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Bareilly News: मौसम की मार...कांवड़िये हो रहे बीमार
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बरेली। सावन में नाथनगरी से कांविड़यों का जत्था गंगाजल लेने कछला और हरिद्वार रवाना हो रहा है, लेकिन बारिश और तेज धूप में जरा सी अनदेखी उन्हें बीमार बना रही है। स्वास्थ्य विभाग के शिविर में डिहाइड्रेशन, बुखार, उल्टी, पैरों में सूजन और शरीर दर्द से पीड़ित कांवड़िये पहुंचे। डॉक्टर ने जांच के बाद इनको दवा दी।
नोडल अधिकारी डॉ. सौरभ सिंह के मुताबिक निजी वाहन से जाने वाले कांवड़ियों को कोई परेशानी नहीं है, लेकिन डाक कांवडियों की सेहत बिगड़ रही है। तेज धूप और उमस बेहाल कर रही है। पैदल लंबा सफर तय करने से शरीर से पसीना निकलने की वजह से पानी की कमी हो रही है। जो डिहाइड्रेशन की वजह बन रही है। ऐसे ही मरीज शिविर में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा अचानक लंबी दूरी तय करने पर शारीरिक थकान तेजी से बढ़ती है। इसे नजरंदाज कर कांवड़िये आगे बढ़ते रहते हैं। जो कमजोरी का कारण बन रही है। सभी नाथ मंदिरों पर स्वास्थ्य शिविर लगा हुआ है। इसके अलावा कांवड़ियों के आवागमन के रूट पर भी शिविर लगे हैं। ताकि मौके पर ही प्राथमिक इलाज मुहैया कराया जा सके।
रविवार से सोमवार तक शिविर का रोस्टर
सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि कांवड़ियों का आगमन नाथ मंदिरों पर रविवार से शुरू होता है जो सोमवार तक जारी रहता है। लिहाजा, रविवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह आठ बजे तक और सोमवार से सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक रोस्टर के तहत चिकित्साधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इनके साथ एक सहयोग स्टाफ भी तैनात है। शिविर में सभी जरूरी दवा, जांच उपकरण आदि उपलब्ध हैं।
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एंबुलेंस भी मंदिरों पर तैनात
किसी कांवडियों या श्रद्धालु की हालत गंभीर होने पर तत्काल उन्हें नजदीकी अस्पताल में इलाज उपलब्ध कराने के लिए आकस्मिक सेवा के तौर पर मंदिर के पास एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। डॉ. सौरभ के मुताबिक एंबुलेंस में भी प्राथमिक इलाज, ऑक्सीजन, इंजेक्शन आदि जरूरी दवा और प्रशिक्षित स्टाफ तैनात है। एंबुलेंस की सूचना संबंधित कैंप प्रभारियों के पास है। ताकि जांच के बाद मरीज रेफर हो सकें।
कांवडिये रखें ध्यान
- यात्रा के दौरान नशे का सेवन न करें। इससे डिहाइड्रेशन तेज होता है।
- फल और ताजा भोजन खाएं। मिर्च, तेल और मसाले से परहेज करें।
- नियमित खुराक से भोजन आधा रहे। शेष पानी के लिए जगह रखें।
- रुक-रुककर ग्लूकोज, इलेक्ट्रॉल या नींबू पानी का सेवन हितकर।
- पसीने से भीगने पर कपड़े बदलें। ज्यादा देर गीले कपड़े में न रहें।
- सिर को ढककर ही रखें। तबियत बिगड़ने पर लापरवाही न करें।
- क्षमतानुसार पैदल चलें और डाक कांवड़ का वजन सहने से राहत।
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नोडल अधिकारी डॉ. सौरभ सिंह के मुताबिक निजी वाहन से जाने वाले कांवड़ियों को कोई परेशानी नहीं है, लेकिन डाक कांवडियों की सेहत बिगड़ रही है। तेज धूप और उमस बेहाल कर रही है। पैदल लंबा सफर तय करने से शरीर से पसीना निकलने की वजह से पानी की कमी हो रही है। जो डिहाइड्रेशन की वजह बन रही है। ऐसे ही मरीज शिविर में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा अचानक लंबी दूरी तय करने पर शारीरिक थकान तेजी से बढ़ती है। इसे नजरंदाज कर कांवड़िये आगे बढ़ते रहते हैं। जो कमजोरी का कारण बन रही है। सभी नाथ मंदिरों पर स्वास्थ्य शिविर लगा हुआ है। इसके अलावा कांवड़ियों के आवागमन के रूट पर भी शिविर लगे हैं। ताकि मौके पर ही प्राथमिक इलाज मुहैया कराया जा सके।
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रविवार से सोमवार तक शिविर का रोस्टर
सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि कांवड़ियों का आगमन नाथ मंदिरों पर रविवार से शुरू होता है जो सोमवार तक जारी रहता है। लिहाजा, रविवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह आठ बजे तक और सोमवार से सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक रोस्टर के तहत चिकित्साधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इनके साथ एक सहयोग स्टाफ भी तैनात है। शिविर में सभी जरूरी दवा, जांच उपकरण आदि उपलब्ध हैं।
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एंबुलेंस भी मंदिरों पर तैनात
किसी कांवडियों या श्रद्धालु की हालत गंभीर होने पर तत्काल उन्हें नजदीकी अस्पताल में इलाज उपलब्ध कराने के लिए आकस्मिक सेवा के तौर पर मंदिर के पास एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। डॉ. सौरभ के मुताबिक एंबुलेंस में भी प्राथमिक इलाज, ऑक्सीजन, इंजेक्शन आदि जरूरी दवा और प्रशिक्षित स्टाफ तैनात है। एंबुलेंस की सूचना संबंधित कैंप प्रभारियों के पास है। ताकि जांच के बाद मरीज रेफर हो सकें।
कांवडिये रखें ध्यान
- यात्रा के दौरान नशे का सेवन न करें। इससे डिहाइड्रेशन तेज होता है।
- फल और ताजा भोजन खाएं। मिर्च, तेल और मसाले से परहेज करें।
- नियमित खुराक से भोजन आधा रहे। शेष पानी के लिए जगह रखें।
- रुक-रुककर ग्लूकोज, इलेक्ट्रॉल या नींबू पानी का सेवन हितकर।
- पसीने से भीगने पर कपड़े बदलें। ज्यादा देर गीले कपड़े में न रहें।
- सिर को ढककर ही रखें। तबियत बिगड़ने पर लापरवाही न करें।
- क्षमतानुसार पैदल चलें और डाक कांवड़ का वजन सहने से राहत।