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शातिर फर्जी आईपीएस.. वित्त मंत्री के हाथों हो गया सम्मानित
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वित्त मंत्री से सम्मान पाता ठग दिलीप चौहान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
कई पुलिस अधिकारियों से थी फर्जी आईपीएस की नजदीकियां
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शाम को घर पर आया करते थे अधिकारी, रुतबे में रहता था विनोद
बरेली। दरोगा और सिपाही पद पर भर्ती कराने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले फर्जी आईपीएस ने अपनी धमक बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री के हाथों सम्मानित होने की भी जोड़तोड़ कर ली। बताया जा रहा है कि उसने कई पुलिस अधिकारियों से भी नजदीकी बना रखी थी।
फर्जी आईपीएस बनकर दिलीप सिंह चौहान ने कई लोगों को पुलिस की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा है। दिलीप सिंह खुद को समाजसेवी भी बताता था। एक कार्यक्रम में उसने वित्तमंत्री सुरेश खन्ना के हाथों सम्मानित होने की भी जोड़तोड़ कर ली। इस कार्यक्रम में तमाम अधिकारी और बड़े नेता शामिल थे। मंत्री के हाथों सम्मानित होने का फोटो भी दिलीप चौहान ने फेसबुक पर डाल रखा है।
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कई पुलिस अधिकारियों का भी दिलीप के घर आना जाना था। उसके हाथों ठगी के शिकार अरुण सिंह ने बताया कि वह दो-तीन बार रामपुर बाग में उसके घर गए। यहां उन्हें दो बार शहर के बड़े पुलिस अधिकारी दिखे। दिलीप लखनऊ के भी कई अधिकारियों से बातचीत करता था। उसके घर पर आए दिन इंस्पेक्टर, दरोगा समेत कोई न कोई पुलिस वाला दिखता था। बताया जा रहा है कि दिलीप ने कई इंस्पेक्टर और दरोगाओं तक से तबादले के नाम पर रुपये ले लिए थे।
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शाम को घर पर आया करते थे अधिकारी, रुतबे में रहता था विनोद बरेली। दरोगा और सिपाही पद पर भर्ती कराने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले फर्जी आईपीएस ने अपनी धमक बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री के हाथों सम्मानित होने की भी जोड़तोड़ कर ली। बताया जा रहा है कि उसने कई पुलिस अधिकारियों से भी नजदीकी बना रखी थी।
फर्जी आईपीएस बनकर दिलीप सिंह चौहान ने कई लोगों को पुलिस की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा है। दिलीप सिंह खुद को समाजसेवी भी बताता था। एक कार्यक्रम में उसने वित्तमंत्री सुरेश खन्ना के हाथों सम्मानित होने की भी जोड़तोड़ कर ली। इस कार्यक्रम में तमाम अधिकारी और बड़े नेता शामिल थे। मंत्री के हाथों सम्मानित होने का फोटो भी दिलीप चौहान ने फेसबुक पर डाल रखा है।
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कई पुलिस अधिकारियों का भी दिलीप के घर आना जाना था। उसके हाथों ठगी के शिकार अरुण सिंह ने बताया कि वह दो-तीन बार रामपुर बाग में उसके घर गए। यहां उन्हें दो बार शहर के बड़े पुलिस अधिकारी दिखे। दिलीप लखनऊ के भी कई अधिकारियों से बातचीत करता था। उसके घर पर आए दिन इंस्पेक्टर, दरोगा समेत कोई न कोई पुलिस वाला दिखता था। बताया जा रहा है कि दिलीप ने कई इंस्पेक्टर और दरोगाओं तक से तबादले के नाम पर रुपये ले लिए थे।