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Bareilly News: पत्नी की भरण-पोषण याचिका खारिज, दहेज उत्पीड़न व दुष्कर्म के आरोप भी निराधार

Sun, 05 Jul 2026 01:56 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sun, 05 Jul 2026 01:56 AM IST
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Wife's maintenance petition dismissed; allegations of dowry harassment and rape also found baseless.
बरेली। परिवार न्यायालय के अपर प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने एक मामले में महिला की भरण-पोषण याचिका खारिज कर दी है। महिला अपने पति से अलग रहने का कोई वैध कारण साबित नहीं कर सकी। उसकी ओर से लगाए गए दहेज उत्पीड़न, दुष्कर्म और अवैध संबंध के आरोप निराधार पाए गए।
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जानकारी के मुताबिक, महिला ने पति से 30,000 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण मांगा था। उसने आरोप लगाया था कि शादी के 25 साल बाद पति और ससुराल वाले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते हैं। महिला ने भांजे पर दुष्कर्म करने और पति का परिवार की दूसरी महिला से संबंध होने का आरोप भी लगाया था।सुनवाई के दौरान पति ने बताया कि उनकी दो बेटियां हैं, जिनमें से एक 70 फीसदी दिव्यांग है। महिला सिलाई, बुनाई व कढ़ाई करके लगभग 10,000 रुपये प्रतिमाह कमाती है और भाई के साथ दूध की डेयरी भी चलाती है। न्यायालय ने निष्कर्ष निकाला कि महिला बिना किसी वैध कारण के स्वेच्छा से अपने भाई के घर रह रही है।
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बयानों में विरोधाभास
दजेह उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला ने न्यायालय में जिरह के दौरान स्वीकार किया कि शादी के 23 साल तक पति ने कभी दहेज नहीं मांगा। दुष्कर्म और अवैध संबंध के आरोपों पर भी महिला के बयान विरोधाभासी पाए गए। महिला ने यह भी स्वीकार किया कि उसने यह मुकदमा पति की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमों को वापस लेने के लिए किया था। न्यायालय ने इन आरोपों को अविश्वसनीय और निराधार पाया। टिप्पणी की कि मां होने के नाते महिला का यह कर्तव्य था कि वह अपनी दिव्यांग बेटी के साथ रहे।
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दहेज हत्या के आरोपी पिता-पुत्र दोषमुक्त
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने दहेज हत्या के आरोपी सीबीगंज थाना क्षेत्र के गांव अटरिया निवासी पुष्पेंद्र और उसके पिता छोटे लाल को दोषमुक्त करार दिया है। एक अन्य आरोपी मृतका की सास तारावती की अप्रैल 2024 में मौत के बाद उनका नाम पत्रावली से निकाल दिया गया था।
फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव ढंढूली निवासी सोमपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी भतीजी मिथलेश की शादी पुष्पेंद्र से की थी। शादी के बाद पुष्पेंद्र, उसके पिता छोटेलाल और मां तारावती दहेज में भैंस, फ्रिज और टीवी की मांग को लेकर मिथलेश को प्रताड़ित करने लगे। 20 अगस्त 2016 की रात ससुराल वालों ने मिथलेश की गला दबाकर हत्या कर दी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
अभियोजन पक्ष की ओर से सुनवाई के दौरान आठ गवाह पेश किए गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मिथलेश की गला दबाकर हत्या नहीं की गई थी। उसके शरीर पर चोटों के निशान भी नहीं थे। कुछ गवाह भी पक्षद्रोही हो गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पुष्पेंद्र और छोटेलाल को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
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इंश्योरेंस कंपनी को 97,200 रुपये चुकाने का आदेश
बरेली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम ने इंश्योरेंस कंपनी मनोरा केयर प्राइवेट लिमिटेड को अग्रिम जमा 47,200 रुपये वापस लौटाने, 50,000 रुपये क्षतिपूर्ति देने और जमा राशि पर 19 दिसंबर 2024 से 12 फीसदी वार्षिक ब्याज का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। माल गोदाम रोड स्थित सरन हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. सुदीप सरन ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने अस्पताल को विभिन्न बीमा कंपनियों से जोड़ने का भरोसा देकर 1.18 लाख रुपये की मांग की। इस पर अस्पताल की ओर से 19 दिसंबर 2024 को 47,200 रुपये का अग्रिम भुगतान कर दिया गया, लेकिन तय सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसके बाद डॉ. सरन ने आयोग की शरण ली। प्रतिवादी कंपनी की ओर से प्रभावी पक्ष नहीं रखे जाने पर आयोग ने इसे सेवा में कमी का मामला मानते हुए एक पक्षीय आदेश पारित कर दिया।
एनडीपीएस एक्ट के दोषी को सात माह 24 दिन की कैद
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने एनडीपीएस एक्ट के दोषी बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव सहजनी निवासी दिनेश को सात माह 24 दिन की कैद और तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जीआरपी ने पांच मई 2011 को दिनेश को जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर पांच से गिरफ्तार किया था। उसके पास से 50 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया गया। विवेचना के बाद जीआरपी ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने उसे कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।



गैंगस्टर एक्ट के तीन आरोपी दोषमुक्त
बरेली। अस्पेशल जज अशोक कुमार यादव ने गैंगस्टर एक्ट के आरोपी भुता थाना क्षेत्र के गांव कोहनी निवासी गुलशेर खां, आलिम खां और काले खां को शुक्रवार को दोषमुक्त करार दिया है। भुता के तत्कालीन थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने 16 मई 2017 को तीनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने चार गवाह पेश किए। कोर्ट ने कहा कि मामला काफी पुराना है। विवेचना में कई झोल हैं। नौ साल की सुनवाई के दौरान महज चार गवाहों को ही परीक्षित कराया जा सका। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के आरोपी सिद्ध नहीं होते। ऐसे में आरोपियों को दोषमुक्त किया जाता है।
मेडिकल संचालक के हत्यारोपी की जमानत अर्जी खारिज
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने मेडिकल संचालक परमजीत की हत्या के आरोपी नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बिजौरिया निवासी आकाश दीप मौर्य की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
भुता थाना क्षेत्र के गांव रिछा निवासी रामवीर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका बेटा परमजीत 21 फरवरी को सुबह आठ बजे भुता स्थित अपने मेडिकल स्टोर के लिए निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। उन्होंने 22 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई। 22 फरवरी को ही परमजीत का शव फतेहगंज पश्चिमी में मिला। रामवीर ने आरोप लगाया कि लेन-देन के विवाद में सोमवीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर परमजीत की हत्या कर दी। पुलिस ने सोमवार और अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना की तो आकाशदीप का नाम प्रकाश में आया। आरोपी जेल में हैं। उसने जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने निरस्त कर दिया।
महिला डाॅक्टर के याैन शोषण के आरोपी जिम संचालक को जमानत नहीं
बरेली। स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक कुमार यादव ने महिला डॉक्टर के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के आरोपी पुराना शहर के घेर जाफर खां निवासी जिम संचालक आलम बेग की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
महिला डॉक्टर ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मुख्य डाकघर के पास स्थित अल्टीमेट फिटनेस जिम के संचालक आलम बेग और अकरम ने एनर्जी ड्रिंक के बहाने नशा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो क्लिप बना ली। ब्लैकमेल कर दोनों दो साल तक डॉक्टर का यौन शोषण और वसूली करते रहे। पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उनको जेल भेज दिया गया। आरोपी आलम बेग ने कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।


चोरी के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त

बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश स्पेशल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट राघवेंद्र मणि ने चोरी के आरोपी भमोरा थाना क्षेत्र के गांव भोजपुर निवासी विष्णु दयाल की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी है। संजना नाम की महिला ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि सात जून की रात राजेश और विष्णु दयाल ने उनकी झोंपड़ी में घुसकर सूटकेस चोरी कर लिया। इसमें नकदी और जेवर थे। विष्णु ने गिरफ्तारी से बचने को कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसे निरस्त कर दिया है।
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