{"_id":"5a6a04d54f1c1ba3268b677a","slug":"women-molestation-case-hotel-staff-removed-cctv-footage","type":"story","status":"publish","title_hn":"होटल की ‘माया’.. छेड़खानी के सबूतों पर काली छाया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
होटल की ‘माया’.. छेड़खानी के सबूतों पर काली छाया
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेेली
Updated Thu, 25 Jan 2018 09:55 PM IST
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चौकी चौराहा के पास स्थित होटल की ‘माया’ ऐसी फैली कि बीमा कंपनी की महिला मैनेजर के साथ रूम में हुई छेड़खानी के सबूतों पर ही काली छाया मंडराने लगी। होटल के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कई अहम सबूत कैद हुए थे। इनकी जांच होती तो कहानी के कई और किरदार सामने आ सकते थे, लेकिन केस की पैरवी में मददगार अहम सबूतों के नष्ट होने का पूरा इंतजार किया गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज लेने बृहस्पतिवार रात तब पहुंची, जब स्टोरेज से फुटेज मिट चुकी थीं। पुलिस को सिर्फ रिसेप्शन की सीसीटीवी फुटेज मिली। पुलिस ने इसे कब्जे में ले लिया है।
एक बीमा कंपनी के लखनऊ कार्यालय से महिला मैनेजर (एजेंसी) 23 जनवरी को चौकी चौराहा के पास स्थित होटल के कमरा नंबर 212 में ठहरी थी। उसके बॉस बगल के कमरा नंबर 211 में रुके थे। महिला मैनेजर के मुताबिक रात 10:30 बजे कमरे में खाना पहुंचाने के बाद 11:15 बजे वेटर रवि बर्तन लेने आया था। आरोप है कि इसी दौरान वेटर ने महिला मैनेजर से छेड़छाड़ की थी। वेटर का आना-जाना कॉरीडोर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ था। पुलिस के लिए यह साबित करने के लिए कि वेटर वाकई कमरे में गया था या किसी दबाव में बयान दे रहा है, यह फुटेज अहम सबूत थी। यह सबूत पहले ही एकत्र किए जा सकते थे, लेकिन लापरवाही बरती गई। बृहस्पतिवार की रात 7:30 बजे पुलिस जब सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लेने पहुंची तो होटल के मैनेजर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि कॉरीडोर में कमरों के बाहर लगे कैमरों में सिर्फ 24 घंटे की फुटेज की स्टोर रहती है। वहां नॉन एचडी कैमरे लगे हुए हैं। रिसेप्शन पर आकर हाथ पटकती है महिला
रिसेप्शन पर लगे कैमरे में 23 जनवरी की रात 11:30 बजे महिला मैनेजर अपने बॉस के साथ आती नजर आ रही है। गुस्से में वह रिसेप्शन पर हाथ भी पटकती है। होटल प्रबंधन जब पुलिस को बुलाने में देरी करता है तो वह चिल्लाती नजर आती है। बाद में होटल मैनेजर आता है और तब पुलिस को फोन किया जाता है। कुछ देर बाद पुलिस आकर कार्रवाई शुरू करती है। पूरे समय महिला मुंह पर हाथ रखे रहती है।
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अब महिला के कोर्ट में होंगे बयान
पुलिस ने महिला मैनेजर से फोन पर बृहस्पतिवार को संपर्क किया। एफआईआर के बाद अब महिला के कोर्ट में बयान होने हैं। महिला ने कोतवाली पुलिस को आश्वस्त किया है कि वह कोर्ट में बयान देने के लिए आएगी। अब कोर्ट के सामने महिला मैनेजर को जल्द पेश किया जाएगा।
मैनेजर को मालूम था कि 24 घंटे ही स्टोर रहती है फुटेज
होटल मैनेजर से जब पूछा गया कि कॉरीडोर की फुटेज चौबीस घंटे रहती है, यह बात उन्हें पहले से मालूम होगी। ऐसे में उन्हें रिसेप्शन की फुटेज की तरह कॉरीडोर की फुटेज भी डाउनलोड करके साक्ष्य सुरक्षित रखनी चाहिए थी। ताकि यह पता लग सकता कि घटनाक्रम के दौरान कमरे में कौन गया और बाहर कौन आया। इस पर होटल मैनेजर ने कहा, उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह फुटेज महत्वपूर्ण हो सकती है।
महिला अपराध के मामलों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सहित सबूत तत्काल कब्जे में लेने चाहिए थे। मैं दिखवा लेता हूं कि किस स्तर पर लापरवाही बरती गई। - जोगेंद्र कुमार, एसएसपी
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एक बीमा कंपनी के लखनऊ कार्यालय से महिला मैनेजर (एजेंसी) 23 जनवरी को चौकी चौराहा के पास स्थित होटल के कमरा नंबर 212 में ठहरी थी। उसके बॉस बगल के कमरा नंबर 211 में रुके थे। महिला मैनेजर के मुताबिक रात 10:30 बजे कमरे में खाना पहुंचाने के बाद 11:15 बजे वेटर रवि बर्तन लेने आया था। आरोप है कि इसी दौरान वेटर ने महिला मैनेजर से छेड़छाड़ की थी। वेटर का आना-जाना कॉरीडोर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ था। पुलिस के लिए यह साबित करने के लिए कि वेटर वाकई कमरे में गया था या किसी दबाव में बयान दे रहा है, यह फुटेज अहम सबूत थी। यह सबूत पहले ही एकत्र किए जा सकते थे, लेकिन लापरवाही बरती गई। बृहस्पतिवार की रात 7:30 बजे पुलिस जब सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लेने पहुंची तो होटल के मैनेजर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि कॉरीडोर में कमरों के बाहर लगे कैमरों में सिर्फ 24 घंटे की फुटेज की स्टोर रहती है। वहां नॉन एचडी कैमरे लगे हुए हैं। रिसेप्शन पर आकर हाथ पटकती है महिला
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रिसेप्शन पर लगे कैमरे में 23 जनवरी की रात 11:30 बजे महिला मैनेजर अपने बॉस के साथ आती नजर आ रही है। गुस्से में वह रिसेप्शन पर हाथ भी पटकती है। होटल प्रबंधन जब पुलिस को बुलाने में देरी करता है तो वह चिल्लाती नजर आती है। बाद में होटल मैनेजर आता है और तब पुलिस को फोन किया जाता है। कुछ देर बाद पुलिस आकर कार्रवाई शुरू करती है। पूरे समय महिला मुंह पर हाथ रखे रहती है।
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अब महिला के कोर्ट में होंगे बयान
पुलिस ने महिला मैनेजर से फोन पर बृहस्पतिवार को संपर्क किया। एफआईआर के बाद अब महिला के कोर्ट में बयान होने हैं। महिला ने कोतवाली पुलिस को आश्वस्त किया है कि वह कोर्ट में बयान देने के लिए आएगी। अब कोर्ट के सामने महिला मैनेजर को जल्द पेश किया जाएगा।
मैनेजर को मालूम था कि 24 घंटे ही स्टोर रहती है फुटेज
होटल मैनेजर से जब पूछा गया कि कॉरीडोर की फुटेज चौबीस घंटे रहती है, यह बात उन्हें पहले से मालूम होगी। ऐसे में उन्हें रिसेप्शन की फुटेज की तरह कॉरीडोर की फुटेज भी डाउनलोड करके साक्ष्य सुरक्षित रखनी चाहिए थी। ताकि यह पता लग सकता कि घटनाक्रम के दौरान कमरे में कौन गया और बाहर कौन आया। इस पर होटल मैनेजर ने कहा, उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह फुटेज महत्वपूर्ण हो सकती है।
महिला अपराध के मामलों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सहित सबूत तत्काल कब्जे में लेने चाहिए थे। मैं दिखवा लेता हूं कि किस स्तर पर लापरवाही बरती गई। - जोगेंद्र कुमार, एसएसपी