UPSC: मां बनना चाहती थीं IAS, बेटी ने साकार किया सपना; पढ़ें- 23 वर्षीय अदिति की सफलता की कहानी
अदिति वार्ष्णेय ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 57वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी मां ने आईएएस बनने का सपना देखा। उन्हीं के सपने को साकार करने के लिए अदिति ने तैयारी शुरू की थी।
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बरेली के चौपुला रोड स्थित बिहारीपुर की रहने वाली अदिति वार्ष्णेय ने पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में 57वीं रैंक हासिल कर देश में शहर का मान बढ़ाया है। अदिति ने बताया कि मां आईएएस बनना चाहती थीं। उन्हीं के सपने को साकार करने के लिए तैयारी शुरू की थी।
अदिति ने बताया कि पिता दिनेश वार्ष्णेय की बिहारीपुर में कपड़े की दुकान है। मां इंदू वार्ष्णेय गृहिणी हैं। तीन भाई बहन में वे सबसे बड़ी हैं। हाईस्कूल और इंटर तक की पढ़ाई विशप कोनराड स्कूल से की थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के जीसस एंड मैरी कॉलेज से बीए ऑनर्स की डिग्री हासिल करने के बाद परास्नातक की पढ़ाई के लिए कॉलेज में प्रवेश लिया। उसे बीच में ही छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू की।
कुछ दिन की कोचिंग, फिर सेल्फ स्टडी
अदिति वार्ष्णेय ने बताया कि लक्ष्य आईएएस बनने का था इसलिए स्नातक के दौरान ही कुछ दिन तक दिल्ली की एक कोचिंग से गाइडेंस ली। हालांकि, कुछ दिन बाद ही कोचिंग छोड़कर सेल्फ स्टडी शुरू की। यूपीएससी की परीक्षा समाजशास्त्र विषय से दी।
नतीजा रहा कि महज 23 वर्ष की उम्र में ही आईएएस बनने का सपना पूरा होने जा रहा है। बताया कि पढ़ाई के लिए उन्होंने अलग से कोई तैयारी नहीं की। बल्कि लक्ष्य साधा, अनुशासन व सकारात्मक विचार के साथ पढ़ाई जारी रखी और सफलता हासिल की है।
उधर, बेटी की सफलता से पिता का हृदय गदगद है। बोले- उनके खानदान में पहली बार किसी को सरकारी नौकरी मिलेगी और वह भी आईएएस की। आईएएस बनने की ललक देखकर उन्हें आभास था कि एक बार में न सही पर आगे सफलता जरूर मिलेगी।
प्रेक्षा अग्रवाल ने छोड़ दी थी डिफेंस की नौकरी
सैदपुर हॉकिन्स के अंबिका आवास कॉलोनी की रहने वाली प्रेक्षा अग्रवाल ने आखिरकार चौथे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा न सिर्फ क्रैक की बल्कि 30वी रैंक हासिल कर आईएएस कैडर हासिल करने में भी सफल रही हैं। इन्होंने पिछली यूपीएससी परीक्षा में भी 303वीं रैंक हासिल की थी। मगर इंडियन डिफेंस सर्विस कैडर मिलने से उन्होंने दोबारा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।
प्रेक्षा ने बताया कि उनकी हाईस्कूल और इंटर तक की पढ़ाई हार्टमन कॉलेज से हुई थी। दोनों ही परीक्षा में वह जिला स्तर पर टॉपर रहीं। इसके बाद एनआईटी भोपाल से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। मां संगीता अग्रवाल एलआईसी में असिस्टेंट ऑफिसर हैं।
बीएसएनल से सेवानिवृत्त पिता पियूष कांत अग्रवाल ने बताया कि बिटिया के शैक्षिक प्रदर्शन को देखते हुए दोनों को उम्मीद थी कि वह आईएएस बनकर समाज की सेवा करेगी। बीटेक पढ़ाई के साथ ही, प्रेक्षा ने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। दो प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंची थी। तीसरे में इंटरव्यू भी क्लियर हुआ। पर डिफेंस कैडर मिला तो उन्होंने दोबारा तैयारी का सुझाव दिया।
कड़ी मेहनत का नतीजा रहा कि प्रेक्षा ने इस बार 30वीं रैंक हासिल कर देश में बरेली का मान बढ़ाया है। तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को प्रेक्षा ने बताया है कि वह लक्ष्य तय करें और कड़ी मेहनत के साथ पढ़ाई करें। भटकाव न हो और सफलता जरूरी मिलेगी इसका भरोसा रखें, तभी सफलता मिलेगी। अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अभिभावक को दिया है। स्वामी विवेकानंद उनके प्रेरणास्रोत रहे।