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फर्जी आईपीएस बनकर महिला ने की सवा दो लाख की ठगी
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : demo photo
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बदायूं के युवक को बनाया शिकार, आईजी ने दिए रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
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बरेली। दिल्ली की महिला शर्मिष्ठा बेहरा ने फर्जी आईपीएस बनकर बदायूं में थाना उझानी के गांव सिरसौली निवासी दिवाकर श्रीवास्तव से दो बार में सवा दो लाख रुपये की ठगी कर ली। उनकी शिकायत पर आईजी रमित शर्मा ने बदायूं पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
आईजी को दिए शिकायती पत्र में दिवाकर ने कहा है कि मई 2021 में फेसबुक पर उनका शर्मिष्ठा बेहरा से संपर्क हुआ था। उसने खुद को आईपीएस और सीआरपीएफ के ग्रुप केंद्र जड़ौदा कलां, दिल्ली में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात होना बताया। कुछ दिन बाद शर्मिष्ठा ने पारिवारिक समस्या बताकर मदद मांगी तो उन्होंने 40 हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद उसने अपने फर्जी ऑफिस से असिस्टेंट कमांडेंट की वर्दी पहनकर वीडियो कॉलिंग की, इससे उन्हें उस पर यकीन हो गया। इसके कुछ समय बाद शर्मिष्ठा ने उन्हें फोन करके बताया कि उसकी मां का एक्सीडेंट हो गया है और वह गंभीर घायल है। इलाज के लिए रुपयों की आवश्यकता है तो उन्होंने कई बार में 1.85 लाख रुपये उसके खाते ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उन्हें पता चला कि युवती आईपीएस अधिकारी न होकर ठग है और उसके खिलाफ उड़ीसा के भुवनेश्वर में पहले से मुकदमा दर्ज है।
आईजी को दिए शिकायती पत्र में दिवाकर ने कहा है कि मई 2021 में फेसबुक पर उनका शर्मिष्ठा बेहरा से संपर्क हुआ था। उसने खुद को आईपीएस और सीआरपीएफ के ग्रुप केंद्र जड़ौदा कलां, दिल्ली में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात होना बताया। कुछ दिन बाद शर्मिष्ठा ने पारिवारिक समस्या बताकर मदद मांगी तो उन्होंने 40 हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद उसने अपने फर्जी ऑफिस से असिस्टेंट कमांडेंट की वर्दी पहनकर वीडियो कॉलिंग की, इससे उन्हें उस पर यकीन हो गया। इसके कुछ समय बाद शर्मिष्ठा ने उन्हें फोन करके बताया कि उसकी मां का एक्सीडेंट हो गया है और वह गंभीर घायल है। इलाज के लिए रुपयों की आवश्यकता है तो उन्होंने कई बार में 1.85 लाख रुपये उसके खाते ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उन्हें पता चला कि युवती आईपीएस अधिकारी न होकर ठग है और उसके खिलाफ उड़ीसा के भुवनेश्वर में पहले से मुकदमा दर्ज है।
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थाने से मंगाती थी सामान, जा चुकी है जेल
शर्मिष्ठा बेहरा ने पिछले साल उड़ीसा के भुवनेश्वर में महिला थाने में फोन करके खुद को 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी बताते हुए कुछ सामान घर पहुंचाने को कहा था। तब उसने अपनी तैनाती बीजू पटनायक स्टेट पुलिस अकादमी, उड़ीसा में बताई थी। वहां लॉकडाउन के दौरान उसने कई बार सिपाहियों के ट्रांसफर का दबाव बनाया था, इसके बाद मामला खुल गया और अप्रैल 2020 में उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। जमानत पर रिहा होने के बाद उसने फिर ठगी का धंधा शुरू कर दिया।
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