नृशंसता की हदें पार: महिला ने बचने को खूब किया संघर्ष, कलाई और पैर का पंजा गायब; शव का हाल देख सिहर उठे डॉक्टर
बरेली में तीन दिन से लापता महिला की गला रेतकर हत्या करने का मामला सामने आया है। महिला की हत्या का घटनास्थल उसके साथ हुई नृशंसता को स्पष्ट बयां कर रहा है। शव से कलाई और पैर का पंजा इस तरह से कटा है जैसे किसी धारदार हथियार से उन्हें काटा गया हो।
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शाही थाना क्षेत्र के कुल्छा गांव निवासी प्रेमराज मौर्य आंखों में परेशानी की वजह से घर पर ही रहते हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी धानवती (43) शनिवार सुबह नौ बजे दवा लेने शाही स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय गई थीं। दवा लेने के बाद किसी सराफ की दुकान पर भी जाने की बात कही थी। मगर दोपहर तक वह घर नहीं लौटीं तो उनकी तलाश शुरू की गई।
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सोमवार सुबह राम अवतार शर्मा के गन्ने के खेत में राजू नाम के युवक ने महिला का शव पड़ा देखा। उसने प्रधान के पति केशव यादव को जानकारी दी। कुल्छा गांव निवासी धानवती (43) की हत्या का घटनास्थल उनके साथ हुई नृशंसता को स्पष्ट बयां कर रहा है। शव से कलाई और पैर का पंजा इस तरह से कटा है जैसे किसी धारदार हथियार से उन्हें काटा गया हो।
हालांकि, पुलिस का मानना है कि जानवरों के नोचने की वजह से भी पंजा और कलाई गायब हो सकती है। मगर सवाल ये है कि जानवर मांस तो नोच ले जाएंगे, मगर क्या धारदार हथियार की तरह हड्डी भी काट ले जाएंगे। मौके पर कटे हुए पंजे और कलाई का कोई अवशेष भी नहीं मिला है। कलाई कटने के बावजूद हाथों में लाल चूड़ियां थीं।
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महिला के शव पर कमर के ऊपर का हिस्सा पूरी तरह काला पड़ा हुआ था। लोगों ने शक जताया कि उसके शव को तेजाब या किसी केमिकल से जलाया गया है। हालांकि, फोरेंसिक टीम ने मौके पर ही यह आशंका खारिज कर दी। बताया कि धूप में शव पड़ा होने से उसमें से कई केमिकल निकलते हैं। इनकी वजह से ऐसा हुआ होगा। टीम ने मौत का समय करीब चार दिन पहले माना। हालांकि यह भी माना कि ज्यादा गर्मी की वजह से शव खराब हो गया है।
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- महिला को दवा देने वाले आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सक भी हत्या की सूचना पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कपड़ों से महिला की पहचान की। पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो बताया कि शनिवार को जब वह अस्पताल पहुंचे थे तो यह महिला उनका इंतजार कर रही थी। सबसे पहला पर्चा इन्हीं का था। उन्होंने समस्या पूछकर दवा दी तो वह चली गईं।
सूचना के बाद पुलिस करीब आधे घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंची। तब तक बड़ी संख्या में आसपास के लोग पहुंच चुके थे। इस वजह से फोरेंसिक टीम को मौके से सुबूत जुुटाने में बहुत कामयाबी नहीं मिल सकी। पुलिस ने पहुंचने के बाद भी घटनास्थल पर भीड़ को रोकने के इंतजाम नहीं किए। फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर फोटो खींचने तक सीमित रही। सीओ मीरगंज भी घटनास्थल पर कुछ देर रुकने के बाद तुरंत लौट गए।
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मृतका के एक पुत्र व चार पुत्री हैं। बेटी दुर्गा और हरप्यारी का विवाह हो चुका है। बाकी तीन बच्चे गुलाबशंकर, गंगा तथा शीतल अविवाहित हैं। पति की आंखें कमजोर हैं। जमीन बिल्कुल न होने से परिवार के भरण-पोषण के लिए इकलौता पुत्र गुलाबशंकर रुद्रपुर में मजदूरी करके जीवन यापन कर रहा है।