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Bareilly News: खंडहर में बना रहे थे हथियार, हिस्ट्रीशीटर चिरकुंडा समेत छह गिरफ्तार
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बने और अधबने असलहों समेत 37 कारतूस और उपकरण बरामद, कैंट थाने में मुकदमा दर्ज
बरेली। कैंट थाना पुलिस ने छापा मारकर बारादरी थाने के हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा समेत उसके गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी खंडहर में असलहे बना रहे थे। पुलिस ने मौके से कई बने और अधबने हथियार समेत 37 कारतूस और उपकरण बरामद किए हैं।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि मुखबिर की सूचना पर कैंट पुलिस ने नकटिया क्षेत्र में कृष्णा कॉलोनी के पास खंडहर में दबिश दी। वहां कालीबाड़ी निवासी हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा, राजेश, आकाश व कालीबाड़ी हाता फाल्तूनगंज निवासी अभिषेक, अक्षय और प्रेम उर्फ किच्छू को अवैध हथियार बनाते हुए पकड़ा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
फैक्टरी में बनाते थे बंदूक-तमंचे, मरम्मत भी करते थे
सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी खंडहर में देसी बंदूकें और तमंचे बनाने के साथ ही पुराने अवैध असलहों की मरम्मत भी करते थे। गंगापुर, कालीबाड़ी और सिकलापुर में इन असलहों की सप्लाई करते थे। सुराग मिला है कि असलहे शहर के बाहर भी भेजे जाते थे। आरोपियों से खरीदारों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस उन पर भी शिकंजा कसेगी।
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बेहद शातिर है राजेंद्र, कालीबाड़ी इलाके में बड़ा नेटवर्क
राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा पर मादक पदार्थों की तस्करी, जुआ, सट्टा, शराब तस्करी, ऑर्म्स एक्ट आदि के कई मुकदमे दर्ज हैं। उस पर जेबकतरों का अंतरराज्यीय गिरोह चलाने के आरोप भी लगते रहे हैं। चिरकुंडा बारादरी क्षेत्र के कालीबाड़ी और गंगापुर क्षेत्र में सक्रिय रहता था। वर्ष 2019 में तस्करी को लेकर हुए विवाद में चिरकुंडा को श्यामगंज में गोली भी मारी गई थी। अस्पताल में कुछ दिन इलाज के बाद वह दोबारा अपराध करने लगा। अब चिरकुंडा और उसके साथियों ने अवैध हथियार बनाकर उनकी तस्करी शुरू कर दी थी।
अफसरों की कृपा से कैंट पुलिस की झोली में आया गुडवर्क
हाल ही में सिकलापुर चौराहे पर घर के अंदर सोते वक्त दयाशंकर की गोली मारकर हत्या की गई थी। मामले में दयाशंकर के भतीजे रितिक को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में रितिक ने बताया कि उसका उस्ताद राहुल शिकंजी है। उसे सिरौली थाने से जेल भेजा गया है। राहुल ही हथियारों का सौदागर है। दिखावे के लिए वह बरेली कॉलेज के बाहर गोलगप्पे व शिकंजी का ठेला लगवाता है। रितिक भी गोलगप्पे बनवाकर उसी को सप्लाई करता था। रितिक को तमंचा भी राहुल ने ही दिया था। पता लगा कि राहुल और चिरकुंडा ने साझे में हथियार बनाने की फैक्टरी खोल रखी है। पुलिस ने उससे जानकारी जुटाई तो पता लगा कि यह काम कैंट इलाके में किया जा रहा है। एसपी सिटी ने कैंट पुलिस को लोकेशन और निर्देश दिए तो इंस्पेक्टर राजेश यादव की टीम ने गुडवर्क कर लिया। ब्यूरो
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बरेली। कैंट थाना पुलिस ने छापा मारकर बारादरी थाने के हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा समेत उसके गिरोह के छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी खंडहर में असलहे बना रहे थे। पुलिस ने मौके से कई बने और अधबने हथियार समेत 37 कारतूस और उपकरण बरामद किए हैं।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि मुखबिर की सूचना पर कैंट पुलिस ने नकटिया क्षेत्र में कृष्णा कॉलोनी के पास खंडहर में दबिश दी। वहां कालीबाड़ी निवासी हिस्ट्रीशीटर राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा, राजेश, आकाश व कालीबाड़ी हाता फाल्तूनगंज निवासी अभिषेक, अक्षय और प्रेम उर्फ किच्छू को अवैध हथियार बनाते हुए पकड़ा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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फैक्टरी में बनाते थे बंदूक-तमंचे, मरम्मत भी करते थे
सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी खंडहर में देसी बंदूकें और तमंचे बनाने के साथ ही पुराने अवैध असलहों की मरम्मत भी करते थे। गंगापुर, कालीबाड़ी और सिकलापुर में इन असलहों की सप्लाई करते थे। सुराग मिला है कि असलहे शहर के बाहर भी भेजे जाते थे। आरोपियों से खरीदारों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस उन पर भी शिकंजा कसेगी।
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बेहद शातिर है राजेंद्र, कालीबाड़ी इलाके में बड़ा नेटवर्क
राजेंद्र उर्फ चिरकुंडा पर मादक पदार्थों की तस्करी, जुआ, सट्टा, शराब तस्करी, ऑर्म्स एक्ट आदि के कई मुकदमे दर्ज हैं। उस पर जेबकतरों का अंतरराज्यीय गिरोह चलाने के आरोप भी लगते रहे हैं। चिरकुंडा बारादरी क्षेत्र के कालीबाड़ी और गंगापुर क्षेत्र में सक्रिय रहता था। वर्ष 2019 में तस्करी को लेकर हुए विवाद में चिरकुंडा को श्यामगंज में गोली भी मारी गई थी। अस्पताल में कुछ दिन इलाज के बाद वह दोबारा अपराध करने लगा। अब चिरकुंडा और उसके साथियों ने अवैध हथियार बनाकर उनकी तस्करी शुरू कर दी थी।
अफसरों की कृपा से कैंट पुलिस की झोली में आया गुडवर्क
हाल ही में सिकलापुर चौराहे पर घर के अंदर सोते वक्त दयाशंकर की गोली मारकर हत्या की गई थी। मामले में दयाशंकर के भतीजे रितिक को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में रितिक ने बताया कि उसका उस्ताद राहुल शिकंजी है। उसे सिरौली थाने से जेल भेजा गया है। राहुल ही हथियारों का सौदागर है। दिखावे के लिए वह बरेली कॉलेज के बाहर गोलगप्पे व शिकंजी का ठेला लगवाता है। रितिक भी गोलगप्पे बनवाकर उसी को सप्लाई करता था। रितिक को तमंचा भी राहुल ने ही दिया था। पता लगा कि राहुल और चिरकुंडा ने साझे में हथियार बनाने की फैक्टरी खोल रखी है। पुलिस ने उससे जानकारी जुटाई तो पता लगा कि यह काम कैंट इलाके में किया जा रहा है। एसपी सिटी ने कैंट पुलिस को लोकेशन और निर्देश दिए तो इंस्पेक्टर राजेश यादव की टीम ने गुडवर्क कर लिया। ब्यूरो