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Bareilly News: कंगन-हार संग महिलाओं को भा रहे हथियार
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बरेली। हथियार सिर्फ पुरुषों के लिए स्टेटस सिंबल नहीं, ये महिलाओं को भी खूब भा रहे हैं। उन्हें गहनों के साथ ही बंदूक, रिवॉल्वर और पिस्टल रखने का भी शौक है। आम गृहिणी से लेकर निशानेबाज युवतियां तक असलहे लेकर चल रहीं हैं। जिले में 49 हजार से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस हैं। इसमें पांच हजार लाइसेंस महिलाओं के नाम हैं।
बहादुरपुर गांव की सुधा रानी गृहिणी हैं। उनके पास दोनाली बंदूक है। वह बताती हैं कि यह बंदूक उनके ससुर बृजलाल शर्मा के नाम थी। ससुर के न रहने पर बंदूक का लाइसेंस उनके पति अरविंद शर्मा अपने नाम चाहते थे, लेकिन सुधा ने अपने नाम करा लिया। सुधा परिजनों को बंदूक बाहर ले जाने की इजाजत नहीं देतीं। जरूरत पर वह खुद ही बंदूक लेकर निकलती हैं।
आदर्श नगर कैंट की निशानेबाज रिया सिंह के पास राइफल है। इससे वह आए दिन राइफल क्लब में फायरिंग करती रहती हैं। रिया कहती हैं कि जब भी वह राइफल लेकर घर से बाहर निकलती हैं, तो उन्हें गर्व महसूस होता है। एक अन्य निशानेबाज हिबा खान के पास पिस्टल है।
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तीन वर्ष में 62 महिलाओं ने लिए लाइसेंस
पिछले तीन वर्षों में करीब 800 शस्त्र लाइसेंस जारी हुए हैं। इसमें महिलाओं की संख्या 62 बताई जा रही है। इन शस्त्र लाइसेंसों में ज्यादातर वरासत के हैं। कई महिलाओं ने नए लाइसेंस भी लिए हैं।
जनता दर्शन में ही स्वीकृत कर दिया लाइसेंस
कुछ दिन पहले कैंट क्षेत्र के भरतौल निवासी विजय रावत की पत्नी भावना रावत शस्त्र लाइसेंस के लिए कलक्ट्रेट में जनता दर्शन में डीएम के सामने पेश हुई थीं। डीएम ने उनकी बात सुनकर तुरंत उन्हें पिस्टल का लाइसेंस जारी कर दिया था। संवाद
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महिलाएं पुरुषों से किसी मामले में कम नहीं हैं। अब शस्त्र लेने के लिए भी अच्छी संख्या में महिलाओं के आवेदन देखने को मिलते हैं। जरूरत समझकर महिलाओं को लाइसेंस दिए जाते हैं। - अविनाश सिंह, डीएम
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बहादुरपुर गांव की सुधा रानी गृहिणी हैं। उनके पास दोनाली बंदूक है। वह बताती हैं कि यह बंदूक उनके ससुर बृजलाल शर्मा के नाम थी। ससुर के न रहने पर बंदूक का लाइसेंस उनके पति अरविंद शर्मा अपने नाम चाहते थे, लेकिन सुधा ने अपने नाम करा लिया। सुधा परिजनों को बंदूक बाहर ले जाने की इजाजत नहीं देतीं। जरूरत पर वह खुद ही बंदूक लेकर निकलती हैं।
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आदर्श नगर कैंट की निशानेबाज रिया सिंह के पास राइफल है। इससे वह आए दिन राइफल क्लब में फायरिंग करती रहती हैं। रिया कहती हैं कि जब भी वह राइफल लेकर घर से बाहर निकलती हैं, तो उन्हें गर्व महसूस होता है। एक अन्य निशानेबाज हिबा खान के पास पिस्टल है।
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तीन वर्ष में 62 महिलाओं ने लिए लाइसेंस
पिछले तीन वर्षों में करीब 800 शस्त्र लाइसेंस जारी हुए हैं। इसमें महिलाओं की संख्या 62 बताई जा रही है। इन शस्त्र लाइसेंसों में ज्यादातर वरासत के हैं। कई महिलाओं ने नए लाइसेंस भी लिए हैं।
जनता दर्शन में ही स्वीकृत कर दिया लाइसेंस
कुछ दिन पहले कैंट क्षेत्र के भरतौल निवासी विजय रावत की पत्नी भावना रावत शस्त्र लाइसेंस के लिए कलक्ट्रेट में जनता दर्शन में डीएम के सामने पेश हुई थीं। डीएम ने उनकी बात सुनकर तुरंत उन्हें पिस्टल का लाइसेंस जारी कर दिया था। संवाद
महिलाएं पुरुषों से किसी मामले में कम नहीं हैं। अब शस्त्र लेने के लिए भी अच्छी संख्या में महिलाओं के आवेदन देखने को मिलते हैं। जरूरत समझकर महिलाओं को लाइसेंस दिए जाते हैं। - अविनाश सिंह, डीएम