{"_id":"6265b6d1599fea5ea60e7759","slug":"waste-collector-appointed-in-100-vilages-bareilly-news-bly482631689","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरेली के 100 गांवों में तैनात होंगे वेस्ट कलेक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरेली के 100 गांवों में तैनात होंगे वेस्ट कलेक्टर
विज्ञापन
बरेली। शहरों के बाद अब कचरा निस्तारण पर गांवों में भी काम होगा। यह जिम्मेदारी वेस्ट कलेक्टर निभाएंगे। पहले चरण में बरेली के सौ गांवों में वेस्ट कलेक्टर तैनाती होंगे जो गांवों में ऐसी दूसरी संभावनाओं को भी तलाशेंगे ताकि ग्राम पंचायतों की आय बढ़ सके।
जनपद के अधिकांश गांवों में कचरा एक जगह एकत्रित नहीं हो रहा है। इससे गंदगी बढ़ रही है। इसी के निस्तारण के लिए स्वच्छता अभियान के दूसरे चरण में गांवों में वेस्ट कलेक्टर की तैनाती की व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायतें अपने स्तर से वेस्ट कलेक्टर रखेंगी। शुरूआत वह ग्राम पंचायतें करेंगी जो मॉडल बनने की ओर हैं। वेस्ट कलेक्टर के मानदेय का निर्धारण भी ग्राम पंचायतों के जरिए ही होगा। इसके लिए सरकार अलग बजट नहीं देगी। बताते हैं कि आलमपुर जाफराबाद के कुछ गांवों में वेस्ट कलेक्टर पहले चरण में रखे जाएंगे।
पंचायती राज विभाग देगा प्रशिक्षण
पंचायती राज विभाग के अधिकारी और स्वच्छता अभियान से जुड़े समन्वयकों का प्रशिक्षण नोएडा में इसी माह में होने जा रहा है। वहां कचरा निस्तारण पर बात होगी। गांवों में घरों से कैसे कूड़ा एकत्रित किया जाए और उसका निस्तारण कैसे हो, इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण पाने के बाद यह अधिकारी वेस्ट कलेक्टरों को प्रशिक्षण देंगे। उसके बाद वेस्ट कलेक्टर गांवों में कार्य शुरू कर देंगे। वेस्ट कलेक्टर के पास भी कूड़ा निस्तारण के लिए एक टीम होगी।
विज्ञापन
ये होंगे वेस्ट कलेक्टरों के काम
घरों में ही गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करवाना, कूडा़ एकत्रित करवाने की व्यवस्था बनाना, डलावघर पर गीला व सूखा कूड़ा अलग करवाना, प्लास्टिक वेस्ट एकत्रित कराकर उसकी बिक्री करवाना ताकि ग्राम पंचायत की आय हो।कूड़े के जरिए कंपोस्ट खाद भी बनाया जाएगा।
विज्ञापन
जनपद के अधिकांश गांवों में कचरा एक जगह एकत्रित नहीं हो रहा है। इससे गंदगी बढ़ रही है। इसी के निस्तारण के लिए स्वच्छता अभियान के दूसरे चरण में गांवों में वेस्ट कलेक्टर की तैनाती की व्यवस्था की गई है। ग्राम पंचायतें अपने स्तर से वेस्ट कलेक्टर रखेंगी। शुरूआत वह ग्राम पंचायतें करेंगी जो मॉडल बनने की ओर हैं। वेस्ट कलेक्टर के मानदेय का निर्धारण भी ग्राम पंचायतों के जरिए ही होगा। इसके लिए सरकार अलग बजट नहीं देगी। बताते हैं कि आलमपुर जाफराबाद के कुछ गांवों में वेस्ट कलेक्टर पहले चरण में रखे जाएंगे।
विज्ञापन
पंचायती राज विभाग देगा प्रशिक्षण
पंचायती राज विभाग के अधिकारी और स्वच्छता अभियान से जुड़े समन्वयकों का प्रशिक्षण नोएडा में इसी माह में होने जा रहा है। वहां कचरा निस्तारण पर बात होगी। गांवों में घरों से कैसे कूड़ा एकत्रित किया जाए और उसका निस्तारण कैसे हो, इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण पाने के बाद यह अधिकारी वेस्ट कलेक्टरों को प्रशिक्षण देंगे। उसके बाद वेस्ट कलेक्टर गांवों में कार्य शुरू कर देंगे। वेस्ट कलेक्टर के पास भी कूड़ा निस्तारण के लिए एक टीम होगी।
विज्ञापन
ये होंगे वेस्ट कलेक्टरों के काम
घरों में ही गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग करवाना, कूडा़ एकत्रित करवाने की व्यवस्था बनाना, डलावघर पर गीला व सूखा कूड़ा अलग करवाना, प्लास्टिक वेस्ट एकत्रित कराकर उसकी बिक्री करवाना ताकि ग्राम पंचायत की आय हो।कूड़े के जरिए कंपोस्ट खाद भी बनाया जाएगा।