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तलाक देने वालों! तुम चूड़ी पहन लो.. हम ई-रिक्शा चला लेंगे
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Sat, 28 Apr 2018 07:17 PM IST
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तीन तलाक पीड़ित और उत्पीड़न की शिकार महिलाओं ने अपने पतियों को पार्सल से चूड़ियां भेजी हैं। उनका कहना है कि तलाक देने वाले अब चूड़ियां पहनकर अपने घरों में बैठें। अपना और अपने बच्चों का पेट भरने के लिए अब बे खुद ई-रिक्शा चलाएंगी। 22 महिलाओं ने इसके लिए बाकायदा अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन किया है।
ये महिलाएं शुक्रवार को गढै़या स्थित मेरा हक फाउंडेशन के कार्यालय पर एकत्र थीं। इनमें से 22 महिलाओं ने फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी से ई-रिक्शा दिलवाने के लिए मदद मांगी है। इसके लिए उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए आई स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन किया है। महिलाओं का कहना है कि अब उन्हें पति का सहारा नहीं चाहिए। वे खुद मेहनत मजदूरी करके अपना और अपने बच्चों का पालन पोषण करेंगी। संस्था अध्यक्ष फरहत नकवी ने कहा, महिलाएं कभी किसी से पीछे नहीं रही हैं। वे मजदूरी करके आगे बढे़ंगी और अपना अपने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए संकल्पबद्ध हैं।
विकास भवन में तीन दिन पहले सीडीओ के साथ पीड़ित महिलाओं और फाउंडेशन की सदस्यों की मीटिंग हुई थी। इसी में सीडीओ ने अल्पसंख्यकों के लिए चलाई जा रही स्वरोजगार योजना की जानकारी दी थी। उस समय सिर्फ पांच महिलाएं ही ई-रिक्शा के लिए आवेदन करने को तैयार हुई थीं, लेकिन आपस में बातचीत करके जब उन्हें एक-दूसरे से हौसला मिला तो 22 महिलाओं ने विकास भवन जा कर ई-रिक्शा के लिए आवेदन कर दिया। इनमें 12 महिलाएं ऐसी हैं जिनके तलाक के मुकदमे अदालत में चल रहे हैं, लेकिन अभी किसी को गुजारा भत्ता नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में उनके सामने अपना और अपने बच्चों का पेट पालने का संकट है। कुछ महिलाएं तो अपने मायके में रह रहीं हैं तो कुछ किराए के मकान में बच्चों के साथ रहकर पतंग और बीड़ी बनाकर गुजारा कर रहीं हैं।
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केस - 1
रूहीना खातून की शादी शाहजहांपुर में आफाक के साथ हुई थी। एक साल पहले पति ने तलाक दे दिया। दो बेटियां थीं। एक की कैंसर से मौत हो गई। आर्थिक तंगी के चलते रूहीना उसका इलाज भी नहीं करा सकीं। पति ने महज इसलिए उन्हें तलाक दे दिया कि उन्होंने दो बेटियों को जन्म दिया।
केस - 2
सोनम की शादी पुराना शहर में ताजीम के साथ हुई थी। सवा महीने बाद ही पति ने उन्हें तलाक दे दिया। पति गरीब परिवार से था सो उसने पैसों के लिए अपनी बहन के जेठ के हाथों सोनम को बेच दिया। सोनम को जब इसका पता चला तो उसने विरोध किया। इस पर पति ने उसे तलाक देकर घर से निकाल दिया।
केस -3
रमनदीप कौर की शादी मुरादाबाद में अवतार के साथ हुई थी। दहेज के लिए उसके साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाने लगा। ससुर ने भी परेशान करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसे घर से निकाल दिया गया।
केस - 4
फरहाना खान की शादी प्रेमनगर निवासी नवेद हुसैन से हुई थी। उनके एक बेटी है। बेटी होने की वजह से ही पति ने उन्हें तलाक दे दिया। बाद में दुबारा शादी करने को तैयार हो गया। इसके लिए देवर के साथ हलाला करने का दबाव बनाया। फरहाना इसके लिए तैयार नहीं हुई। फरहाना का पति अब सऊदी अरब में बताया गया है।
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ये महिलाएं शुक्रवार को गढै़या स्थित मेरा हक फाउंडेशन के कार्यालय पर एकत्र थीं। इनमें से 22 महिलाओं ने फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी से ई-रिक्शा दिलवाने के लिए मदद मांगी है। इसके लिए उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए आई स्वरोजगार योजना के तहत आवेदन किया है। महिलाओं का कहना है कि अब उन्हें पति का सहारा नहीं चाहिए। वे खुद मेहनत मजदूरी करके अपना और अपने बच्चों का पालन पोषण करेंगी। संस्था अध्यक्ष फरहत नकवी ने कहा, महिलाएं कभी किसी से पीछे नहीं रही हैं। वे मजदूरी करके आगे बढे़ंगी और अपना अपने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए संकल्पबद्ध हैं।
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विकास भवन में तीन दिन पहले सीडीओ के साथ पीड़ित महिलाओं और फाउंडेशन की सदस्यों की मीटिंग हुई थी। इसी में सीडीओ ने अल्पसंख्यकों के लिए चलाई जा रही स्वरोजगार योजना की जानकारी दी थी। उस समय सिर्फ पांच महिलाएं ही ई-रिक्शा के लिए आवेदन करने को तैयार हुई थीं, लेकिन आपस में बातचीत करके जब उन्हें एक-दूसरे से हौसला मिला तो 22 महिलाओं ने विकास भवन जा कर ई-रिक्शा के लिए आवेदन कर दिया। इनमें 12 महिलाएं ऐसी हैं जिनके तलाक के मुकदमे अदालत में चल रहे हैं, लेकिन अभी किसी को गुजारा भत्ता नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में उनके सामने अपना और अपने बच्चों का पेट पालने का संकट है। कुछ महिलाएं तो अपने मायके में रह रहीं हैं तो कुछ किराए के मकान में बच्चों के साथ रहकर पतंग और बीड़ी बनाकर गुजारा कर रहीं हैं।
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केस - 1
रूहीना खातून की शादी शाहजहांपुर में आफाक के साथ हुई थी। एक साल पहले पति ने तलाक दे दिया। दो बेटियां थीं। एक की कैंसर से मौत हो गई। आर्थिक तंगी के चलते रूहीना उसका इलाज भी नहीं करा सकीं। पति ने महज इसलिए उन्हें तलाक दे दिया कि उन्होंने दो बेटियों को जन्म दिया।
केस - 2
सोनम की शादी पुराना शहर में ताजीम के साथ हुई थी। सवा महीने बाद ही पति ने उन्हें तलाक दे दिया। पति गरीब परिवार से था सो उसने पैसों के लिए अपनी बहन के जेठ के हाथों सोनम को बेच दिया। सोनम को जब इसका पता चला तो उसने विरोध किया। इस पर पति ने उसे तलाक देकर घर से निकाल दिया।
केस -3
रमनदीप कौर की शादी मुरादाबाद में अवतार के साथ हुई थी। दहेज के लिए उसके साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाने लगा। ससुर ने भी परेशान करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसे घर से निकाल दिया गया।
केस - 4
फरहाना खान की शादी प्रेमनगर निवासी नवेद हुसैन से हुई थी। उनके एक बेटी है। बेटी होने की वजह से ही पति ने उन्हें तलाक दे दिया। बाद में दुबारा शादी करने को तैयार हो गया। इसके लिए देवर के साथ हलाला करने का दबाव बनाया। फरहाना इसके लिए तैयार नहीं हुई। फरहाना का पति अब सऊदी अरब में बताया गया है।