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बरेली: शिक्षिका को ससुराल वालों ने बेटी होने पर घर से निकाला, पति और सास-ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Wed, 15 Jun 2022 02:12 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 15 Jun 2022 02:12 PM IST
सार
पति और सास-ससुर दहेज से संतुष्ट नहीं थे। वे पीड़िता से मायके से पांच लाख रुपये और लाने की मांग कर रहे थे। इसी बीच 10 अप्रैल 2018 को उन्हें बेटी हुई तो उनका व्यवहार और ज्यादा खराब हो गया।
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विस्तार
प्रवक्ता के पद पर हरदोई के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में तैनात दुर्गानगर निवासी अनीता कुमार ने बेटी पैदा होने पर ससुराल से निकाल दिए जाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने इसमें सुभाषनगर की तिरुपति विहार कॉलोनी निवासी अपने पति संदीप चौधरी, ससुर नन्हें लाल और सास सरोज को नामजद किया है।
अनीता के मुताबिक संदीप से उनकी शादी 2016 में हुई थी। दहेज में उनके पिता ने जरूरत के सारे सामान के साथ एक कार और डेढ़ लाख रुपये कैश दिया था लेकिन उनके पति और सास-ससुर इस दहेज से संतुष्ट नहीं हुए। वे उनसे मायके से पांच लाख रुपये और लाने की मांग कर रहे थे। इसी बीच 10 अप्रैल 2018 को उन्हें बेटी हुई तो उनका व्यवहार और ज्यादा खराब हो गया।
वारिस न देने का ताना देकर सास ने उनके पति से कई बार उन्हें मायके छोड़ आने के लिए कहा। फिर 13 मई 2019 को उन्हें बेटी समेत घर से निकाल दिया। अनीता का कहना है कि इसी बीच हरदोई डायट में प्रवक्ता पद पर उनकी नौकरी लग गई। कुछ लोगों की मदद से परिवार वालों ने समझौता कराकर 14 अप्रैल 2022 को उन्हें ससुराल भेजा लेकिन वहां फिर उत्पीड़न शुरू हो गया।
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सोमवार सुबह पति ने उन्हें फिर पीटना शुरू कर दिया। किसी तरह घर से भागकर वह मंदिर में जाकर छिप गईं। कुछ देर बाद एक पुलिसकर्मी की मदद से अपने पिता को सूचना दी। वह ससुराल से उनका मोबाइल और बेटी को लेकर आए। इसके बाद उन्होंने थाना बारादरी पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
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अनीता के मुताबिक संदीप से उनकी शादी 2016 में हुई थी। दहेज में उनके पिता ने जरूरत के सारे सामान के साथ एक कार और डेढ़ लाख रुपये कैश दिया था लेकिन उनके पति और सास-ससुर इस दहेज से संतुष्ट नहीं हुए। वे उनसे मायके से पांच लाख रुपये और लाने की मांग कर रहे थे। इसी बीच 10 अप्रैल 2018 को उन्हें बेटी हुई तो उनका व्यवहार और ज्यादा खराब हो गया।
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वारिस न देने का ताना देकर सास ने उनके पति से कई बार उन्हें मायके छोड़ आने के लिए कहा। फिर 13 मई 2019 को उन्हें बेटी समेत घर से निकाल दिया। अनीता का कहना है कि इसी बीच हरदोई डायट में प्रवक्ता पद पर उनकी नौकरी लग गई। कुछ लोगों की मदद से परिवार वालों ने समझौता कराकर 14 अप्रैल 2022 को उन्हें ससुराल भेजा लेकिन वहां फिर उत्पीड़न शुरू हो गया।
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सोमवार सुबह पति ने उन्हें फिर पीटना शुरू कर दिया। किसी तरह घर से भागकर वह मंदिर में जाकर छिप गईं। कुछ देर बाद एक पुलिसकर्मी की मदद से अपने पिता को सूचना दी। वह ससुराल से उनका मोबाइल और बेटी को लेकर आए। इसके बाद उन्होंने थाना बारादरी पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।