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ठंड ने दी दस्तक, हो जाएं सावधान...
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बरेली। दिवाली के बाद छाई धुंध और बादल छंट गए हैं। अब सर्दी आपकी सेहत का इम्तहान लेने को तैयार है। यह महीना मौसम के उतारचढ़ाव में गुजरेगा। दिन गर्मी तो रात सर्दी का एहसास कराएगी। जरा सी असावधानी बीमार कर देगी। रविवार को न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विज्ञानी कह रहे हैं कि तापमान अभी और कम होगा।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा के अनुसार एक हफ्ते तक मौसम साफ रहेगा। दिन में धूप खिलेगी तो रात में ठंड बढ़ सकती है। सुबह हल्का कोहरा भी दिख सकता है। उन्होंने बताया कि कोहरे के साथ हल्की हवा चल सकती है जिससे सुबह में ठंड का प्रकोप ज्यादा बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान बुलबुल का असर यूपी में नहीं दिखेगा। इसका असर पूरब की तरफ ज्यादा है। बिहार तक इसका असर रह सकता है। अगर उत्तर की तरफ ज्यादा असर होता तो उत्तर प्रदेश में इसका असर दिख सकता था।
दिल और रक्तचाप के मरीज बरतें सावधानी
जाड़े में दिल और रक्तचाप के मरीजों को विशेष सावधानी की आवश्यकता है। ठंड से रक्तचाप बढ़ जाता है जिसे जल्दी नियंत्रित न करने पर हार्ट अटैक और पैरालाइसिस हो सकता है। ठंड अधिक हो तो मरीज मॉर्निंग वॉक न करें। घर में ही छोटे-मोटे व्यायाम कर सकते हैं। ठंड से अस्थमा रोगियों को भी दिक्कत हो सकती है। ऐसे मरीज इन्हेलर साथ लेकर चलें।
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खान-पान का रखें खास ख्याल
शरीर का तापमान संतुलित करने के लिए शारीरिक गतिविधियां आवश्यक है। इससे ठंड से काफी हद तक बचा जा सकता है लेकिन इससे कैलोरी अधिक बर्न होती है इसलिए जरूरी है कि थोड़ी-थोड़ी देर पर कुछ खाते रहा जाए। दही, केला जैसी ठंडी तासीर वाली चीजें खाने से बचें। अधिक मसालेदार भोजन भी न करें। तिल से बनी चीजें खाने से फायदा होगा। हरी साग-सब्जी भी खूब खाएं। चावल के बजाय रोटी को प्राथमिकता दें। गर्म पानी का इस्तेमाल करें।
अंगुलियां हैं प्राकृतिक थर्मामीटर
हाथों की अंगुलियां प्राकृतिक थर्मामीटर हैं। अंगुलियां अगर देर तक ठंडी हैं और गर्म नहीं हो रही हैं तो इसका मतलब है कि शरीर को और गर्मी की जरूरत है। गर्म कपड़े और पहनें और आग तापें। शारीरिक गतिविधियां बढ़ाएं। अंगुलियां 10-15 मिनट में गर्म हो जाती हैं तो इसका मतलब है कि शरीर जरूरत भर गर्म हो गया है।
सरसों तेल की मालिश लाभदायक
जाड़े की धूप में सरसों तेल की मालिश बहुत लाभदायक है। रात में भी शरीर में तेल लगाकर सोएं। नहाने से पहले भी तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार बताते हैं कि बच्चों और बुजुर्गों को तेल लगाकर ही नहाना चाहिए। इससे ठंडे पानी का असर शरीर पर नहीं होता है। शरीर की नमी भी बनी रहती है।
घातक है ब्लोअर
ब्लोअर का अधिक इस्तेमाल घातक हो सकता है। ड्राई हीटर से कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे फेफ ड़े में समस्या आ सकती है। इस हीटर से कमरे की नमी भी पूरी तरह खत्म हो जाती है। बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोना भी खतरनाक हो सकता है।
अगर ठंड लग जाए तो..
अगर ठंड लग जाए तो तुरंत शरीर गर्म करने की व्यवस्था करें। संभव हो तो आग तापें। ठंड से कोल्ड डायरिया हो सकता है। उल्टी और दस्त हो सकते है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी न होने दें। इलेक्ट्रोल का घोल पिलाएं। पालक या गाजर का सूप दें। दूध में हल्दी घोलकर पिलाएं। घी भी दे सकते हैं। हालत गंभीर दिखे तो डॉक्टर से संपर्क करें।
डाक्टर कोट
सर्दी में आंखों की समुचित देखभाल बहुत जरूरी है। आंखों को सूखने से बचाएं। ध्यान रखें कि आंखों में इन्फेक्शन न हो। ब्लोअर का इस्तेमाल कम से कम करें। - डॉ. हर्षवर्धन, नेत्र रोग विशेषज्ञ
हमारा स्वास्थ्य बहुत हद तक आहार पर निर्भर करता है। ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। तेल मालिश लाभदायक होती है। - डॉ. संतोष कुमार, आयुर्वेद चिकित्सक
मौसम बदलने पर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से वायरल इन्फेक्शन का प्रकोप बढ़ जाता है। ठंडी हवा के सीधे और अचानक संपर्क में आने से बचना चाहिए। - डॉ. एके गुप्ता, जनरल सर्जन।
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मौसम वैज्ञानिक डॉ. एचएस कुशवाहा के अनुसार एक हफ्ते तक मौसम साफ रहेगा। दिन में धूप खिलेगी तो रात में ठंड बढ़ सकती है। सुबह हल्का कोहरा भी दिख सकता है। उन्होंने बताया कि कोहरे के साथ हल्की हवा चल सकती है जिससे सुबह में ठंड का प्रकोप ज्यादा बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान बुलबुल का असर यूपी में नहीं दिखेगा। इसका असर पूरब की तरफ ज्यादा है। बिहार तक इसका असर रह सकता है। अगर उत्तर की तरफ ज्यादा असर होता तो उत्तर प्रदेश में इसका असर दिख सकता था।
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दिल और रक्तचाप के मरीज बरतें सावधानी
जाड़े में दिल और रक्तचाप के मरीजों को विशेष सावधानी की आवश्यकता है। ठंड से रक्तचाप बढ़ जाता है जिसे जल्दी नियंत्रित न करने पर हार्ट अटैक और पैरालाइसिस हो सकता है। ठंड अधिक हो तो मरीज मॉर्निंग वॉक न करें। घर में ही छोटे-मोटे व्यायाम कर सकते हैं। ठंड से अस्थमा रोगियों को भी दिक्कत हो सकती है। ऐसे मरीज इन्हेलर साथ लेकर चलें।
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खान-पान का रखें खास ख्याल
शरीर का तापमान संतुलित करने के लिए शारीरिक गतिविधियां आवश्यक है। इससे ठंड से काफी हद तक बचा जा सकता है लेकिन इससे कैलोरी अधिक बर्न होती है इसलिए जरूरी है कि थोड़ी-थोड़ी देर पर कुछ खाते रहा जाए। दही, केला जैसी ठंडी तासीर वाली चीजें खाने से बचें। अधिक मसालेदार भोजन भी न करें। तिल से बनी चीजें खाने से फायदा होगा। हरी साग-सब्जी भी खूब खाएं। चावल के बजाय रोटी को प्राथमिकता दें। गर्म पानी का इस्तेमाल करें।
अंगुलियां हैं प्राकृतिक थर्मामीटर
हाथों की अंगुलियां प्राकृतिक थर्मामीटर हैं। अंगुलियां अगर देर तक ठंडी हैं और गर्म नहीं हो रही हैं तो इसका मतलब है कि शरीर को और गर्मी की जरूरत है। गर्म कपड़े और पहनें और आग तापें। शारीरिक गतिविधियां बढ़ाएं। अंगुलियां 10-15 मिनट में गर्म हो जाती हैं तो इसका मतलब है कि शरीर जरूरत भर गर्म हो गया है।
सरसों तेल की मालिश लाभदायक
जाड़े की धूप में सरसों तेल की मालिश बहुत लाभदायक है। रात में भी शरीर में तेल लगाकर सोएं। नहाने से पहले भी तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार बताते हैं कि बच्चों और बुजुर्गों को तेल लगाकर ही नहाना चाहिए। इससे ठंडे पानी का असर शरीर पर नहीं होता है। शरीर की नमी भी बनी रहती है।
घातक है ब्लोअर
ब्लोअर का अधिक इस्तेमाल घातक हो सकता है। ड्राई हीटर से कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे फेफ ड़े में समस्या आ सकती है। इस हीटर से कमरे की नमी भी पूरी तरह खत्म हो जाती है। बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोना भी खतरनाक हो सकता है।
अगर ठंड लग जाए तो..
अगर ठंड लग जाए तो तुरंत शरीर गर्म करने की व्यवस्था करें। संभव हो तो आग तापें। ठंड से कोल्ड डायरिया हो सकता है। उल्टी और दस्त हो सकते है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी न होने दें। इलेक्ट्रोल का घोल पिलाएं। पालक या गाजर का सूप दें। दूध में हल्दी घोलकर पिलाएं। घी भी दे सकते हैं। हालत गंभीर दिखे तो डॉक्टर से संपर्क करें।
डाक्टर कोट
सर्दी में आंखों की समुचित देखभाल बहुत जरूरी है। आंखों को सूखने से बचाएं। ध्यान रखें कि आंखों में इन्फेक्शन न हो। ब्लोअर का इस्तेमाल कम से कम करें। - डॉ. हर्षवर्धन, नेत्र रोग विशेषज्ञ
हमारा स्वास्थ्य बहुत हद तक आहार पर निर्भर करता है। ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। तेल मालिश लाभदायक होती है। - डॉ. संतोष कुमार, आयुर्वेद चिकित्सक
मौसम बदलने पर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से वायरल इन्फेक्शन का प्रकोप बढ़ जाता है। ठंडी हवा के सीधे और अचानक संपर्क में आने से बचना चाहिए। - डॉ. एके गुप्ता, जनरल सर्जन।