{"_id":"5894d7924f1c1bda22e805e1","slug":"vision-is-not-so-and-promises-plenty","type":"story","status":"publish","title_hn":"विजन तो नहीं मिला, वादे खूब हुए ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विजन तो नहीं मिला, वादे खूब हुए
बरेली।
Updated Sat, 04 Feb 2017 01:08 AM IST
विज्ञापन
Vision is not so, and promises plenty
- फोटो : Vision is not so, and promises plenty
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेंट्रल यूपी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने शहरी विकास और औद्योगिकीकरण विषय पर प्रत्याशियों से 17 बिंदुओं पर विकास का एक खाका मांगा था। कार्यक्रम में पहुंचे शहर और कैंट प्रत्याशियों ने कोई विजन नहीं रख पाए, लेकिन वादे खूब किए। मौका मिला तो एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ते रहे। उद्योग बदहाली का रोना रोते रहे। ट्रैफिक, कूड़ा निस्तारण, सफाई, बिजली समस्या, कानून व्यवस्था, अतिक्रमण आदि पर वह कैसे काम करेंगे इसका कोई जवाब प्रत्याशियों के पास नहीं था।
शुक्रवार देर शाम सिविल लाइंस स्थित एक होटल में आयोजित औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास पर प्रत्याशियाें का दृष्टिकोण जानने के लिए आयोजकों ने 17 सूत्रीय अपेक्षाएं सामने रखीं। किसी भी प्रत्याशी ने स्पष्ट जवाब देना तो दूर इसे पढ़ा तक नहीं। मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि यह मंच राजनीतिक नहीं है, इसके बावजूद उन्होंने एक साल से टैक्सटाइल पार्क की फाइल प्रदेश सरकार द्वारा निस्तारित न करने पर कटाक्ष किया। उनका कहना था कि औद्योगिकीकरण, सही सोच और दुरुस्त कानून व्यवस्था से ही संभव है। मेयर डॉ. आईएस तोमर ने बिना किसी लाग लपेट के कहा कि कोई भी जनप्रतिनिधि चुना जाए उसका सीधा सरोकार विकास से होना चाहिए किसी दल विशेष से नहीं। कुछ वक्ताओं ने शहदाना फ्लाईओवर निर्माण पर सराहना जरूर की लेकिन बिजली न मिलने और व्यापारी उत्पीड़न आदि के मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए। सवाल करने वाले भटके भी, लेकिन ज्यादातर लोगाें का कहना था कि पिछले पांच सालाें में कानून व्यवस्था बहुत खराब रही। जनप्रतिनिधि ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। लोगों ने भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम संचालन विमल रेवाड़ी ने किया। संस्था अध्यक्ष और कार्यक्रम प्रायोजक घनश्याम खंडेलवाल ने जनप्रतिनिधियाें और उद्यमियों से रोचक तरीके से संवाद कराया। कार्यक्रम में कैंट से भाजपा प्रत्याशी राजेश अग्रवाल किन्हीं कारणों से नहीं आए।
विज्ञापन
शुक्रवार देर शाम सिविल लाइंस स्थित एक होटल में आयोजित औद्योगिक एवं व्यापारिक विकास पर प्रत्याशियाें का दृष्टिकोण जानने के लिए आयोजकों ने 17 सूत्रीय अपेक्षाएं सामने रखीं। किसी भी प्रत्याशी ने स्पष्ट जवाब देना तो दूर इसे पढ़ा तक नहीं। मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि यह मंच राजनीतिक नहीं है, इसके बावजूद उन्होंने एक साल से टैक्सटाइल पार्क की फाइल प्रदेश सरकार द्वारा निस्तारित न करने पर कटाक्ष किया। उनका कहना था कि औद्योगिकीकरण, सही सोच और दुरुस्त कानून व्यवस्था से ही संभव है। मेयर डॉ. आईएस तोमर ने बिना किसी लाग लपेट के कहा कि कोई भी जनप्रतिनिधि चुना जाए उसका सीधा सरोकार विकास से होना चाहिए किसी दल विशेष से नहीं। कुछ वक्ताओं ने शहदाना फ्लाईओवर निर्माण पर सराहना जरूर की लेकिन बिजली न मिलने और व्यापारी उत्पीड़न आदि के मुद्दे जोरदार तरीके से उठाए। सवाल करने वाले भटके भी, लेकिन ज्यादातर लोगाें का कहना था कि पिछले पांच सालाें में कानून व्यवस्था बहुत खराब रही। जनप्रतिनिधि ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। लोगों ने भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम संचालन विमल रेवाड़ी ने किया। संस्था अध्यक्ष और कार्यक्रम प्रायोजक घनश्याम खंडेलवाल ने जनप्रतिनिधियाें और उद्यमियों से रोचक तरीके से संवाद कराया। कार्यक्रम में कैंट से भाजपा प्रत्याशी राजेश अग्रवाल किन्हीं कारणों से नहीं आए।
विज्ञापन