jul 2024 05:46 AM IST
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बरेली। शहर की रेविका बिष्ट ने नौ साल की उम्र में वह कारनामा कर दिखाया, जिसके लिए खिलाड़ियों को काफी पसीना बहाना पड़ता है। वह ताइक्वांडो सब जूनियर वर्ग में जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पदक बटोर चुकी हैं। अब उनका सपना अंतरराष्ट्रीय फलक पर छाने का है। एक साल से वह इंडिया कैंप की तैयारी में जुटी हैं।
सुभाषनगर की राजीव कॉलोनी में रहने वाली रेविका बिष्ट मूल रूप से उत्तराखंड के रानीखेत की रहने वाली हैं। कई वर्षों से वह माता-पिता के साथ बरेली में रह रही हैं। वह चार साल से ताइक्वांडो का प्रशिक्षण ले रही हैं। सात साल की उम्र में रेविका ने पहली प्रतियोगिता में ही पदक अपने नाम किया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। रेविका के मुताबिक उनके पिता रविंद्र बिष्ट व मां शालिनी उन्हें प्रोत्साहित करती हैं।
छह साल की उम्र में शुरू किया प्रशिक्षण
रेविका फिलहाल चौथी कक्षा की छात्रा हैं। उनकी मां ने बताया कि बेटी होनहार है और उसकी कला को देखते हुए छह साल की उम्र में ही उसको ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिलाना शुरू करा दिया था। इसके बाद से ही वह लगातार प्रतियोगिताओं में भाग ले रही है। रेविका का सपना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वह देश का प्रतिनिधित्व कर पदक हासिल करे। मां शालिनी ने बताया कि उनका सपना है कि वह परिचितों और पड़ोसियों के साथ टीवी पर अपनी बेटी को जब देखें तो उसके हाथ में तिरंगा हो। गले में सोने का मेडल और उनकी आंख में आंसू हो। वह इस गर्व के पल को महसूस करना चाहती हैं।
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अब तक जीते पदक
- राष्ट्रीय स्तर पर एक रजत।
- प्रदेश स्तर पर एक रजत।
- मंडल स्तर पर दो र्स्वण, एक रजत।
- जिला स्तर पर एक रजत।
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सुभाषनगर की राजीव कॉलोनी में रहने वाली रेविका बिष्ट मूल रूप से उत्तराखंड के रानीखेत की रहने वाली हैं। कई वर्षों से वह माता-पिता के साथ बरेली में रह रही हैं। वह चार साल से ताइक्वांडो का प्रशिक्षण ले रही हैं। सात साल की उम्र में रेविका ने पहली प्रतियोगिता में ही पदक अपने नाम किया था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। रेविका के मुताबिक उनके पिता रविंद्र बिष्ट व मां शालिनी उन्हें प्रोत्साहित करती हैं।
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छह साल की उम्र में शुरू किया प्रशिक्षण
रेविका फिलहाल चौथी कक्षा की छात्रा हैं। उनकी मां ने बताया कि बेटी होनहार है और उसकी कला को देखते हुए छह साल की उम्र में ही उसको ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिलाना शुरू करा दिया था। इसके बाद से ही वह लगातार प्रतियोगिताओं में भाग ले रही है। रेविका का सपना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वह देश का प्रतिनिधित्व कर पदक हासिल करे। मां शालिनी ने बताया कि उनका सपना है कि वह परिचितों और पड़ोसियों के साथ टीवी पर अपनी बेटी को जब देखें तो उसके हाथ में तिरंगा हो। गले में सोने का मेडल और उनकी आंख में आंसू हो। वह इस गर्व के पल को महसूस करना चाहती हैं।
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अब तक जीते पदक
- राष्ट्रीय स्तर पर एक रजत।
- प्रदेश स्तर पर एक रजत।
- मंडल स्तर पर दो र्स्वण, एक रजत।
- जिला स्तर पर एक रजत।