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स्कूल बंद करके तो नहीं भेज पाएंगे शिक्षक
बरेली
Updated Mon, 23 Feb 2015 01:21 AM IST
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यूपी बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों की भारी कमी के बीच बीएसए ने डीआईओएस की डिमांड के मुताबिक सारे शिक्षक भेजने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि डीआईओएस ने जितने शिक्षक मांगे हैं, अगर सब भेज देंगे तो बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल बंद करने की नौबत आ जाएगी।
शहर के यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी बहुत ज्यादा है। इस कारण केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा कराने से असमर्थता जाहिर कर रहे हैं। डीआईओएस का कहना है कि परिषदीय शिक्षकों के न आने से यह दिक्कत है। स्थिति यह है कि शहर के 35 केंद्रों पर 650 परिषदीय शिक्षकों की डिमांड की गई थी। खंड शिक्षाधिकारी नगर नरेंद्र पवार ने बताया कि शहर में सिर्फ 323 शिक्षक ही कार्यरत हैं, उनमें भी लगभग 23 छुट्टी पर हैं और शहर के 126 स्कूलों को खुलवाने के लिए एक-एक शिक्षक की संख्या के लिहाज से 160 शिक्षक छोड़कर बाकी 140 शिक्षक बोर्ड परीक्षा के लिए रिलीव किए जा चुके हैं। अब शिक्षकों की व्यवस्था कैसे करें, समझ नहीं आ रहा है। बीएसए देवेंद्र स्वरूप सचान कहते हैं कि मुश्किल यही है, स्कूल बंद करके तो बोर्ड परीक्षा के लिए शिक्षक नहीं भेजे जा सकते। उन्होंने कहा कि डीआईओएस ने परिषदीय शिक्षकों की उपलब्धता जाने बगैर ही बहुत ज्यादा शिक्षकों की डिमांड कर ली है और इतने शिक्षक देना संभव नहीं है। समाधान के लिए वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को भेजने की कोशिश करेंगे। बोले- डीआईओएस को माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को केंद्रों पर भिजवाकर परीक्षा करानी चाहिए।
कैसे होंगी परीक्षाएं
बीएसए के हाथ खड़े कर देने से अब बोर्ड परीक्षाओं पर संकट की स्थिति बन गई है। केंद्र व्यवस्थापक समझ नहीं पा रहे हैं कि शिक्षकों की व्यवस्था कैसे करें। दिक्कत यह है कि माध्यमिक विद्यालयों के पास शिक्षक बहुत कम हैं। 14 सौ शिक्षक ही हैं। डीआईओएस के मुताबिक इनमें से अधिकतर तो पहले ही केंद्रों पर लगाए जा चुके हैं इसलिए साढ़े तीन हजार शिक्षक बेसिक के मांगे गए थे।
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वर्जन...
सारे शिक्षक यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए भेज देंगे तो हमारे स्कूल कैसे खुलेंगे। इतने शिक्षक डीआईओएस को लगाने नहीं चाहिए थे। उन्होंने पहले मशविरा किया होता तो यह दिक्कत नहीं आती।
-देवेंद्र स्वरूप् सचान, बीएसए
अगर बीएसए शिक्षकों की व्यवस्था नहीं करेंगे तो स्थिति से प्रशासन और शासन को अवगत करा दिया जाएगा। हालांकि बीएसए ने सोमवार की परीक्षा के लिए शिक्षक भेजने की बात कही है।
-डॉ. आशुतोष भारद्वाज, डीआईओएस
बिना शिक्षकों के केंद्र व्यवस्था परीक्षा नहीं करा सकते। डीआईओएस से कह दिया है कि अगर अब केंद्रों पर शिक्षक नहीं आए तो दिक्कत होगी। केंद्र व्यवस्थापक शिक्षकों की कमी से नकल कैसे रोक पाएंगे।
-डॉ. राजेंद्र कुमार गंगवार, जिलाध्यक्ष- माशिसं शर्मा गुट
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शहर के यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की कमी बहुत ज्यादा है। इस कारण केंद्र व्यवस्थापक परीक्षा कराने से असमर्थता जाहिर कर रहे हैं। डीआईओएस का कहना है कि परिषदीय शिक्षकों के न आने से यह दिक्कत है। स्थिति यह है कि शहर के 35 केंद्रों पर 650 परिषदीय शिक्षकों की डिमांड की गई थी। खंड शिक्षाधिकारी नगर नरेंद्र पवार ने बताया कि शहर में सिर्फ 323 शिक्षक ही कार्यरत हैं, उनमें भी लगभग 23 छुट्टी पर हैं और शहर के 126 स्कूलों को खुलवाने के लिए एक-एक शिक्षक की संख्या के लिहाज से 160 शिक्षक छोड़कर बाकी 140 शिक्षक बोर्ड परीक्षा के लिए रिलीव किए जा चुके हैं। अब शिक्षकों की व्यवस्था कैसे करें, समझ नहीं आ रहा है। बीएसए देवेंद्र स्वरूप सचान कहते हैं कि मुश्किल यही है, स्कूल बंद करके तो बोर्ड परीक्षा के लिए शिक्षक नहीं भेजे जा सकते। उन्होंने कहा कि डीआईओएस ने परिषदीय शिक्षकों की उपलब्धता जाने बगैर ही बहुत ज्यादा शिक्षकों की डिमांड कर ली है और इतने शिक्षक देना संभव नहीं है। समाधान के लिए वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को भेजने की कोशिश करेंगे। बोले- डीआईओएस को माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को केंद्रों पर भिजवाकर परीक्षा करानी चाहिए।
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कैसे होंगी परीक्षाएं
बीएसए के हाथ खड़े कर देने से अब बोर्ड परीक्षाओं पर संकट की स्थिति बन गई है। केंद्र व्यवस्थापक समझ नहीं पा रहे हैं कि शिक्षकों की व्यवस्था कैसे करें। दिक्कत यह है कि माध्यमिक विद्यालयों के पास शिक्षक बहुत कम हैं। 14 सौ शिक्षक ही हैं। डीआईओएस के मुताबिक इनमें से अधिकतर तो पहले ही केंद्रों पर लगाए जा चुके हैं इसलिए साढ़े तीन हजार शिक्षक बेसिक के मांगे गए थे।
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वर्जन...
सारे शिक्षक यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए भेज देंगे तो हमारे स्कूल कैसे खुलेंगे। इतने शिक्षक डीआईओएस को लगाने नहीं चाहिए थे। उन्होंने पहले मशविरा किया होता तो यह दिक्कत नहीं आती।
-देवेंद्र स्वरूप् सचान, बीएसए
अगर बीएसए शिक्षकों की व्यवस्था नहीं करेंगे तो स्थिति से प्रशासन और शासन को अवगत करा दिया जाएगा। हालांकि बीएसए ने सोमवार की परीक्षा के लिए शिक्षक भेजने की बात कही है।
-डॉ. आशुतोष भारद्वाज, डीआईओएस
बिना शिक्षकों के केंद्र व्यवस्था परीक्षा नहीं करा सकते। डीआईओएस से कह दिया है कि अगर अब केंद्रों पर शिक्षक नहीं आए तो दिक्कत होगी। केंद्र व्यवस्थापक शिक्षकों की कमी से नकल कैसे रोक पाएंगे।
-डॉ. राजेंद्र कुमार गंगवार, जिलाध्यक्ष- माशिसं शर्मा गुट