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UP: धार्मिक ग्रंथ जलाने का वीडियो वायरल, बाकरगंज में हंगामा; एक ही समुदाय से जुड़ा है मामला

Sat, 22 Jun 2024 11:28 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 22 Jun 2024 11:28 AM IST
सार

बरेली में शुक्रवार शाम ढले मुस्लिम समुदाय के ही कुछ लोग एक वीडियो लेकर पुलिस के पास पहुंचे और खलील अहमद पर धार्मिक ग्रंथ जलाने का आरोप लगाया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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Video of burning of religious texts viral in Bareilly, uproar in Bakarganj
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के बाकरगंज स्थित कर्बला परिसर में कूड़े के साथ धार्मिक ग्रंथ जलाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद भीड़ ने इंतजामियां कमेटी के अध्यक्ष को घेर लिया। पुलिस ने बमुश्किल उन्हें बचाकर सुरक्षा में लिया। लोगों ने तीखा विरोध जताया। 
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दरगाह प्रबंधन के हस्तक्षेप से मामला फिलहाल सुलटा लिया गया। ईदगाह परिसर में एक ओर कर्बला में ताजियों को दफनाया जाता है। इस परिसर में पिछले दिनों इंतजामियां कमेटी के अध्यक्ष खलील अहमद ने कूड़ा एकत्र कर जलाया था। 
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शुक्रवार शाम ढले मुस्लिम समुदाय के ही कुछ लोग एक वीडियो लेकर पुलिस के पास पहुंचे और खलील अहमद पर धार्मिक ग्रंथ जलाने का आरोप लगाया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इससे मुस्लिम समाज के लोग आक्रोशित हो गए। बाकरगंज पुलिस चौकी के बाहर सैकड़ों लोगों ने हंगामा करते हुए नारेबाजी की। लोग खलील की तलाश करने लगे।
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मामला बढ़ता देख पुलिस ने खलील अहमद को तलाशकर अपनी सुरक्षा में ले लिया। थाने के ही एक हिस्से में खलील को छुपा दिया गया। इस बीच सीओ टू संदीप सिंह व किला थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह की सूचना पर एसएसपी ने आसपास के थानों की पुलिस भेज दी। 

सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव ने भी मौके पर पहुंचकर भीड़ को समझाया। कहा कि वह लोग जो तहरीर देंगे, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद भीड़ चौकी और थाने में डटी रही। काफी देर बाद लोग लौट गए। किसी ने कोई तहरीर नहीं दी।

दरगाह प्रबंधन ने भेजी टीम
धर्मग्रंथ जलाने को लेकर लोगों का गुस्सा शांत कराने के लिए दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा के सदस्य भी चौकी और थाने पहुंच गए। प्रतिनिधिमंडल ने सीओ व इंस्पेक्टर से बात की। कहा कि आपसी मामला है। हम लोग कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।

 

दफनाने के बजाय आग लगाने से भड़के
मुस्लिम समाज के जानकारों ने बताया कि धर्मग्रंथ की प्रतियां जब पढ़ने लायक नहीं रह जातीं या खराब हो जाती हैं तो उन्हें कर्बला में दफन कर दिया जाता है। लोगों में गुस्सा इस बात पर था कि खलील ने उसे जला क्यों दिया? वहीं खलील ने सफाई दी कि पांच जून को उन्होंने कूड़े में आग लगाई और घर चले गए थे। उस वक्त ऐसा कोई धर्मग्रंथ नहीं जलाया गया। इसमें किसी ने शरारत की है। फिर भी खलील ने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचने पर माफी मांग ली।

 

मेले की कमाई को लेकर है विवाद
सूत्रों के मुताबिक ईदगाह पर लगने वाले मेलों से इंतजामियां कमेटी को काफी आय होती है। पिछले साल डॉ. सरताज इस कमेटी के सदर थे। तब उन पर आरोप लगाकर उन्हें और चार अन्य लोगों को कमेटी से बाहर कर दिया गया। अब कमान खलील अहमद के हाथ में है। अब फिर ईदगाह पर मेला लगने वाला है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक खलील व सरताज दोनों गुटों में अंदरखाने विवाद है।

 

धर्मग्रंथ के पेज जलाने का दावा कर एक वीडियो सामने आने के बाद लोग गुस्सा गए थे। उन्हें मना लिया गया। दरगाह कमेटी के लोगों ने आकर भी कार्रवाई से इन्कार किया। दोनों पक्षों में से किसी ने तहरीर ही नहीं दी। मौके पर शांति कायम है। - संदीप सिंह, सीओ द्वितीय
 
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