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Bareilly News: गृहकर पर हंगामा, पार्षदों के लिए नगर निगम ने खोला खजाना

Sun, 30 Mar 2025 02:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 30 Mar 2025 02:42 AM IST
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Uproar over house tax, Municipal Corporation opens treasury for councillors
हंगामे भरी बोर्ड बैठक में 833 करोड़ का बजट पारित, पार्षद अब 50 लाख की जगह एक करोड़ के काम कराएंगे, सही जवाब न देने के आरोप के साथ सदन से बाहर आए दो पार्षद
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बरेली। नगर निगम बोर्ड की हंगामे भरी बैठक में साल 2025-26 के लिए 833 करोड़ रुपये का बजट पारित हो गया। बैठक में गृहकर-संपत्तिकर के बिलों में त्रुटियों और भ्रष्टाचार के सवाल पर हंगामा हुआ। इस दौरान पार्षदों के हक में अहम फैसला हुआ। अब तक पार्षद की संस्तुति पर पचास लाख रुपये के सालाना काम होते थे अब एक करोड़ रुपये के विकास कार्य हो सकेंगे। पार्षदों ने ध्वनिमत से इस प्रस्ताव को पारित किया। पार्कों पर चार करोड़ के स्थान पर 12 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया गया। इसमें राज्य सरकार का अनुदान और नगर निगम की निधि का बजट शामिल है।
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नगर निगम के सभागार में शनिवार सुबह 11.4 बजे बोर्ड की विशेष बजट बैठक शुरू हुई। बंदरों और कुत्तों को पकड़ने में खेल तथा गृहकर, संपत्ति कर के निर्धारण और उसके बिलों की त्रुटियों के निस्तारण में परेशानी पर पार्षद छंगामल मौर्य, सतीश कातिब मम्मा ने अधिकारियों को सवालों के घेरे में लिया। पार्षद राजेश अग्रवाल टैक्स के मुद्दे पर सबसे अधिक मुखर रहे। उन्होंने स्वकर कर के फॉर्म जमा न करने पर विरोध किया तो महापौर ने एक अप्रैल के बाद भी स्वकर के फॉर्म जमा कराने की बात कही। साथ ही खाली कॉमर्शियल भवन पर कर लगाने का मुद्दा सामने आने पर तय हुआ कि खाली भवन पर आवासीय दर से कर लिया जाएगा। बजट प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान सड़क निर्माण पर 67 के स्थान पर 72 करोड़ रुपये नगर निगम निधि से व्यय करने का निर्णय लिया गया। पार्षद कपिलकांत ने कहा कि नगर निगम के आंकड़े बताते हैं कि 2022-23 में डोर- टू-डोर कलेक्शन से 3.82 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी, लेकिन 2023-24 में अब तक सिर्फ 2.84 करोड़ मिले। मार्च तक 26 करोड़ और मिल सकते हैं पर ये कम है, क्योंकि जीआईएस सर्वे से मकानों की संख्या बढ़ी है फिर आमदनी क्यों घटी है। इस मुद्दे पर महापौर ने पार्षद से कहा अभी बैठ जाएं जवाब मिलेेगा। पार्षद आरोप लगाने लगे। तब तक पार्षद जयप्रकाश ने एक होटल के संपत्तिकर के बिल को 3.5 करोड़ से घटाकर 1.5 करोड़ किए जाने के मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी प्रदीप कुमार मिश्रा ने जवाब दिए लेकिन दूसरे पार्षद भी बोलने लगे तो शोर शराबा होने लगा और और बैठक खत्म होने से पहले ही दोनों पार्षदों ने वाकआउट कर दिया। लेखाधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि 604 करोड़ रुपये आमदनी और 765 करोड़ रुपये के व्यय के प्रावधान के साथ 833 करोड़ रुपये का बजट पारित हुआ है। उन्होंने बताया कि नगर निगम के पास बीते साल का 229 करोड़ रुपये अवशेष है। अगर इसको आय में जोड़ते हैं तो व्यय के बाद भी 67 करोड़ रुपये बच जाएंगे जो अगले वित्तीय वर्ष में व्यय के लिए चले जाएंगे। ब्यूरो
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बजट में शहर के विकास का ध्यान रखा गया है। सड़कों के लिए नगर निधि से आठ करोड़ रुपये का व्यय बढ़ाया है। पार्कों को सजाने संवारने पर भी व्यय तीन गुना किया है। पार्षदों की संस्तुति पर दो बार में 50-50 लाख रुपये के विकास कार्य होंगे। - उमेश गौतम, महापौर

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कर वसूली के सिस्टम को ठीक करने के लिए एकल खिड़की बनाने, सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए डोर-टू-डोर का कवरेज बढ़ाने, संसाधनों की कमी दूर करने, बंदरों को अधिक संख्या में पकड़वाने और कुत्तों के बधियाकरण बढ़ाने के निर्णय बोर्ड में लिए गए हैं। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
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