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Bareilly News: स्टेमी विंग संचालन का इंतजार, दिल के मरीजों की दिल्ली तक दौड़ जारी

Fri, 05 Dec 2025 02:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 05 Dec 2025 02:54 AM IST
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Waiting for operation of STEMI wing, race of heart patients to Delhi continues
बरेली। दशकों पुराने जिला अस्पताल में आज भी आईसीयू का इंतजार है। कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से इलाज के लिए पहुंच रहे दिल के मरीजों को लखनऊ, दिल्ली तक दौड़ लगानी पड़ रही है। शासन के निर्देश पर स्टेमी विंग कवायद शुरू हुई, लेकिन संचालन अब तक नहीं हो सका।
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सर्द मौसम में बढ़ती ठंड के साथ हृदय रोगियों की तकलीफ भी बढ़ी है। संसाधन संपन्न लोग शहर समेत महानगरों के निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, लेकिन आर्थिक कमजोर वर्ग के लिए सरकारी अस्पताल ही उम्मीद है। पर हृदय रोग विशेषज्ञ और आईसीयू की सुविधा के अभाव की जानकारी से हृदय रोगी अस्पताल नहीं आ रहे। जो मरीज पहुंचते भी हैं, उन्हें इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर सीधे हायर सेंटर रेफर कर देते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए पिछले दिनों प्रत्येक मंडलीय अस्पताल में स्टेमी विंग संचालन की प्रक्रिया शुरू हुई। ताकि मरीजाें को इलाज मिले।
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इसके लिए हायर सेंटर अलीगढ़ से टेलीमेडिसिन की तर्ज पर मरीजों के हालत और उसके अनुसार दवा, इलाज मुहैया कराने की सहमति बनी। विंग के लिए पैरामेडिकल स्टाफ का प्रशिक्षण हो गया है। शासन से जरूरी दवा और इंजेक्शन भी आ गए हैं, लेकिन अभी इकाई संचालित नहीं है। ब्यूरो
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स्टेमी विंग तैयार, मरीज आएं तो करें इलाज
जिला अस्पताल के प्रभारी एडी एसआईसी डॉ. अजय मोहन का दावा है कि स्टेमी विंग तैयार है, लेकिन अभी तक कोई मरीज नहीं आया इसलिए संचालन नहीं हो सका। अगर कोई मरीज आएगा तो गाइडलाइंस के अनुसार ईसीजी रिपोर्ट अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजकर विशेषज्ञ के परामर्श अनुसार यहां दवा और इलाज मुहैया कराया जाएगा। अगर वेंटिलेटर की जरूरत हुई तो एंबुलेंस से उसे हायर सेंटर भेजा जाएगा।

अस्पताल में सीने में जकड़न, जोड़ों
के दर्द, अस्थमा, सांस के मरीज बढ़े
तापमान में उतार-चढ़ाव से अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में सीने जकड़न, जोड़ों के दर्द, अस्थमा, वायरल बुखार और सांस के मरीजों की तादाद करीब दोगुनी हुई है। डॉ. हरपाल सिंह के मुताबिक सर्दियों में हवा में नमी 90 फीसदी से ज्यादा होती है। जिसमें मौजूद धूल के कण शरीर में पहुंचकर गले के संक्रमण की वजह बनते हैं। एलर्जी से पुराने सांस रोगियों की तकलीफ बढ़ती है। रोजाना डेढ़ सौ मरीज पहुंच रहे हैं।


बच्चों पर बुखार, कोल्ड डायरिया का हमला
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक सर्द मौसम में ओपीडी में बुखार, जुकाम समेत कोल्ड डायरिया के लक्षण वाले बच्चों की कतार बढ़ी है लेकिन हालत गंभीर नहीं मिल रही। बृहस्पतिवार को वार्ड में तेज बुखार, डायरिया की चपेट में रहे आठ बच्चे भर्ती मिले। फरीदपुर चिकित्साधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम के मुताबिक ओपीडी में बच्चे और बुजुर्गों की तादाद बढ़ी है। जरूरी दवाएं, जांच उपकरण मौजूद हैं।
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