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’वायरल बीमारियां चाहे इंसानों की हो या पेड़ पौधों की, होम्योपैथी में है कारगर इलाज’

Sat, 11 Apr 2020 01:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2020 01:03 AM IST
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'Viral diseases be it of humans or tree plants, homeopathy is effective cure'
medicine - फोटो : pixa

होम्योपैथी में कोरोना वायरस से बचाव का भी रास्ता, कारगर है आर्सेनिक एलबम

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बरेली। शुक्रवार को विश्व होम्योपैथी दिवस है। कोरोना वायरस के प्रसार से महामारी वाले इस दौर में होम्योपैथी की दवाएं खासी कारगर साबित हो सकती हैं। इनमें आर्सेनिक एलबम बेहतर मानी जा रही है।
होम्योपैथी चिकित्सकों ने भी कहा है कि यह दवा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।

’आखिर क्यों घट रही है लोगों में प्रतिरोधक क्षमता’

अनियमित खानपान, अनिद्रा, दिमागी तनाव और देर रात तक काम करने की आदत से हमारी प्रतिरोधक क्षमता घट रही है। इसके अलावा मौसमी बदलाव के दौरान भी बाहरी बैक्टीरिया व वारयस ज्यादा शक्तिशाली हो जाते हैं। ’होम्योपैथी में जीवनदायनी शक्ति यानी वाइटल फोर्स का सिद्धांत काम करता है’। चूंकि यह पद्धति रोग से ऊपर रोगी को रखती है और इसका मानना है हर व्यक्ति एक अलग इकाई है और सबकी दवा भी अलग है। मानव शरीर हो या पेड़ पौधे सभी का शरीर वाइटल फोर्स से ही कंट्रोल होता है। होम्योपैथी में मरीज को ऐसी दवा दी जाती है जो उसकी वाइटल फोर्स को सही स्थिति में ला देेती है। इंसानों में रोग प्रतिरोधक शक्ति का संतुलन बने रहने से बीमारियां दूर रहती है उसी प्रकार पेड़ पौधों के इम्यून सिस्टम को भी होम्योपैथी संतुलित रखती है और उनमें लगने वाले सामान्य रोगों के अलावा वायरल बीमारियों के उपचार में अभूतपूर्व परिणाम मिलते है। - डॉ. विकास वर्मा

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आर्सेनिक एलबम.30 दवा के सेवन से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इसे दवा को दिन में तीन बार लेना होता है। जरूरत पड़ने पर बाद में कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है। फिर भी यह बीमारी ठीक नहीं होती है तो होम्योपैथी में बीमारी के लक्षणों के आधार पर डॉक्टर दवा खाने की सलाह देते हैं। आमतौर पर एक हफ्ते में व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ हो जाता है। आर्सेनिक एलबम बचाव और इलाज दोनों के लिए ही इस्तेमाल की जा सकती है। - डॉ. प्रवीण गुप्ता
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कोरोना वायरस एक सामान्य वायरल से होने वाला वायरस है और बहुत तेजी से फैल रहा है। यह कम प्रतिरोधक क्षमता वालों में फेफड़ों को प्रभावित करता है। ऐसे में जुकाम, सर्दी, छींक व नाक से पानी आना तथा सिरदर्द होने और बुखार या खांसी को दूर करने के लिए आर्सेनिक एलबम .30 लाभदायक है। संबंधित लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टरों को दिखाना चाहिए। - डॉ. सुधांशु आर्या

कोरोना वायरस के लक्षण पहचानें और रहें सतर्क

. बहुत अधिक खांसी और जुकाम होना।
. शरीर में तेज दर्द के साथ कमजोरी।
. किडनी और लिवर में तकलीफ।
. निमोनिया के लक्षण सामने आना।
. पाचन क्त्रिस्या में तकलीफ शुरू होना।
.अचानक बुखार और सांस लेने में तकलीफ।

बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान

. बार.बार आंख, नाक मुंह छूने से बचें
.सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पहले मास्क पहनें।
.संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर रखें।
.सर्दी, जुकाम, बुखार और कफ होने पर अस्पताल जरूर जाएं।
.20 सेकंड तक साबुन से हाथ धुलें।
. सफाई का विशेष ध्यान रखें।
. एक इंसान से दूसरे में फैलता है।
. मुंह पर मास्क पहनकर रखें, नियमित बदलते रहें।
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