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Bareilly News: विकास भवन के अफसर... समय से नहीं पहुंचते दफ्तर

Tue, 26 Nov 2024 08:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2024 08:01 AM IST
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Vikas Bhavan officers do not reach office on time
बरेली। विकास भवन के कर्मचारी और अफसर समय से दफ्तर नहीं पहुंचते। सरकार जहां जीरो टॉलरेंस की नीति लागू करने का दावा कर रही है, वहीं यहां व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चल रही है। यहां अफसर व कर्मचारी समय के पाबंद नहीं हैं। उनकी मनमानी के कारण बायोमीट्रिक व्यवस्था भी फेल होती दिख रही है। सोमवार सुबह अमर उजाला की टीम विकास भवन में पड़ताल करने पहुंची तो यही हकीकत सामने आई। कई अधिकारियों के कक्ष के दरवाजे तक नहीं खुले थे। कुछ विभागों में दो-चार कर्मचारी ही दिखाई दिए।
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सुबह 10 बजे टीम ने विकास भवन के भूतल का जायजा लिया। जिला कृषि अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और डीपीआरओ अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इनके कार्यालयों का हाल भी काफी खराब मिला। प्रत्येक कार्यालय में दो-चार कर्मचारी ही दिखे। एक-दो कक्ष तो बंद मिले।
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टीम पहली मंजिल पर पहुंची तो वहां सीडीओ जगप्रवेश भी नहीं आए थे। कुछ कर्मचारी उनके कक्ष में इलेक्ट्रॉनिक वस्तु की मरम्मत करवा रहे थे। उनके बगल में परियोजना निदेशक चंद्र प्रकाश, डीआरडीए कार्यालय के अधिकतर कर्मचारी, जिला लोकपाल मनरेगा, उपायुक्त स्वत: रोजगार एनआरएलएम, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एमपी सिंह और डीडीओ कार्यालय के लिपिक महावीर प्रसाद भी नहीं आए थे।
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दूसरी मंजिल पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और सहकारिता विभाग खाली पड़े थे। एक-दो कर्मचारी ही दिखाई दिए। जबकि, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता पीके अग्रवाल, एमके अग्रवाल, अधिशासी अभियंता विनय कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बृजेश सिंह परिहार अपने कक्ष में मौजूद नहीं थे।
अधिकारी पहुंचीं, कर्मचारी नहीं आए
दूसरी मंजिल पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी अर्चना प्रकाश वर्मा अपने कार्यालय में मौजूद मिलीं। सुबह 10:40 बजे वह अपने कार्यालय से निकलकर भूतल की ओर जा रहीं थीं। तब तक उनके वरिष्ठ लिपिक और दो-तीन कर्मचारी कार्यालय नहीं आए थे। एक महिला कर्मचारी बाहर खड़ी होकर मोबाइल पर बात कर रही थीं।
गंदे पड़े हैं शौचालय, बजबजा रहीं नालियां
विकास भवन के भूतल पर बने शौचालय का फर्श गंदा पड़ा था। वॉश बेसिन पान मसाले की पीक से लाल मिला। बाहर भी गंदगी मिली। टंकी टूटी पड़ी थी। उससे लगातार पानी बह रहा था और उसके आसपास काफी गंदगी हो गई थी। पहली और दूसरी मंजिल के शौचालयों का हा भी ऐसा ही मिला। खिड़कियों के शीशे टूटे हुए थे। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के नजदीक बने जूनियर इंजीनियर कक्ष में कबाड़ भर दिया गया है। कक्ष की छत पर जाले लगे हैं। कुर्सी-मेज पर धूल जमी हुई है। दूसरी से तीसरी मंजिल पर जाने के लिए बने जीने पर कार्यालयों का सामान रख दिया गया है। कुछ बक्से और टूटी कुर्सियों का ढेर लगा है। इससे तीसरी मंजिल पर जाने की जगह तक नहीं बची है।
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सुबह एनआईसी में बैठक चल रही थी। उसी में हम, सीडीओ और विकास भवन के कई अधिकारी गए थे। इससे सुबह 10 से 11 बजे तक नहीं मिल पाए होंगे। - बृजेश सिंह परिहार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता

सुबह मुख्य सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग थी। हम और अन्य अधिकारी उसमें शामिल होने गए थे। वैसे हम समय-समय पर कार्यालयों को चेक करते हैं। तीनों फ्लोर पर बायोमीट्रिक मशीनें लगी हैं। अगर अन्य अधिकारी व कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे थे तो बायोमीट्रिक चेक करवाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- जगप्रवेश, सीडीओ
संवाद
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