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Bareilly News: पत्नी ने छोड़ा तो नेत्रहीन प्रवक्ता को जाल में फंसाया

Wed, 27 Aug 2025 03:18 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 27 Aug 2025 03:18 AM IST
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When his wife left him, the blind spokesperson was caught in a trap
बरेली। धर्म परिवर्तन कराने वाला गिरोह शारीरिक रूप से असहाय और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को निशाना बनाता था। राजकीय इंटर कॉलेज के दृष्टिहीन प्रवक्ता प्रभात उपाध्याय की पत्नी ने जब उसे छोड़ दिया तो गिरोह ने महिला से बात कराकर प्रभात को भावनात्मक सहारा दिया।
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ऐसे ही अपाहिज शिक्षक ब्रजपाल सिंह को सभी मामलों में गिरोह ने भावनात्मक सहारा देकर रकम ऐंठी। उन्हें अपने धर्म से जोड़कर दुधारू गाय की तरह इस्तेमाल करने की मंशा थी जो पूरी नहीं हो सकी।
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अलीगढ़ के मोहल्ला इंद्रपुरी क्वारसी निवासी अखिलेश कुमारी ने जब रिपोर्ट दर्ज कराई तो एसएसपी अनुराग आर्य ने संवेदनशील मामले में कार्रवाई के लिए एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा को अधिकृत कर दिया।
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अंशिका वर्मा ने अखिलेश कुमारी को बुलाकर जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि पुत्र प्रभात उपाध्याय जन्म से दृष्टिहीन है। प्रभात को दिव्यांग कोटे से आरक्षण मिला तो अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से उसने पढ़ाई की।
वह होशियार था तो हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से उसने सूफिज्म में पीएचडी की। 2019 में प्रभात जीआईसी अलीगढ़ में सहायक प्रवक्ता बने। तब उनका विवाह अलीगढ़ की अंजलि से कर दिया।
अखिलेश कुमारी ने बताया कि प्रभात के दृष्टिहीन होने की वजह से अंजलि उसे छोड़ गई। अंजलि ने घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न के मुकदमे दर्ज करा दिए। मजबूरी में प्रभात ने भी तलाक की अर्जी लगा दी। इसी दौरान प्रभात का ट्रांसफर बरेली जीआईसी में हो गया। मां ने बताया कि वह कभी-कभी प्रभात से मिलने बरेली आती थीं। तब उन्हें प्रभात के व्यवहार में कुछ बदलाव दिखे। उन्होंने सुना कि वह मुस्लिम धर्म से जुड़ी बातें व्हाट्सएप पर करता था।
विदेशी फंडिंग के शक में जांच ः एसपी दक्षिणी ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी कई राज्यों में घूमकर चंदा जुटाते और मदरसा चलाते थे। सलमान और उसकी बीवी के 12 बैंक खाते हैं।

अब्दुल मजीद के पांच खाते हैं। इनमें दो हजार से ज्यादा ट्रांजेक्शन मिले हैं। ऐसे में विदेशी फंडिंग के बिंदु पर भी पुलिस जांच कर रही है। इन लोगों का छांगुर गैंग से कोई कनेक्शन तो नहीं है, इसका भी पता लगाया जा रहा है। ब्यूरो
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