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Bareilly News: छात्र राजनीति से महिलाओं ने समाज में बनाई अलग पहचान

Thu, 23 Oct 2025 02:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 23 Oct 2025 02:36 AM IST
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Women have created a distinct identity in society through student politics.
बरेली। शहर में छात्र राजनीति में एक समय पर सक्रिय रहीं महिलाएं समाज में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। राजनीति में शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के सामने अच्छी छवि रखते हुए कॉलेज हित में कार्य किया। इस सफर में शिक्षा का दामन नहीं छूटने दिया। किसी ने बरेली कॉलेज से ही राजनीति में चमकना शुरू कर दिया, तो कोई यहां से निकलकर दूसरे विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनावों का चेहरा बनीं। छात्र नेता रहीं इन महिलाओं का मानना है छात्र राजनीति का अनुभव अनोखा है, विद्यार्थियों और शिक्षा के सिस्टम के बीच सेतु बनने का मौका मिलता है।
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छात्रहित में कई काम करवाए
गुलाब नगर की रहने वाली नाजिया आलम बरेली कॉलेज की छात्र राजनीति का 2003 से 2007 तक सक्रिय चेहरा रहीं। अपने पहले छात्र संघ चुनाव में उन्होंने एबीवीपी से पुस्तकालय मंत्री का पदभार संभालते हुए छात्रहित में कई कार्य करवाए। नाजिया ने बताया तब भी 2003 में 22 साल बाद चुनाव हुए थे। इसके बाद 2005 में महामंत्री रहीं। फिर अपना एनजीओ बनाकर समाजसेवा से जुड़ीं और 2018-21 बीजेपी की अल्पसंख्य विंग की प्रदेशमंत्री बनीं। बदायूं में चुनाव प्रभारी बनकर उतरी वर्तमान में बीजेपी के टीबरीनाथ मंडल प्रभारी पद पर कार्य कर रही हैं। नाजिया ने बताया यह उनका सौभाग्य रहा कि शादी से पहले परिवार और शादी के बाद पति भी इस राजनीति के सफर में साथ रहे।
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युवा वैज्ञानिक का पुरस्कार भी जीता
मढ़ीनाथ की रहने वाली नेहा यादव पढ़ाई साथ देश में भी छात्र राजनीति को पहचान दिला रही हैं। अपनी स्नातक की पढ़ाई रुहेलखंड विश्वविद्यालय से पूरी की। वह बताती हैं भले ही रुविवि में छात्र राजनीति बड़ी पहचान नहीं हुई, लेकिन यहां का अनुभव इलाहबाद में छात्र राजनीति में काम आया। जिसके बाद समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रहीं। वर्तमान में महिला सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर कार्य कर रही हैं। राजनीति के साथ उन्होंने पढ़ाई से कभी दूरी नहीं बनाई, बल्कि युवा वैज्ञानिक का पुरस्कार भी जीता। नेहा बताती हैं वे सामान्य परिवार से रहीं। पिता रोडवेज में परिचालक रहे, इसलिए राजनीति के साथ शिक्षा में हमेशा से संतुलन बनाए रखना जरूरी था। नेहा पोषण विज्ञान में पीएचडी धारक भी हैं।
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राजनीति ने जीवन में काफी कुछ सिखाया
महानगर की रहने वाली पल्लवी वर्तमान में प्रांतीय सिविल सेवा में अधिकारी हैं, लेकिन 2006 में भारी मतों से चुनाव जीतकर पुस्तकालय मंत्री बनीं। उस समय के चुनावी माहौल के बारे में पल्लवी बताती हैं कि पिता पुलिस में कार्यरत थे, अपने कॉलेज के दिनों में छात्र राजनीति का मजबूत चेहरा रहे। इसलिए उनसे प्रभावित होकर मैंने भी चुनाव लड़ा था, बरेली कॉलेज में विद्यार्थियों के बीच अच्छी छवि का फायदा हुआ। पढ़ने में भी अच्छी रही, इसलिए पुस्तकालय के लिए भी खूब काम किया, रेडियो जॉकी रही, आकाशवाणी में काम किया, लेकिन मुख्य लक्ष्य राजनीति नहीं रहा, हालांकि छात्र राजनीति ने जीवन में काफी कुछ सिखाया, जिसका नतीजा रहा कि मैंने कभी हार नहीं मानी। संवाद
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