UP: 16 साल से फरार चल रहा 50 हजार का इनामी बदमाश राजस्थान से गिरफ्तार, बरेली में साथियों संग डाली थी डकैती
बरेली के भोजीपुरा में 16 साल पहले साथियों के साथ डकैती डालने वाला बदमाश सतीश उर्फ मनीष को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी बदमाश फर्रुखाबाद जिले का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित था।
विस्तार
बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र में साल 2009 में साथियों के साथ डकैती डालने वाले घुमंतु गिरोह के फरार सदस्य व 50 हजार रुपये इनामी बदमाश को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने हरसौली फाटक खेरथल अलवर राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान थाना मोहम्मदाबाद क्षेत्र जिला फर्रुखाबाद निवासी सतीश उर्फ मनीष के रूप में हुई है। एसटीएफ टीम ने आरोपी को भोजीपुरा पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी पिछले 16 वर्षों से फरार था।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2009 में आरोपी का पूरा घुमंतु गिरोह बरेली जिले में डेरा डाल कर रह रहा था। गिरोह ने भोजीपुरा क्षेत्र के पॉवर ग्रिड में मिट्टी डालने वाले चार ट्रैक्टर-ट्राली को डकैती डाल लूट ले गए थे। जिसमें से कई आरोपियों को पहले गिरफ्तार किया गया था। लेकिन, सतीश की गिरफ्तारी के लिए बरेली पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस और एसटीएफ की टीम आरोपी की तलाश कर रही थी। इस बीच एसटीएफ टीम को जानकारी हुई कि 16 वर्षों से फरार आरोपी सतीश अपना नाम-पता छिपाकर खेरथल अलवर में रह रहा है। जिस पर टीम ने आरोपी सतीश को हरसौली फाटक खेरथल अलवर राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसे भोजीपुरा पुलिस को सौंप दिया। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश की। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
डेरा डालकर रहता था गिरोह, करता था लूट
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी सतीश उर्फ मनीष ने बताया कि वह मूल रुप से बनपोई थाना मोहम्मदाबाद जनपद फर्रुखाबाद का रहने वाला है। जो मौजूदा समय में आनन्द नगर वार्ड नम्बर 25 जाट कालोनी खैरथल अलवर राजस्थान में रह रहा था। उसने बताया कि वह घुमंतू जाति से ताल्लुक रखता है। घुमंतू जाति के लोग अलग-अलग शहरों में डेरा डालकर रहते हैं। जो मौका पाते ही लूट डकैती करते हैं। साथ ही बताया कि लूट या डकैती के समय अगर उन्हें किसी से खतरा लगता है तो वह उन्हें मारने में भी एक पल की देरी नहीं करते।
2009 में चार ट्रैक्टर-ट्राली लूटा था गिरोह
आरोपी ने आगे बताया कि 2009 में सभी लोग बरेली में डेरा डाल रह रहे थे। उन दिनो भोजीपुरा क्षेत्र में पावर ग्रिड में मिट्टी डालने का कार्य चल रहा था। इस बीच 10 साथियों के साथ मिलकर चार ट्रैक्टर-ट्राली दोहना पावर ग्रिड के पास से लूट लिए थे। उसके कुछ समय बाद दो ट्रैक्टर-ट्राली ग्राम उदयपुर थाना देवरनिया से लूट लिए थे। घटना के कुछ समय बाद उसके साथी दीपक बहेलिया, अजीत बहेलिया, सुरेश, परसेला, श्याम सिंह और चन्द्रपाल को छह ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने दो को दबोचा, एक की हुई मौत
आरोपी ने बताया कि उसके दो साथी जन्डैल और सुजान मध्य प्रदेश के भिण्ड के रहने वाले थे। जिन्हें मध्य प्रदेश से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जबकि, एक साथी राहुल की मौत हो गई थी। लगातार पुलिस की कार्रवाई देखकर वह डर गया था। उसके बाद उसने परिवार सहित नाम पता बदलकर इधर-उधर रहने लगा। साथ ही 16 वर्ष पूर्व वह अपने परिवार सहित राजस्थान जिला अलवर मे जाकर रहने लगा। कुछ समय बाद वंहा ऑटो चलाने लगा था। किसी के नाम पूछने पर अपना नाम मनीष बताता था। आरोपी के खिलाफ अगल-अलग जिलों में कुल तीन आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।
एसटीएफ के एएसपी अब्दुल कादिर ने बताया कि 2009 में डकैती करने में शामिल बदमाश और 50 हजार का इनामी पिछले 16 वर्षों से फरार चल रहा था। एसटीएफ की टीम ने आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार कर ली है। आरोपी को भोजीपुरा पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।