Bareilly News: छह साल पहले 11 करोड़ रुपये से बनी टंकी, अब तक घरों में नहीं पहुंचा पानी
बरेली नगर निगम के वार्ड 37 में 11 करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी छह साल से सूखी पड़ी है। स्थानीय लोग भीषण गर्मी में पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। बताया गया कि टंकी का कनेक्शन अभी तक मुख्य लाइन से नहीं हुआ है। यह समस्या अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने उठाई।
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बरेली नगर निगम के वार्ड 37 में छह साल पहले बनी पानी की टंकी का लाभ आज तक स्थानीय लोगों को नहीं मिल सका है। टंकी का मुख्य लाइन से कनेक्शन नहीं होने के कारण यह समस्या बनी हुई है। अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों ने यह जानकारी दी, जहां करीब 38 हजार की आबादी वाले इस वार्ड की कई समस्याएं सामने आईं।
वार्ड के नंदौसी में बनी पानी की टंकी सिर्फ खड़ी है। इसका लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। अशोक प्रजापति ने बताया कि परसाखेड़ा के लिए बनी टंकी का भी गांव से कोई कनेक्शन नहीं है, जिससे पानी की समस्या सबसे बड़ी बनी हुई है। वार्ड में कई सड़कें लंबे समय से टूटी हुई हैं। निवासियों ने कई बार पार्षद से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की स्थिति भी खराब है। नियमित गाड़ी वार्ड में नहीं पहुंच रही है। सफाई कर्मचारी भी महीने में एक-दो बार ही नालियों की सफाई करते हैं।
बेसहारा जानवरों का आतंक
नंदौसी वार्ड में एबीसी सेंटर होने के बावजूद निगम आवारा कुत्तों को पकड़ नहीं पा रहा है। निवासियों ने बताया कि कुत्तों द्वारा बच्चों और अन्य लोगों को काटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। बेसहारा गाय और सांड भी किसानों को परेशान कर रहे हैं, जो खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद करते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निगम के कान्हा उपवन से भी कई बार जानवरों को छोड़ दिया जाता है, जिससे वे आसपास के क्षेत्रों में घूमकर नुकसान पहुंचाते हैं। पचा गोटियां गांव में निगम का तालाब कूड़ा डालकर पाट दिया गया है, जिससे आसपास के खेतों को नुकसान हो रहा है। निवासियों ने पानी की समस्या के समाधान के लिए गांव में पाइप लाइन डलवाने की मांग की।
विकास कार्य और अन्य शिकायतें
पार्षद अंजुल ने बताया कि उनके कार्यकाल में वार्ड के विकास पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि करीब छह करोड़ रुपये के काम प्रस्तावित हैं और कुछ पर कार्य चल रहा है। टंकी को मुख्य लाइन से जोड़ने के लिए निगम को पत्र लिखा गया है।