{"_id":"67df251d2da521efbe0d7735","slug":"vigilance-is-entangled-in-investigation-records-of-27-meters-are-not-available-bareilly-news-c-4-bly1015-604090-2025-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: जांच में उलझी विजिलेंस, 27 मीटरों का नहीं मिल रहा रिकाॅर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: जांच में उलझी विजिलेंस, 27 मीटरों का नहीं मिल रहा रिकाॅर्ड
विज्ञापन
बरेली। संविदाकर्मी के घर से बरामद बिजली के मीटरों में 27 ऐसे हैं, जिनका रिकाॅर्ड नहीं मिल रहा है। इनमें से ज्यादातर मीटर 10 से 15 किलोवाट वाले कनेक्शन के हैं। अब जांच की जा रही है कि आखिर इन मीटरों का रिकाॅर्ड कैसे गायब हो गया।
विजिलेंस टीम ने बुधवार को फरीदपुर के मोहल्ला कानूनगोयान में छापा मारकर संविदा लाइनमैन रोहताश शर्मा उर्फ लाल करन के घर से 98 मीटर बरामद किए थे। ये मीटर वर्ष 2019 से 2024 के बीच जारी किए गए थे। चार दिन में 50 मीटरों की ही जांच हो सकी है। इनके सीरियल और सीलिंग नंबरों का मिलान हो गया है। सीओ विजिलेंस मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि सोमवार को इस संबंध में रिपोर्ट बिजली निगम के मुख्य अभियंता को भेज दी जाएगी। फरीदपुर उपखंड से भी मीटरों का रिकाॅर्ड निकलवाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से 2024 तक विद्युत वितरण खंड द्वितीय और उपखंड फरीदपुर में तैनात रहे अभियंताओं का ब्योरा जुटाया जाएगा। जांच पूरी होने में अभी दो से तीन दिन का समय लग सकता है। इसके बाद इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम उजागर किए जाएंगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विजिलेंस टीम ने बुधवार को फरीदपुर के मोहल्ला कानूनगोयान में छापा मारकर संविदा लाइनमैन रोहताश शर्मा उर्फ लाल करन के घर से 98 मीटर बरामद किए थे। ये मीटर वर्ष 2019 से 2024 के बीच जारी किए गए थे। चार दिन में 50 मीटरों की ही जांच हो सकी है। इनके सीरियल और सीलिंग नंबरों का मिलान हो गया है। सीओ विजिलेंस मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि सोमवार को इस संबंध में रिपोर्ट बिजली निगम के मुख्य अभियंता को भेज दी जाएगी। फरीदपुर उपखंड से भी मीटरों का रिकाॅर्ड निकलवाया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से 2024 तक विद्युत वितरण खंड द्वितीय और उपखंड फरीदपुर में तैनात रहे अभियंताओं का ब्योरा जुटाया जाएगा। जांच पूरी होने में अभी दो से तीन दिन का समय लग सकता है। इसके बाद इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम उजागर किए जाएंगे। संवाद
विज्ञापन