{"_id":"57951b6a4f1c1b4032c4c5c4","slug":"up-will-form-a-government-of-all-caste-raj-babbar","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी में सभी जाति-धर्म की सरकार बनाएंगे: राजबब्बर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी में सभी जाति-धर्म की सरकार बनाएंगे: राजबब्बर
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 25 Jul 2016 01:17 AM IST
विज्ञापन
यात्रा में राज बब्बर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘27 साल यूपी बेहाल’ यात्रा लेकर रविवार को यहां पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने कहा कि कांग्रेस के बाद यूपी में पिछले 27 सालों में सपा, बसपा और भाजपा ने जाति और मजहब की सरकारें बनाईं हैं और जनता के बीच जाति, मजहब की दीवारें खड़ी कर दीं। इसी का नतीजा है कि यूपी बहुत पिछड़ गया है। इसीलिए अब हम उत्तर प्रदेश में सभी जाति और मजहब की सरकार बनाने निकले हैं। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और भाजपा का चरित्र भलीभांति जान चुकी जनता इस बार कांग्रेस को पूर्ण बहुमत देकर अपनी सरकार बनाएगी। राजबब्बर के साथ प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद समेत कई नेता यात्रा में शामिल थे। बरेली के बाद रात करीब दस बजे यात्रा शाहजहांपुर पहुंची। टाउनहाल में जनसभा को संबोधित करते हुए गुलाम नबी आजाद ने कहा कि 27 सालों में उत्तर प्रदेश की काफी दुर्दशा हो गई है। इसे कांग्रेस ही दूर करेगी।
रविवार को दोपहर करीब दो बजे मुरादाबाद से रामपुर के रास्ते बरेली सीमा में प्रवेश करते ही कांग्रेस की यात्रा का स्वागत शुरू हो गया। शहर में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति के चेयरमैन पीएल पूनिया, पार्टी नेता राजीव शुक्ला और प्रमोद तिवारी के साथ बरेली पहुंचे राजबब्बर ने यहां चौपुला के पास नुक्कड़ सभा मेें कहा कि यूपी की राजनीति में हावी रहे गैर कांग्रेसी दल जाति और मजहब के बाद अब गाली गलौज की राजनीति पर रोटियां सेंक रहे हैं। इन्हें नहीं मालूम कि मां और बेटी जैसे रिश्तों का कोई जाति या मजहब नहीं होता। इन रिश्तों के बारे में गलत बोलना घोर निंदनीय है।
इससे पहले नेशनल हाइवे पर मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बहू-बेटियों को बेइज्जत करने की ओछी राजनीति से बसपा-भाजपा के असली चेहरे उजागर हो गए हैं। भाजपा-बसपा-सपा सरकारों ने मजहब-जातिवाद की सियासत कर 27 सालों में यूपी को बेहाल कर डाला है। शनिवार को गढ़ मुक्तेश्वर से लौटीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित रविवार को भी यात्रा में शामिल नहीं हुईं जबकि स्वागत के दौरान लोग उनका इंतजार करते रहे। पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन के नेतृत्व में भी भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया गया।
विज्ञापन
रात करीब दस बजे यात्रा ने शाहजहांपुर जिले में प्रवेश किया। शहर में रोड शो के बाद टाउन हाल में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस सूबे में नफरत की दीवारों को गिराने के लिए यह यात्रा लेकर सूबे में निकली है। उन्होंने अपील की कि इस बार जाति-धर्म नहीं, जनता की सरकार बनाएं। कहा कि कांग्रेस को इस यात्रा के दौरान नया यूपी देखने को मिला है। आजाद ने कहा कि भाजपा ने लोगों को धर्म के नाम पर बांटा और दूसरे क्षेत्रीय दलों ने लोगों को जाति के नाम पर विभाजित किया। एक ही परिवार के 20-20 लोग मंत्री, सांसद और पदाधिकारी बने बैठे हैं। उधर, प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर शाहजहांपुर की जनसभाओं में शामिल नहीं हो पाए। आजाद के निकलने के बाद मीरानपुर कटरा और तिलहर में राजबब्बर थोड़ी-थोड़ी देर रुके और लोगों से कांग्रेस का साथ देने की अपील की। तिलहर में कार्यकर्ताओं ने आजाद के निकलने के बाद राजबब्बर से रूबरू कराने की मांग करते हुए यात्रा में शामिल वाहनों को रोक लिया। पुलिस ने काफी मशक्कत करने के बाद लोगों को हटाकर फंसे वाहनों को निकलवाया। आजाद ने कहा कि रविवार को सिर्फ छह जनसभाओं का कार्यक्रम था लेकिन भीड़ उमड़ने की वजह से जगह-जगह रुककर 40 जनसभाएं करनी पड़ीं। इसी वजह से राजबब्बर और उन्हें दो अलग-अलग टीमें बनानी पड़ीं।
विज्ञापन
रविवार को दोपहर करीब दो बजे मुरादाबाद से रामपुर के रास्ते बरेली सीमा में प्रवेश करते ही कांग्रेस की यात्रा का स्वागत शुरू हो गया। शहर में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति के चेयरमैन पीएल पूनिया, पार्टी नेता राजीव शुक्ला और प्रमोद तिवारी के साथ बरेली पहुंचे राजबब्बर ने यहां चौपुला के पास नुक्कड़ सभा मेें कहा कि यूपी की राजनीति में हावी रहे गैर कांग्रेसी दल जाति और मजहब के बाद अब गाली गलौज की राजनीति पर रोटियां सेंक रहे हैं। इन्हें नहीं मालूम कि मां और बेटी जैसे रिश्तों का कोई जाति या मजहब नहीं होता। इन रिश्तों के बारे में गलत बोलना घोर निंदनीय है।
विज्ञापन
इससे पहले नेशनल हाइवे पर मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी कस्बे में नुक्कड़ सभाओं को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बहू-बेटियों को बेइज्जत करने की ओछी राजनीति से बसपा-भाजपा के असली चेहरे उजागर हो गए हैं। भाजपा-बसपा-सपा सरकारों ने मजहब-जातिवाद की सियासत कर 27 सालों में यूपी को बेहाल कर डाला है। शनिवार को गढ़ मुक्तेश्वर से लौटीं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित रविवार को भी यात्रा में शामिल नहीं हुईं जबकि स्वागत के दौरान लोग उनका इंतजार करते रहे। पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन के नेतृत्व में भी भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया गया।
विज्ञापन
रात करीब दस बजे यात्रा ने शाहजहांपुर जिले में प्रवेश किया। शहर में रोड शो के बाद टाउन हाल में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस सूबे में नफरत की दीवारों को गिराने के लिए यह यात्रा लेकर सूबे में निकली है। उन्होंने अपील की कि इस बार जाति-धर्म नहीं, जनता की सरकार बनाएं। कहा कि कांग्रेस को इस यात्रा के दौरान नया यूपी देखने को मिला है। आजाद ने कहा कि भाजपा ने लोगों को धर्म के नाम पर बांटा और दूसरे क्षेत्रीय दलों ने लोगों को जाति के नाम पर विभाजित किया। एक ही परिवार के 20-20 लोग मंत्री, सांसद और पदाधिकारी बने बैठे हैं। उधर, प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर शाहजहांपुर की जनसभाओं में शामिल नहीं हो पाए। आजाद के निकलने के बाद मीरानपुर कटरा और तिलहर में राजबब्बर थोड़ी-थोड़ी देर रुके और लोगों से कांग्रेस का साथ देने की अपील की। तिलहर में कार्यकर्ताओं ने आजाद के निकलने के बाद राजबब्बर से रूबरू कराने की मांग करते हुए यात्रा में शामिल वाहनों को रोक लिया। पुलिस ने काफी मशक्कत करने के बाद लोगों को हटाकर फंसे वाहनों को निकलवाया। आजाद ने कहा कि रविवार को सिर्फ छह जनसभाओं का कार्यक्रम था लेकिन भीड़ उमड़ने की वजह से जगह-जगह रुककर 40 जनसभाएं करनी पड़ीं। इसी वजह से राजबब्बर और उन्हें दो अलग-अलग टीमें बनानी पड़ीं।